Ramayan: राम नाम का जाप और कालनेमि का छल, हनुमानजी की अटल भक्ति की कहानी

Updated:
विज्ञापन
Ramayan: राम नाम का जाप और कालनेमि का छल, हनुमानजी की अटल भक्ति की कहानी

ramayan: हनुमानजी की भक्ति और राम नाम की महिमा से जुड़ी यह कहानी बताती है कि कैसे हनुमानजी ने राक्षस कालनेमि के छल को मात दी और संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी की जान बचाई

विज्ञापन

Ramayan: रामायण में जब रावण के बेटे मेघनाद ने लक्ष्मण जी को नागपाश बाण से घायल कर दिया, तब श्रीराम को बहुत चिंता हुई. लक्ष्मण जी को ठीक करने का एक ही उपाय था – संजीवनी बूटी. इसके लिए हनुमानजी को हिमालय की ओर भेजा गया. रास्ते में हनुमानजी को राक्षस कालनेमि ने धोखे से रोकने की कोशिश की. यह घटना हनुमानजी की अटल भक्ति और राम नाम के जाप की महिमा को दर्शाती है.

कालनेमि का धोखा

कालनेमि, जो रावण का साथी था, ने हनुमानजी को रोकने के लिए साधु का वेश धारण किया. उसने सोचा कि अगर वह हनुमानजी को बहका सके, तो वे संजीवनी बूटी समय पर नहीं ला पाएंगे और लक्ष्मण जी की जान नहीं बचेगी. कालनेमि ने हनुमानजी से कहा, “थोड़ा आराम कर लो, मैं तुम्हें राम नाम का जाप सिखाऊंगा.

Also Read: https://www.prabhatkhabar.com/life-and-style/glowing-skin-masoor-dal-benefits-for-health-and-beauty

Also Read: https://www.prabhatkhabar.com/life-and-style/baby-names-unique-baby-names-selection-guide

हनुमानजी की अडिग भक्ति

हनुमानजी को कालनेमि की चालाकी का तुरंत पता चल गया. वे जानते थे कि राम नाम का जाप केवल एक धोखा था, क्योंकि असली भक्ति छल-कपट से नहीं की जाती. हनुमानजी ने बिना कोई समय गंवाए कालनेमि का अंत कर दिया और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे.

संजीवनी बूटी का महत्

हनुमानजी की रामजी के प्रति अटल भक्ति और समर्पण के कारण, वे संजीवनी बूटी लेकर समय पर लौटे और लक्ष्मण जी को नया जीवन मिला. यह घटना हमें बताती है कि सच्ची भक्ति और विश्वास हर मुश्किल को पार कर सकती है.

हनुमानजी संजीवनी बूटी लाने क्यों गए थे?

लक्ष्मणजी को मेघनाद के नागपाश बाण से गंभीर चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए संजीवनी बूटी आवश्यक थी. हनुमानजी ने उनकी जान बचाने के लिए हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाने का कठिन कार्य किया.

हनुमानजी ने कालनेमि के छल को कैसे नाकाम किया?

हनुमानजी ने अपनी अटल भक्ति और राम नाम के जाप से कालनेमि के छल को पहचाना और उसे परास्त किया. कालनेमि ने उन्हें राम नाम का जाप भूलवाने की कोशिश की, लेकिन हनुमानजी की सच्ची भक्ति ने उन्हें हर संकट से बचा लिया.

विज्ञापन
Rinki Singh

लेखक के बारे में

By Rinki Singh

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola

Frequently Asked Questions

लक्ष्मणजी को मेघनाद के नागपाश बाण से गंभीर चोट लगी थी, जिसके इलाज के लिए संजीवनी बूटी आवश्यक थी. हनुमानजी ने उनकी जान बचाने के लिए हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लाने का कठिन कार्य किया.