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सावधान! जीका वायरस आपके बच्चे के लिए है ‘जानलेवा’

Updated at : 30 Jan 2016 6:53 PM (IST)
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सावधान! जीका वायरस आपके बच्चे के लिए है ‘जानलेवा’

नवजात शिशु हो या बड़े बच्चे, सभी को अपनी चपेट में लेता जा रहा है जीका वायरस. लैटिन अमेरिका के कई देशों को अपनी चपेट में ले चुका जीका वायरस सभी के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है. यह वायरस मच्छरों के काटने से फैल रहा है, जो पैसिफिक रिजन में पहली बार […]

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नवजात शिशु हो या बड़े बच्चे, सभी को अपनी चपेट में लेता जा रहा है जीका वायरस. लैटिन अमेरिका के कई देशों को अपनी चपेट में ले चुका जीका वायरस सभी के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है.

यह वायरस मच्छरों के काटने से फैल रहा है, जो पैसिफिक रिजन में पहली बार साल 2007 में, साल 2013 में फ्रेंच पॉलिनेशिया और साल 2015 में अमेरिका (ब्राजील और कोलंबिया) और अफ्रीका (केप वर्दी) में सामने आया था.

आज के समय में अमेरिका के करीब 22 देश जीका वायरस के शिकार हो चुके हैं. ये काफी तेज़ी से कई लोगों को प्रभावित कर रहा है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन इसके बचाव में लगी हुई है. यही नहीं बल्कि इससे बचने के लिए उपाय भी सुझा रही है. इससे संबंधित कई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां हैं, जिन्हें आप ध्यान में रखते हुए खुद का बचाव कर सकते हैं…..

-जीका वायरस एडीस मच्छरों के काटने से फैलता है.

-ये वायरस मानव शरीर में हल्का बुख़ार, स्किन पर दाग-धब्बे और आंखों में जलन संबंधी परेशानियां पैदा करता है.

-जीका वायरस के संक्रमण को रोकने का सबसे अच्छा उपाय है, मच्छरों से खुद का बचाव करना.

जीका वायरस के लक्षण

इस वायरस से मनुष्य को बुख़ार, त्वचा पर चकत्ते और आंखों में जलन के साथ मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द की परेशानी रहती है. इसके लक्षण आमतौर पर करीब दो से सात तक रहते हैं.

ऐसे संक्रमित हो रहा ये वायरस

जीका वायरस एडीस मच्छर के काटने से फैलता है. ये वही मच्छर होता है, जिसके काटने से डेंगू, चिकनगुनिया और पीत ज्वर जैसी बीमारियां होती हैं.

यूँ लगायें पता..

जीका वायरस का पता लगाने के लिए पॉलिमीरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) और खून टेस्ट कराकर आप इस वायरस का पता लगा सकते हैं.

सावधानी बरतें…

जीका वायरस मच्छरों के काटने से होता है, इसलिए खुद के शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें. हल्के रंग के कपड़े पहनें. इसके अलावा कीड़ों से बचने वाली क्रीम या मच्छरदानी का ज़रूर उपयोग करें. मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए अपने घर के आसपास गमले, बाल्टी, कूलर आदि में भरा पानी निकाल दें.

नहीं है कोई दवाई…

आज के समय में तो इस वायरस से लड़ने का कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है. जीका वायरस के संक्रमण से संबंधित अगर आपको कोई भी लक्षण नज़र आए या दर्द और बुखार की समस्या पैदा हो, तो सामान्य दवाओं के साथ अधिक से अधिक पेय पदार्थों का सेवन करें. इसके अलावा भरपूर आराम करें.

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि स्थिति में सुधार न हो तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें.

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