कांके CO ने जमीन के डाटा से की छेड़छाड़, हटाया कमलेश का नाम, 20 में से 17 मामलों के डाटा डिलीट

Edited by Sameer Oraon
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जमीन के डाटा मे छेड़छाड़ सीओ के लॉगइन से ही की गयी है. सीओ ने डाटा मे छेड़छाड़ का काम कमलेश के ठिकाने पर छापेमारी के बाद उसी रात को की.

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रांची: ईडी के अधिकारियों ने सचिवालय स्थित नेशनल इनफॉर्मेटिक सेंटर (एनआइसी) से कांके अंचल की जमीन का डाटा लिया. ईडी ने यह कार्रवाई कांके के सीओ जय कुमार राम द्वारा पूछताछ के दौरान जमीन से जुड़े डाटा में छेड़छाड़ की बात स्वीकार किये जाने के बाद की. ईडी ने जांच में पाया कि कमलेश सिंह के ठिकानों पर छापेमारी के बाद कांके के अंचल अधिकारी ने जमीन के ऑनलाइन डाटा में बदलाव करते हुए कमलेश का नाम हटा दिया था.

20 मामलों में ऑनलाइन डाटा से छेड़छाड़ की पुष्टि

एनआइसी से मिले डाटा से चामा की जमीन के 20 मामलों में ऑनलाइन डाटा से छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है. 20 में से 17 मामलों में डाटा डीलिट किया गया था. जमीन के डाटा मे छेड़छाड़ सीओ के लॉगइन से ही की गयी है. सीओ ने डाटा मे छेड़छाड़ का काम कमलेश के ठिकाने पर छापेमारी के बाद उसी रात को की. सीओ ने स्वीकार किया कि उन्होंने ईडी के चक्कर में फंसने से बचने के लिए डाटा डीलिट किया था. ईडी ने सीओ को 11 जुलाई को ईडी के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया था.

अंचल अधिकारी रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे

ईडी के निर्देश के आलोक में अंचल अधिकारी 11 जुलाई की दोपहर रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे. इसके बाद इडी के अधिकारियों के दल सचिवालय स्थित एनआइसी के कार्यालय पहुंचा. वहां कांके अंचल की जमीन के ऑनलाइन डाटा में किये गये बदलाव से संबंधित डाटा लिया. साथ ही ऑनलाइन ब्योरे में बदलाव के लिए निर्धारित प्रक्रिया और उससे संबंधित अधिकारियों की जानकारी ली. इसके बाद ईडी ने जमीन के ब्योरे में किये गये बदलाव के मुद्दे पर अंचल अधिकारी का बयान दर्ज किया.

ईडी ने एक ही जमीन की दो जमाबंदी की मामला पकड़ा

ईडी ने 10 जुलाई की रात कांके अंचल कार्यालय में सर्वे के दौरान एक ही जमीन की दो जमाबंदी का मामला पकड़ा था. जांच में पाया गया था कि एक ही जमीन की ऑफलाइन जमाबंदी में जमीन के असली मालिक का नाम दर्ज है. उसी जमीन की ऑनलाइन जमाबंदी के कमलेश सिंह या दूसरे जमीन कारोबारियों का नाम दर्ज है. एक ही जमीन की दो-दो व्यक्तियों के नाम जमाबंदी पाये जाने के बाद इडी ने अंचल अधिकारी जय कुमार राम से पूछताछ की.

ईडी के छापे के दौरान ही सीओ को आया लेन-देन का कॉल

कांके अंचल में प्रवर्तन निदेशालय(इडी) के सर्वे के दौरान सीओ के मोबाइल नंबर पर कई तरह के फोन आये. किसी ने 10 लाख रुपये भेजने की बात कही, तो किसी ने परेशानी की स्थिति में मंत्रियों के बात कराने का वादा किया. इडी के अफसरों ने 10 लाख रुपये भेजने की बात कहनेवाले कारोबारी को पैसा लेकर बुलाया, लेकिन वह नहीं आया. इससे सीओ तत्काल बड़ी मुसीबत में फंसने से बच गये. कमलेश सिंह द्वारा जमीन कब्जा करने के मामले में कांके अंचल में शुरू हुआ सर्वे बुधवार रात करीब 01:00 बजे खत्म हुआ. सर्वे शुरू होते ही इडी के अधिकारियों ने सीओ और सीआइ का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया था. सीओ के मोबाइल फोन पर कई तरह के कॉल आ रहे थे. सर्वे के दौरान ही एक जमीन कारोबारी ने सीओ के नंबर पर फोन किया. इडी के अफसर ने फोन उठाया. जमीन कारोबारी ने इडी के अफसर को सीओ समझा. प्रणाम किया और काम की बात शुरू की. जमीन कारोबारी ने कहा कि एक आदमी कल 10 लाख रुपये लेकर जायेगा. उसमें से आठ लाख आप रख लीजियेगा और दो लाख मुझे दे दीजियेगा. इतना सुनने के बाद इडी ने अफसर ने कहा कि नेटवर्क खराब है. आपकी आवाज साफ-साफ नहीं सुन पा रहा हूं, आप क्या बोल रहे हैं, पता नहीं चल रहा है. इसलिए आप मैसेज लिख कर बता दें, तो बेहतर होगा. इसके बाद जमीन कारोबारी ने पूरी बात मैसेज में लिख कर भेज दी. मैसेज मिलने के बाद इडी के अफसर ने भी जवाबी मैसेज भेज कर पैसों की तत्काल जरूरत बतायी और आज ही 10 लाख रुपये लेकर भेजने को कहा. जवाब में जमीन कारोबारी ने रात के 11:30 बजे पैसा भेजने की बात कही. इडी ने जमीन कारोबारी के पैसा लेकर आने का इंतजार किया. हालांकि, वह नहीं आया. इससे सीओ तत्काल बड़ी मुसीबत में फंसने से बच गये. लेकिन जमीन कारोबारी द्वारा भेजा गया मैसेज उनके लिए परेशानी का सबब बन सकता है.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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