Samastipur: संगीत शिक्षा के माध्यम से बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं : मंगलेश

संगीत शिक्षक ने बताया कि संगीत शिक्षा के माध्यम से छात्रों को जोड़ने वाले शिक्षक अपनी कक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं.
समस्तीपुर. उत्क्रमित उच्च माध्यमिक बेला पंचरुखी के संगीत शिक्षक मंगलेश कुमार को प्राचीन कला केंद्र चंडीगढ़ द्वारा संगीत नृत्य एवं ललित कलाओं की सामाजिक उत्थान में भूमिका विषय पर आयोजित राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सेमिनार भाग लेते हुए जिले को गौरवान्वित किया. शिक्षक मंगलेश द्वारा अपना शोध ””””सामाजिक विकास के लिए स्कूल में संगीत शिक्षा की भूमिका और महत्व”””” विषय पर अपना वक्तव्य रखा. जिसे वह मौजूद विद्वानों, कुलपतियों एवं प्राचीन कला केंद्र के सचिव सजल कौशर, रजिस्ट्रार शोभा कौशर एवं महान संगीतज्ञ उप रजिस्ट्रार पं. देवेंद्र वर्मा ने करतल ध्वनि से सराहा. संगीत शिक्षक ने बताया कि संगीत शिक्षा के माध्यम से छात्रों को जोड़ने वाले शिक्षक अपनी कक्षाओं में बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं. दिन को अधिक जीवंत और मनोरंजक बना सकते हैं. संगीत शिक्षक और अन्य शिक्षाविद, संगीत के तत्वों को दैनिक शिक्षण में शामिल करने और अपनी कक्षाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुसार अपनी पाठ योजनाओं को तैयार करने के लिए प्रभावी संगीत शिक्षण पद्धतियां विकसित करके जुड़ाव को बेहतर बनाते हैं. हर संगीत शिक्षक अपनी शिक्षण तकनीकों का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से तब देखता है जब छात्र नये कौशल सीखते हैं और वादन या गायन के प्रति अपने जुनून को खोजते हैं. शिक्षक मंगलेश को मोमेंटो एवं चादर देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में देश एवं विदेश से पधारे वक्ताओं के बीच बिहार से एक मात्र वक्ता के रूप में शिक्षक के अपनी अमिट छाप छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी. ज्ञातव्य हो कि तत्कालीन अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ द्वारा शिक्षक को दो बार टीचर ऑफ द मंथ का सम्मान दिया जा चुका है.
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