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आखिर क्यों टल गया NASA Artemis-1 Moon Mission, इस दिन फिर से होगी लॉन्चिंग, जानें इससे जुड़े सभी प्रश्न

Updated at : 30 Aug 2022 1:59 PM (IST)
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आखिर क्यों टल गया NASA Artemis-1 Moon Mission, इस दिन फिर से होगी लॉन्चिंग, जानें इससे जुड़े सभी प्रश्न

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के अर्टेमिस 1 को बीते 29 अगस्त 2022 की शाम साढ़े छह से साढ़े 8 के बीच लॉन्च करना था. हालांकि कुछ तकनीकी खराबी के कारण इसे टाल दिया गया. अब बताया जा रहा है कि इसकी अगली लॉन्च 2 सितंबर है.

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स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट पर RS-25 इंजन में खराबी के कारण NASA के आर्टेमिस 1 लॉन्च को स्थगित कर दिया गया है. हालांकि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने लॉन्च की अगली तारीख की पुष्टि नहीं की है, हालांकि दो और लॉन्च विंडो हैं. एक 2 सितंबर को चार दिनों में है, और दूसरा कुछ सप्ताह नीचे है. बताया जा रहा है कि इसकी अगली लॉन्च 2 सितंबर है.आर्टेमिस 1 की लॉन्चिंग इसलिए रूक गई क्योंकि, इंजीनियरों ने देखा कि एक इंजन में तरल हाइड्रोजन के साथ समस्या थी.

तकनीकी खराबी के कारण लॉन्चिंग हुई स्थगित

नासा ने स्पेस लांच सिस्टम रॉकेट में करीब 10 लाख गैलन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन भरने की प्रक्रिया को उसी स्थान पर अत्यंत विस्फोटक हाइड्रोजन के रिसाव के कारण बार-बार रोका और शुरू किया. रिसाव उसी जगह दिखाई दिया, जहां पहले भी ड्रेस रिहर्सल के दौरान सीपेज दिखाई दिया था. अधिकारियों ने कहा कि इसके बाद नासा के सामने नयी समस्या आ गयी, जब वह अपने चार प्रमुख इंजनों में से एक को सही तरीके से ठंडा नहीं कर पाया.

नासा की ओर से बनाया गया अब तक का सबसे ताकतवर रॉकेट

प्रक्षेपण को स्थगित करने की घोषणा के बाद इंजीनियरों ने आंकड़ों को जुटाने और समस्या की जड़ का पता लगाने का काम जारी रखा. यह प्रक्षेपण 50 साल पहले अपोलो कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद से पहली बार चंद्रमा की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने के अमेरिका के प्रयास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है. यह अंतरिक्षयान 322 फुट या 98 मीटर लंबा है, जो नासा द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे ताकतवर रॉकेट है और सैटर्न -5 से भी शक्तिशाली है, जो अपोलो कार्यक्रम के अंतरिक्षयात्रियों को चंद्रमा तक लेकर गया था.

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इसपर रखा गया आर्टेमिस का नाम

नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा, ”यह एक बहुत ही जटिल मशीन है, एक बहुत ही जटिल प्रणाली है, और उन सभी चीजों को काम करना है. आप इसे तब तक नहीं भेजते जब तक कि वह जाने के लिए तैयार न हो जाए.” प्रक्षेपण में देरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, यह अंतरिक्ष कार्यक्रम का सिर्फ एक हिस्सा है और यह विशेष रूप से एक परीक्षण उड़ान का हिस्सा है. इस रॉकेट के प्रक्षेपण को देखने के लिए हजारों लोग समुद्र तट के पास जमा हुए थे. अब जब भी यह प्रक्षेपण होगा, नासा के 21वीं सदी के चंद्रमा अन्वेषण कार्यक्रम के तहत पहली उड़ान होगी. इसका नाम अमेरिकी पौराणिक मान्यता के अनुसार अपोलो की जुड़वां बहन आर्टेमिस के नाम पर रखा गया है.

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