#BreastFeedingWeek : पांच में से तीन नवजात को जन्म के एक घंटे के अंदर नहीं कराया जाता स्तनपान

नयी दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में अनुमानत: 7.8 करोड़ या पांच में से तीन नवजात शिशुओं को जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराया जाता है, जो उनके जीवित रहने की संभावना को कम करता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से […]
नयी दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में अनुमानत: 7.8 करोड़ या पांच में से तीन नवजात शिशुओं को जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराया जाता है, जो उनके जीवित रहने की संभावना को कम करता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से अधिकतर नवजात शिशु भारत समेत कम या मध्यम आय वाले देशों से हैं.
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रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में शिशु के जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराने की दर में बढ़ोतरी हुई है. यह दर वर्ष 2005 में 23.4 फीसदी थी, जो 2015 में बढ़कर 41.5 प्रतिशत होगयीहै. इसी अवधि में वैश्विक स्तर पर यह दर 37 प्रतिशत से बढ़कर 42 फीसदी हुई है. डब्ल्यूएचओ की यह रिपोर्ट स्तनपान सप्ताह (एक से सात अगस्त) की पूर्व संध्या पर जारी कीगयी है.
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इसमें कहा गया है कि बच्चे के जन्म के एक घंटे के अंदर उसे स्तनपान कराया जाता है, तो उसके जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है. इसके मुताबिक, स्तनपान कराने में महज कुछ घंटों की देरी से बच्चे की जान को खतरा हो सकता है.
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