World Television Day 2023: आज है वर्ल्ड टेलीविजन डे, जानें J L Baird के इस आविष्कार से जुड़ी जरूरी बातें
Published by : Shaurya Punj Updated At : 21 Nov 2023 6:35 AM
World Television Day 2023: विश्व टेलीविजन दिवस हर साल 21 नवंबर को मनाया जाता है. अपने आविष्कार के बाद से ही टेलीविजन आम लोगों के जीवन में मनोरंजन का महत्वपूर्ण साधन रहा है. टेलीविजन के माध्यम से लोग कई सालो से शिक्षा, समाचार, राजनीति, मनोरंजन और गपशप का आनंद लेते आ रहे हैं.
World Television Day 2022: हर साल 21 नवंबर को दुनियाभर में ‘वर्ल्ड टेलीविजन डे’ मनाया जाता है. टेलीविजन के अविष्कार ने दुनियाभर में क्रांति ला दी है, ये एक ऐसा शक्तिशाली जनसंचार का माध्यम है जिससे मनोरंजन, शिक्षा, दूर दराज की खबरें और राजनीति से जुड़ी गतिविधियों के बारे में सूचनाएं हासिल होती है.
विश्व टेलीविजन दिवस की शुरूआत कब हुई?
पहला विश्व टेलीविजन मंच 21 नवंबर 1996 में शुरू हुआ, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व टेलीविजन दिवस का नाम दिया. आज के दिन हर देश में अलग-अलग जगह टेलीविजन पर आने वाले शो और उनकी भूमिका के बारे में लोगों में बैठकें की जाती हैं.
विश्व टेलीविजन दिवस के बारे में तथ्य
अपने आविष्कार के बाद से टेलीविजन लोगों के मनोरंजन का एक महत्वपूर्ण साधन रहा है. भारत में पहली बार 15 सितंबर 1959 को टेलीविजन लॉन्च किया गया था. उस समय टेलीविजन ने देश को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उस दौर में टेलीविजन पर ‘हम लोग’, ‘बुनियाद’, ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ जैसे लोकप्रिय शो आते थे, जिन्हें देखने के लिए टीवी स्क्रीन के सामने लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जाया करती थी.
इसलिए, एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से परे लोगों की राय को ढालने की शक्ति रखने वाले शिक्षा के स्रोत के रूप में टेलीविजन के महत्व को उजागर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व टेलीविजन दिवस की स्थापना की गई थी.
विश्व टेलीविजन दिवस हर साल किसी विशेष थीम के साथ नहीं मनाया जाता है. इसमे विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाती है और उनका समाधान किया जाता है. पिछले कुछ सालो में, विशिष्ट वैश्विक मंच के रूप में टेलीविजन का उपयोग करना, सांस्कृतिक सह-अस्तित्व और भाईचारे के साधनों को प्रोत्साहित करना, विविध संस्कृतियों के लोगों के बीच की खाई को पाटना और एक राष्ट्र की भलाई के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और भौगोलिक कार्य में टेलीविजन की भूमिका आदि विषय चर्चा का हिस्सा रहे हैं.
विश्व टेलीविजन दिवस की पृष्ठभूमि
संयुक्त राष्ट्र द्वारा दिसंबर 1996 में 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी. साल 1996 में आयोजित की गई पहली विश्व टेलीविजन फोरम की याद मे हर साल 21 नवंबर को विश्व टेलीविजन दिवस मनाया जाता है.
बाद में संयुक्त राष्ट्र ने लोगों के निर्णय की क्षमता पर ऑडियो-विजुअल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और अन्य प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने में इसकी संभावित भूमिका को पहचानने के लिए एक प्रस्ताव अपनाया.
इसलिए, टेलीविजन को सूचना, प्रणाली और जनमत को प्रभावित करने के लिए एक प्रमुख उपकरण के रूप में स्वीकार किया गया. टेलीविजन वर्तमान में संचार और वैश्वीकरण का प्रतिनिधित्व भी करता है.
विश्व टेलीविजन दिवस का महत्व
-
संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के इस विचार को लोकप्रिय बनाया कि टेलीविजन समकालीन दुनिया में वैश्वीकरण और संचार के प्रतीक का प्रतिनिधित्व करता है.
-
टेलीविजन ने लोगों का मनोरंजन करने के साथ-साथ परिवार को एक सूत्र में बांधे रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. टेलीविजन से परिवार के लोग एक दूसरे के करीब आ गए.
-
टेलीविजन सूचना और शिक्षा का प्रमुख स्रोत है, यह लोगों की निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित करता है. क्योंकि यह लोगों का ध्यान दुनिया में हो रहे संघर्षों की ओर खींचता है.
-
‘विश्व टेलीविजन दिवस’, समाज को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों और घटनाओं के बारे में निष्पक्ष जानकारी प्रदान करने में टेलीविजन मीडिया के विकास का समर्थन करने के लिए सरकारों, संगठनों और व्यक्तियों की भूमिका की सराहना करने के लिए भी मनाया जाता है.
टेलीविजन और उसका आविष्कार
-
टेलीविजन को एक प्रसारण माध्यम के रूप में परिभाषित किया जाता है. इसमें छवियों या चित्रों को विद्युत संकेतों में परिवर्तित किया जाता है, इसके बाद उन्हें एक चुनिंदा माध्यम पर प्रसारित किया जाता है और फिर चित्र एक उपयुक्त बाहरी स्क्रीन पर प्रदर्शित होते हैं.
-
टेलीविजन का आविष्कार स्कॉटिश इंजीनियर जॉन लोगी बेयर्ड ने 1924 में किया था.
-
भारत में संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के सहयोग से पहली बार साल 1959 में नई दिल्ली में टेलीविजन पेश किया गया था.
-
साल 1991 में हुए आर्थिक सुधारों तक सरकार के स्वामित्व वाला दूरदर्शन एकमात्र राष्ट्रीय चैनल बना रहा. 1991 के बाद निजी और विदेशी प्रसारकों को सीमित संचालन में संलग्न होने की अनुमति दी गई.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










