Places to visit on Janmashtami 2024: दक्षिण के मथुरा 'उडुपी' में उत्साहपूर्ण होता है जन्माष्टमी का उत्सव

Krishna Janmashtami 2024
Places to visit on Janmashtami 2024: दक्षिण भारत के उडुपी शहर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन भव्य तरीके से किया जाता है. इस दिन उडुपी में भक्ति परंपरा और संस्कृति का अनूठा मिश्रण नजर आता है. जन्माष्टमी पर कृष्ण भक्ति में लीन होने भक्त उडुपी आते हैं.
Places to visit on Janmashtami 2024: अपनी संस्कृति, समृद्ध विरासत, परंपरा और श्री कृष्ण मंदिर के लिए प्रसिद्ध कर्नाटक के उडुपी शहर में जन्माष्टमी का उत्सव बेहद धार्मिक तरीके से मनाया जाता है. प्राचीन मंदिरों से समृद्ध उडुपी आकर्षक पर्यटन स्थलों से घिरा हुआ है.
आध्यात्मिक साधना के लिए प्रसिद्ध उडुपी का हृदय स्थल है श्री कृष्ण मंदिर. यहां स्थापित प्रभु श्री कृष्ण की मूर्ति अनोखी है. जन्माष्टमी के दिन यह मंदिर भव्य उत्सवों का केंद्र बन जाता है. देशभर से श्रद्धालु जन्माष्टमी के दिव्य उत्सव में शामिल होने उडुपी पहुंचते हैं. इस दिन उडुपी का नजारा कृष्णमय नजर आता है.
आस्था, उत्साह और शांति का मिश्रण है श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
उडुपी में श्री कृष्ण जन्मोत्सव केवल त्योहार और पर्व नहीं है. जन्माष्टमी एक आध्यात्मिक अनुभव है, जो आस्था, उत्साह और शांति का अनोखा मिश्रण है. जन्माष्टमी के दिन उडुपी कृष्ण मंदिर या कृष्ण मठ में भव्यता और समर्पण के साथ विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं, जो भगवान कृष्ण के प्रति आस्था को दर्शाते हैं. श्री कृष्ण जन्मोत्सव के दिन सुबह से ही मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बनना शुरू हो जाता है. बड़ी संख्या में भक्त और श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में लीन होने उडुपी कृष्ण मंदिर पहुंचते हैं.
जन्माष्टमी के दिन उडुपी पहुंचे श्रद्धालु और कृष्ण भक्त न केवल पारंपरिक अनुष्ठान बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का भी हिस्सा बनते हैं. इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उडुपी का पारंपरिक नृत्य, संगीत और नाटक प्रदर्शन शामिल होता है. जन्माष्टमी पर उडुपी आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां के पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद उठा सकते हैं. उडुपी में जन्माष्टमी का उत्सव कृष्ण भक्तों को ऊर्जा, उत्साह और दिव्य खिंचाव का अविस्मरणीय अनुभव कराता है.
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पारंपरिक कला शैली में सजाए जाते हैं मंदिर
जन्माष्टमी के दिन उडुपी के श्री कृष्ण मंदिर को पारंपरिक कला शैली में सजाया जाता है. इस दिन दक्षिण भारतीय कला शैली में बने श्री कृष्ण मंदिर की भव्यता अत्यंत मनोरम दिखाई देती है. इस दिन आयोजित भव्य उत्सव में उडुपी के सड़कों से लेकर मंदिरों तक को विशेष रूप से सजाया जाता है.
इस दिन मंदिर के आसपास सड़कों पर रंगोली बनाई जाती है, जिसमें रंग-बिरंगे पाउडर, फूलों की पंखुड़ियों और चावल का उपयोग किया जाता है. उडुपी में जन्माष्टमी के दिन भक्ति, परंपरा और संस्कृति का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है.
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By Rupali Das
नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.
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