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सरकारी उदासीनता से हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं

Updated at : 14 Sep 2025 7:59 PM (IST)
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सरकारी उदासीनता से हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं

जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन में हुआ हिंदी दिवस का आयोजन दीपक 34 उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन ने नया टोला स्थित थियोसोफिकल लाॅज में व्याख्यानमाला आयोजित की. अध्यक्षता

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जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन में हुआ हिंदी दिवस का आयोजन दीपक 34 उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन ने नया टोला स्थित थियोसोफिकल लाॅज में व्याख्यानमाला आयोजित की. अध्यक्षता चित्तरंजन सिन्हा कनक ने की. अतिथियों का स्वागत सम्मेलन के प्रधानमंत्री उदय नारायण सिंह ने किया. कहा कि हिंदी आज तक राष्ट्रभाषा इसलिये नहीं बनी कि सरकार में बैठे लोगों में इच्छा शक्ति का अभाव है, आज देश को आजाद हुए 78 वर्ष हो गये, लेकिन हिंदी राजभाषा से राष्ट्रभाषा नहीं बन पायी. चित्तरंजन सिन्हा कनक ने कहा कि हिंदी को राष्ट्रभाषा का अबतक दर्ज़ा नहीं दिया जाना, निंदनीय है. डॉ शारदाचरण, डाॅ विनोद सिन्हा, प्रमोद नारायण मिश्र, डॉ हरि किशोर सिंह, मधु मंगल ठाकुर, उमानाथ सिंह, उमाशंकर चौरसिया, नीरज, देवेंद्र प्रसाद व अमृत मणि ने विचार रखे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vinay Kumar

लेखक के बारे में

By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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