Independence Day 2023 Temple Visit: इस मंदिर में हर 15 अगस्त को फहराया जाता है तिरंगा,जानें इसके पीछे की कहानी
Published by : Shaurya Punj Updated At : 08 Aug 2023 8:02 AM
Independence Day 2023 Temple Visit: हम बात कर रहे हैं रांची के पहाड़ी मंदिर (Pahadi Mandir) की, जहां पूजा के साथ-साथ देश भक्ति की झलक दिखती है. इस मंदिर को पहाड़ी मंदिर के अलावा लोग फांसी टुंगरी के नाम से भी जानते हैं.
Independence Day 2023 Temple Visit: स्वतंत्रता दिवस एक विशेष दिन है। भारत को 190 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद, 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश सरकार और उनके क्रूर नियमों से आजादी मिली थी। हर साल की तरह इस साल भी हर जगह स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2023) की तैयारियां चल रही हैं. इस दिन लोग स्वतंत्रता सेनानियों के कुर्बानियों को याद करते हैं और तिरंगा झंडा फहराते हैं. आज हम आपको भारत के एक ऐसे शिव मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आजादी के बाद से ही इंडिपेंडेंस डे और रिपब्लिक डे के दिन इस मंदिर पर धार्मिक झंडे के साथ राष्ट्रीय झंडे को भी फहराया जाता है. यह देश का पहला मंदिर है जहां तिरंगा फहराया जाता है. हम बात कर रहे हैं रांची के पहाड़ी मंदिर (Pahadi Mandir) की, जहां पूजा के साथ-साथ देश भक्ति की झलक दिखती है. इस मंदिर को पहाड़ी मंदिर के अलावा लोग फांसी टुंगरी के नाम से भी जानते हैं.
क्या है मंदिर में तिरंगा झंडा फहराने के पीछे की कहानी
पहाड़ पर स्थित भगवान शिव का यह मंदिर देश की आजादी के पहले अंग्रेजों के कब्जे में था. स्वतंत्रता मिलने के बाद सबसे पहले रात के 12 बजे इस पहाड़ी की चोटी पर भगवान शिव के पताका के साथ तिरंगा फहराया गया था. ये सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर इस पहाड़ी पर सबसे पहले तिरंगा झंडा फहराया जाता है.ऐसा माना जाता है कि 1947 की आधी रात को सबसे पहले इसी मंदिर के गुंबद में तिरंगा फहराया गया था. फांसी टुंगरी के अलावा इस मंदिर का नाम पीरु गुरु भी था, जिसे आगे चलकर ब्रिटिश काल में ही फांसी टुंगरी (Fansi Tungri) में बदल गया.
सावन मास में देखने को मिलती है खास भीड़
सावन माह में पहाड़ी मंदिर में खासी भीड़ देखने को मिलती है. पहाड़ी बाबा के नाम से मशहूर इस मंदिर में फरवरी से लेकर अक्टूबर तक भक्तों की काफी भीड़ देखी जाती है। महाशिवरात्रि, नागपंचमी और पूरे श्रावण भर भक्तों की लंबी कतारें यहां देखने को मिल जाती है। इस मंदिर से पूरे रांची शहर का खूबसूरत नजारा भी दिखता है। इस पहाड़ी से सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखने में काफी विहंगम लगता है.
सात वर्ष पहले पहाड़ी मंदिर पर 493 फीट ऊंचे फ्लैग पोल स्थापित किया गया, जिस पर 23 जनवरी 2016 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर 30. 17 मीटर लंबे और 20.12 मीटर चौड़ा तिरंगा झंडा फहराया गया था. तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने पहाड़ी मंदिर के नीचे बने समारोह स्थल से बटन दबाकर तिरंगा फहराया था.
रांची में कहां स्थित है ये मंदिर दूर है मंदिर
रांची रेलवे स्टेशन से करीब 8 किलोमीटर की दूर स्थित भगवान शिव के इस मंदिर को पहाड़ी मंदिर के नाम से जाना जाता है. पहाड़ी बाबा मंदिर का पुराना नाम टिरीबुरू था, जो आगे चलकर ब्रिटिश के समय में ‘फांसी गरी’ में बदल गया, क्योंकि अंग्रेजों के राज में यहा फ्रीडम फाइटर्स को फांसी पर लटकाया जाता था.
रांची में घूमें इन जगहों पर
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर सत्रहवीं शताब्दी का भगवान जगन्नाथ को समर्पित मंदिर है जो जगन्नाथपुर में एक छोटी सी पहाड़ी पर स्थित है. यह राजधानी शहर के बाहरी इलाके धुरवा में रेलवे स्टेशन से लगभग 11 किलोमीटर और हवाई अड्डे से 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. जब आप जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करेंगे, तो आप इसके पवित्र वातावरण, शांत वातावरण और सुंदर मूर्तिकला से मंत्रमुग्ध हो जाएंगे. शिखर से आप रांची शहर को देख सकते हैं और विहंगम दृश्य का आनंद ले सकते हैं. जगन्नाथ मंदिर में शाम की आरती मन को शांति का अनुभव कराती है.
पतरातू घाटी
झारखंड के रामगढ़ जिले में पतरातू घाटी स्थित है. पतराती एक आकर्षक घाटी है, जो लोगों को यहां आने से नहीं रोक सकता है. यह घाटी 1300 फीट से अधिक की ऊचाई पर स्थित है. हरे-भरे जंगल और घूमावदार सड़क आकर्षण का केंद है. यह घाटी हिमाचल की मनाली की खूबसूरती को याद दिलाता है.
सूर्य मंदिर
रांची के बुंडू में सूर्य मंदिर बेहद ही खूबसूरत मंदिर है.अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए जाना जाने वाला, सूर्य मंदिर रांची में घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक बन गया है. एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित, मंदिर का निर्माण विशिष्ट सूर्य मंदिर वास्तुकला में किया गया है जिसमें 18 पहियों वाला एक विशाल रथ दिखाया गया है, जिसे सात घोड़ों द्वारा खींचा जा रहा है.
बिरसा जूलॉजिकल पार्क
अगर आप बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो बिरसा जूलॉजिकल पार्क घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है। पार्क बाघ, शेर और हिरण सहित विभिन्न प्रकार की जीवों की प्रजातियों का घर है. अगर आप वाइल्डलाइफ लवर हैं, तो आप यहां से क्षेत्र के वन्यजीवों के बारे में सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
टैगोर हिल
टैगोर हिल का नाम महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर के नाम पर पड़ा है, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने यहां काफी समय बिताया था। ऐसा कहा जाता है कि एकांत का आनंद लेने और अपनी किताबें लिखने के लिए टैगोर अक्सर इन पहाड़ियों पर जाते थे। लगभग 300 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.
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By Shaurya Punj
शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.
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