ePaper

Sawan 2024: इस प्राचीन शिवालय में स्थापित है 1008 छोटे शिवलिंग से समाहित बड़ा शिवलिंग

Updated at : 30 Jul 2024 2:36 PM (IST)
विज्ञापन
Koteshwarnath Dham, Gaya (image credit-social media)

Koteshwarnath Dham, Gaya (image credit-social media)

Sawan 2024: बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है गया का कोटेश्वरनाथ मंदिर. इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग अनोखा है. यहां सावन के महीने में पूजा करने का विशेष महत्व है. तो आइए आपको बताते हैं कोटेश्वरनाथ मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक बातें.

विज्ञापन

Sawan 2024: बिहार में कई ऐसे प्राचीन मंदिर और ऐतिहासिक स्थल है, जो इस जगह को खास बनाते हैं. यहां स्थित बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थ महाबोधी मंदिर से लेकर भगवान नारायण को समर्पित विष्णु पद मंदिर तक देश-विदेश के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. बिहार के इन्हीं प्राचीन प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है कोटेश्वरनाथ मंदिर, जो भोलेनाथ का पवित्र धाम है. श्रावण मास में प्राचीन काल में बने इस मंदिर का महत्व बढ़ जाता है. अगर आप भी धार्मिक जगह पर जाना पसंद करते हैं तो इस सावन जरूर आएं कोटेश्वरनाथ मंदिर.

Also Read: Sawan 2024: भगवान विश्वकर्मा ने किया था इस ऐतिहासिक शिव मंदिर का निर्माण

Bihar Tourism: इस मंदिर का है पौराणिक महत्व

बिहार के गया जिले में स्थित कोटेश्वरनाथ मंदिर कई मायनों में खास है. भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर हिंदू धर्म के लोगों का पवित्र धाम है. लाल पत्थर के टुकड़ों से बना मंदिर का गर्भ गृह अत्यंत सुंदर है. इस सुंदर मंदिर की संरचना देखने दूर-दूर से लोग कोटेश्वरनाथ धाम पहुंचते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की स्थापना वाणासुर की बेटी उषा ने की थी.

प्राचीन कथा के मुताबिक वाणासुर की बेटी उषा भगवान श्री कृष्ण के पोते अनिरुद्ध से विवाह करना चाहती थी. मगर वाणासुर भगवान कृष्ण को अपना शत्रु समझते थे. इस कारण अनिरुद्ध से विवाह करने के लिए उषा ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था. प्रचलित कथा के अनुसार कोटेश्वरनाथ मंदिर में वाणासुर की बेटी उषा अनिरुद्ध से विवाह करने की मनोकामना लिए भगवान शिव की आराधना करती थी. उषा की भक्ति से खुश होकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिया और मनोकामना पूर्ति के लिए हजार शिवलिंग स्थापित करने को कहा. इसके बाद उषा ने कोटेश्वरनाथ मंदिर में 1008 छोटे शिवलिंग से समाहित एक बड़े शिवलिंग की स्थापना की. इसके फलस्वरुप देवाधिदेव महादेव ने उषा की मनोकामना पूरी की और उसका विवाह भगवान कृष्ण के पोते अनिरुद्ध के साथ हुआ. कोटेश्वरनाथ मंदिर के प्रति हिंदुओं में अपार श्रद्धा है.

Also Read: Sawan 2024: सोमवार के व्रत में जरूर खाएं नाशपाती, जानें क्या है फायदे

Bihar Tourism: सावन में लगती है भक्तों की भीड़

महादेव को समर्पित कोटेश्वरनाथ मंदिर बेहद प्राचीन शिवालय है, जो अपने धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. श्रावण मास में इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. सावन के महीने में काफी संख्या में लोग भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने कोटेश्वरनाथ मंदिर आते हैं. यह प्रसिद्ध मंदिर शिव भक्तों का पावन धाम है. कोटेश्वरनाथ आने वाले भक्तों को बाबा सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

Also Read: Bihar Tourism: बिहार आने की है तैयारी तो जरूर आएं ये प्रसिद्ध मंदिर

जरूर देखें:

विज्ञापन
Rupali Das

लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन