World Nature Conservation Day: वो 7 आदतें जो धरती और आपकी हेल्थ दोनों बचाएंगी

Published by : Sameer Oraon Updated At : 27 Jul 2025 10:50 PM

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Pic Credit- Meta AI

World Nature Conservation Day के मौके पर जानिए 7 ऐसी आसान आदतें जो आपकी लाइफस्टाइल को सस्टेनेबल बनाएंगी और पर्यावरण को राहत देंगी. कपड़े का बैग, बिजली की बचत, लोकल खाना और भी बहुत कुछ.

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Eco-friendly lifestyle habits: आज पर्यावरण को बचाना इंसान के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गयी है. क्योंकि प्रकृतिक का अंधाधुंध दोहन कर हम धरती को संकट में डाल रहे हैं. हमें जरूरत है ऐसी आदतों को अपनाने की जो न केवल हमारी लाइफस्टाइल को बेहतर करें बल्कि प्रकृति को भी राहत दें. World Nature Conservation Day के मौके पर आइए जानते हैं 7 ऐसी आसान और असरदार आदतें जो आपकी रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव लाएंगी और धरती के लिए भी एक तोहफा बन जाएंगी.

प्लास्टिक के बजाय कपड़े के बैग का करें इस्तेमाल

हर बार जब आप सब्जी या ग्रॉसरी लेने जाएं, एक कपड़े का बैग साथ रखें. एक अनुमान के मुताबिक हर साल 5 ट्रिलियन प्लास्टिक बैग इस्तेमाल होते हैं, जो नदियों, जंगलों और समुद्रों का दम घोंट रहे हैं.

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बिजली बचाओ, बिल भी घटाओ

फोन, टीवी या लैपटॉप आज हमारी आदत बन गई है? लेकिन आज हमें ये संकल्प लेना होगा इनका जरूरत भर इस्तेमाल करें. क्योंकि ये सभी को चलाने के लिए बिजली का उपयोग होता है. हमारा जरूरत से अधिक यूज ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाता है. साथ ही इससे बिजली बिल भी बढ़ता है.

ज्यादा देर न नहाएं

5 मिनट से ज्यादा नहाने में बिताने का मतलब है हर बार करीब 50 लीटर पानी बर्बाद करना. अगर आप शावर टाइम कम करें, तो हर महीने सैकड़ों लीटर पानी बच सकता है.

लोकल और सीजनल खाएं

सीजनल फल-सब्जी खाना सिर्फ सेहत के लिए सिर्फ अच्छा नहीं है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है. लोकल प्रोड्यूस को ट्रांसपोर्ट करने में कार्बन उत्सर्जन कम होता है.

फैशन में भी करें ‘ईको फ्रेंडली’ चॉइस

फास्ट फैशन का चलन पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन चुका है. हर सेकेंड दुनियाभर में एक ट्रक कपड़ा कचरे में जाता है. कोशिश करें कि ऐसे ब्रांड को चुनें जो रीसायकल फैब्रिक इस्तेमाल करते हों या कम उत्पादन करते हों.

टूथब्रश, स्ट्रॉ और शेविंग किट सब कुछ हो सकता है सस्टेनेबल

बांस के टूथब्रश, स्टील के स्ट्रॉ और रेजर की रीफिल जैसे छोटे चेंज करके हम बड़े बदलाव ला सकते हैं. ये प्लास्टिक कचरे को 50 फीसदी तक घटा सकते हैं.

पौधे लगाएं, पर उनको अपनाएं भी

घर पर पौधा लगाना ट्रेंड बन चुका है, लेकिन उनका ख्याल रखना एक जिम्मेदारी है. रोज एक पेड़ की देखभाल करें और साल में कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं. यह हवा को शुद्ध करने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी सुधारता है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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