सोशल गैदरिंग में हर बात पर बच्चे को न करें फोर्स, पेरेंट्स इन बातों का रखें ध्यान

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सोशल गैदरिंग में बच्चों की परवरिश के आसान टिप्स, PC - AI

Social Gathering Parenting Tips: किसी भी सामाजिक समारोह में बच्चों पर दबाव डालना गलत है. खासकर जब बात उन्हें गले लगाने, तुलना करने या सबके सामने परफॉर्म करने की हो. जानें ऐसी 5 चीजें जिनके लिए बच्चों पर जोर नहीं देना चाहिए.

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Social Gathering Parenting Tips: शादी, पार्टी या किसी फैमिली फंक्शन में बच्चों का सबका ध्यान खींचना काफी नॉर्मल है. कोई उनसे गाना सुनाने को कहता है, तो कोई मजाक में कुछ करने के लिए बोल देता है. ऐसे समय पर पेरेंट्स को यह समझना जरूरी है कि बच्चा हर चीज के लिए तुरंत कम्फर्टेबल हो, ऐसा जरूरी नहीं है. बच्चे को अपनी पसंद बताने और किसी चीज के लिए मना करने की स्पेस मिलनी चाहिए. आइए जानते हैं ऐसी 5 बातें, जिनके लिए सोशल गैदरिंग में बच्चे पर प्रेशर नहीं डालना चाहिए.

1. बच्चे को किसी से गले मिलने के लिए फोर्स न करें

किसी रिश्तेदार से मिलते समय बच्चा गले मिलने या किस करने में कंफर्टेबल नहीं है, तो उसे इसके लिए फोर्स न करें. हर बच्चे का अपना कम्फर्ट जोन होता है. वह किसी को नमस्ते करके, हाथ हिलाकर, हाई-फाइव देकर या बस मुस्कुराकर भी ग्रीट कर सकता है. बच्चे को अपनी बॉडी और अपनी पसंद को समझने का मौका देना अच्छी आदत है.

2. बच्चे को किसी नाम से न बुलाने दें

फैमिली फंक्शन में लोग कई बार मजाक में बच्चे को शर्मीला, शरारती, ज्यादा बोलने वाला या हमेशा रोने वाला कह देते हैं. सुनने में यह छोटी बात लग सकती है, लेकिन बच्चा इन शब्दों को अपनी पहचान समझ सकता है. इसलिए अगर कोई बच्चे को किसी एक आदत के आधार पर नाम दे रहा है, तो प्यार से बात संभालें. बच्चे को बताएं कि एक छोटी सी आदत से उसकी पूरी पहचान तय नहीं होती.

3. दूसरे बच्चों से तुलना न करें

सोशल गैदरिंग में बच्चों की तुलना होना काफी कॉमन है. किसी के नंबर अच्छे हैं, कोई ज्यादा कॉन्फिडेंट है या कोई कई भाषाएं बोल लेता है. ऐसी बातें सुनकर बच्चा खुद को दूसरों से कम समझने लग सकता है. हर बच्चे का सीखने और आगे बढ़ने का अपना तरीका होता है. इसलिए दूसरों से कंपेयर करने के बजाय बच्चे की अपनी मेहनत और छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करें.

4. सबके सामने बच्चे को कुछ करने के लिए मजबूर न करें

अगर बच्चा सबके सामने गाना, डांस, कविता या कोई दूसरी चीज करने से हिचक रहा है, तो उसे बार-बार बोलकर प्रेशर न दें. हो सकता है वह उस समय सिर्फ लोगों के बीच बैठना चाहता हो. उसे थोड़ा टाइम दें. जब बच्चा खुद तैयार होगा, तो वह ज्यादा खुशी से अपनी बात या टैलेंट शेयर करेगा.

5. बच्चे की पर्सनल बातें सबके सामने शेयर न करें

बच्चे की पढ़ाई, डर, रोने की आदत, स्कूल की कोई बात या घर की छोटी-बड़ी बातें लोगों के सामने बताने से बचें. बड़ों को यह मजेदार बातचीत लग सकती है, लेकिन बच्चे को अजीब या अनकंफर्टेबल महसूस हो सकता है. बच्चे की प्राइवेट बातों को भी उतनी ही अहमियत दें, जितनी अपनी बातों को देते हैं.

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अनुष्का सिंह

लेखक के बारे में

By अनुष्का सिंह

अनुष्का सिंह प्रभात खबर डिजिटल में लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं. वह फैशन, ब्यूटी, स्किनकेयर, होम डेकोर, गार्डनिंग, घरेलू टिप्स और रोजमर्रा की लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर खबरें लिखती हैं. इसके अलावा वह बदलते लाइफस्टाइल ट्रेंड्स, मौसमी देखभाल, हेल्थ टिप्स और घर को बेहतर बनाने से जुड़ी उपयोगी जानकारी भी पाठकों तक पहुंचाती हैं. उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी, रांची से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को आसान भाषा में सटीक, भरोसेमंद और उपयोगी जानकारी मिले, जिसे वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपना सकें.

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