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बिचौलियों से सावधान ! कन्या उत्थान के लिए नाम जोड़ने का दे रहे झांसा

Updated at : 01 Sep 2025 7:26 PM (IST)
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बिचौलियों से सावधान ! कन्या उत्थान के लिए नाम जोड़ने का दे रहे झांसा

बिचौलियों से सावधान ! कन्या उत्थान के लिए नाम जोड़ने का दे रहे झांसा

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फोटो : दीपक – 10, 11

:: विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में जगह-जगह लगाया पोस्टर, छात्राओं को किया अलर्ट

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बीआरए बिहार विश्वविद्यालय परिसर में छात्राओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. अध्यक्ष छात्र कल्याण के कार्यालय से लेकर परीक्षा विभाग तक सैंकड़ों की संख्या में छात्राएं सुबह से दोपहर तक पहुंच रही हैं. इसी बीच बिचौलिये भी सक्रिय हो गये हैं. अभी सिर्फ उन्हीं छात्रों का आवेदन हो रहा है जिनका नाम पहले से पोर्टल पर है, लेकिन बिचौलिये झांसा दे रहे हैं कि वे उनका नाम पोर्टल पर जोड़वा देंगे. इसके लिए उनकी ओर से पांच हजार रुपये की मांग की जा रही है. इसमें से आधा पैसा पहले और आधा पैसा नाम जुड़ने के बाद देने का झांसा दिया जा रहा है. इसको देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में जगह-जगह बिचौलियों से सावधान रहने के लिए छात्राओं को अलर्ट किया है. कहा है कि अभी जिनका नाम जुड़ा हुआ है. वे छात्राएं ही अपने आधार कार्ड, रजिस्ट्रेशन और अंकपत्र की प्रति और मोबाइल नंबर डीएसडब्ल्यू सेक्शन में जमा कराएं. जिनका नाम पोर्टल पर नहीं है. उन्हें मौका देने के लिए अलग से मौका दिया जाएगा.

20 हजार से अधिक छात्राओं का पोर्टल पर नहीं है नाम

पोर्टल पर चार सत्र की 20 हजार से अधिक छात्राओं का नाम नहीं है. वैसी छात्राएं जिनका परिणाम पेंडिंग था. बाद में उनका परिणाम सुधरा है. उनका नाम नहीं जुड़ सका है. ऐसे में ये छात्राएं परेशान होकर विश्वविद्यालय पहुंच रही हैं. कई छात्राओं ने पैसा मांगे जाने की शिकायत की है. इसके बाद उन्हें अभी इस चक्कर में नहीं पड़ने की सलाह दी गयी है. कहा गया है कि पोर्टल खुलने पर उन्हें सूचना दी जाएगी.

पांच तक दिया गया है आवेदन का मौका, दिनभर रहती भीड़

पांच सितंबर तक कन्या उत्थान के लिए आवेदन होना है. ऐसे में अब सिर्फ तीन दिनों का समय शेष रह गया है. बेतिया, माेतिहारी, वैशाली और सीतामढ़ी से छात्राएं और उनके अभिभावक कागजात लेकर पहुंच रहे हैं. कई छात्राओं ने बताया कि पूर्व में कागजात जमा कराए थे उस समय मोबाइल नंबर देने के लिए नहीं कहा गया. अब फिर से कागजात जमा कराया जा रहा है. दूरी से आने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

अंकपत्र के लिए परेशान हैं छात्राएं

आवेदन में मूल अंकपत्र की स्कैन की गयी कॉपी अपलोड करना होता है. कई छात्र-छात्राओं को अबतक मूल अंकपत्र मिला ही नहीं है. इस कारण वे परीक्षा विभाग में पहुंच रहे हैं. परीक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि बीते तीन दिनों में पांच सौ से अधिक छात्राओं का अंकपत्र जारी किया गया है.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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