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ठंड में मधुमेह रोगियों का कैसा हो डायट

Updated at : 30 Dec 2014 12:11 PM (IST)
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ठंड में मधुमेह रोगियों का कैसा हो डायट

ठंड का मौसम स्वास्थ्य लाभ की दृष्टि से काफी अनुकूल होता है. ऐसा इसलिए है, कि इस मौसम में अनेक फल-सब्जियां एवं विटामिन और प्रोटीनवाले डायट आसानी से मिलते हैं. इसी कारण से डायबिटीज के मरीजों के लिए यह मौसम स्वास्थ्यप्रद होता है. डायबिटीज में ब्लड शूगर लेवल बढ़ने के कारण पूरे शरीर को नुकसान […]

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ठंड का मौसम स्वास्थ्य लाभ की दृष्टि से काफी अनुकूल होता है. ऐसा इसलिए है, कि इस मौसम में अनेक फल-सब्जियां एवं विटामिन और प्रोटीनवाले डायट आसानी से मिलते हैं. इसी कारण से डायबिटीज के मरीजों के लिए यह मौसम स्वास्थ्यप्रद होता है.
डायबिटीज में ब्लड शूगर लेवल बढ़ने के कारण पूरे शरीर को नुकसान पहुंचता है. इस रोग के कारण पाचन तंत्र भी कमजोर हो जाता है. इस रोग में शरीर ग्लूकोज को नहीं पचा पाता है. पाचन तंत्र कमजोर होने से यह भोजन को भी नहीं पचा पाता है. पाचन शक्ति नहीं होने से रोगी को कब्ज, गैस्ट्राइटिस और कमजोरी की समस्या हो जाती है.
प्रोटीन की होती है जरूरत
ग्लूकोज से ही शरीर को ऊर्जा मिलती है. लेकिन डायबिटीज रोगियों के शरीर में ग्लूकोज का पाचन नहीं होता है, बल्कि इसकी जगह प्रोटीन का पाचन होने लगता है. इससे रोगी दुबला हो जाता है. इसी कारण डायबिटीज के रोगियों में प्रोटीन की जरूरत अधिक होती है. डायबिटीज रोगियों का इम्यून सिस्टम भी कमजोर होता है. मौसम बदलते ही बार-बार बीमार होना, चोट-घाव ठीक न होना जैसी समस्याएं भी होती हैं.
क्यों है ठंड बेहतर मौसम
डायबिटीज के मरीज ठंड के मौसम में प्रोटीन की कमी को आसानी से पूरा कर सकते हैं. इस मौसम में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थो के सेवन से विशेष लाभ प्राप्त होते हैं. इसके लिए सभी प्रकार की दालें, सूखे मेवे जैसे- काजू, बादाम, अखरोट, मूंगफली, मौसमी फल और सब्जियां आदि कई पदार्थ हैं. इनके ठंड में उचित सेवन से शरीर को अनेक लाभ होते हैं.
व्यायाम भी है जरूरी
सिर्फ प्रोटीन स्नेतों का सेवन करना ही जरूरी नहीं है. नियमित व्यायाम और टहलने से शरीर पुष्ट होता है और कमजोरी दूर होती है. अत: इस मौसम में सुबह-शाम टहलना फायदेमंद है. इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सर्दी के मौसम में आंवला, हल्दी, काली मिर्च, तुलसी जैसी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानेवाली वस्तुओं का उपयोग लाभकारी है. डायबिटीज में नर्वस सिस्टम को भी नुकसान पहुंचता है. इससे हाथ-पैर की उंगलियों में सूनेपन का आभास होता है. अत: हाथों व पैरों की उंगलियों को हिलाने या उंगलियों का व्यायाम करने से नव्र्स में शक्ति आती है. इससे ब्लड सकरुलेशन भी सुधरता है.
बढ़ता है हृदय रोगों का खतरा
सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन कुछ सावधानियां बरत कर इन समस्याओं से दूर रहा जा सकता है, जैसे- भोजन में नमक का प्रयोग कम करना हृदय के लिए फायदेमंद है. हफ्ते में दो बार या फिर महीने में चार-पांच बार नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच जरूर कराएं.योग या फिर व्यायाम करने के लिए एकदम सुबह या फिर शाम को न जाएं. इससे ठंड लगने का खतरा हो सकता है. लेकिन व्यायाम न छोड़ें. यदि डायबिटीज है और हृदय की मांसपेशियां भी कमजोर हैं, तो न्यूमोनिया का खतरा हो सकता है. इससे बचने के लिए डॉक्टर से पहले ही सलाह लेना ज्यादा जरूरी है.
सुमिता कुमारी
डायटीशियन
डायबिटीज एंड ओबेसिटी
केयर सेंटर, पटना
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