ePaper

आधा भारत नहीं जानता दवाओं के स्ट्रिप पर बनी लाल रेखा का मतलब क्या है? जान जाएगा तो कभी न करेगा बड़ी भूल

Updated at : 03 Jan 2026 6:26 PM (IST)
विज्ञापन
Medicine Red Line Means

दवाइयों के पैकेट पर बनी लाल स्ट्रिप, Pic Credit- Chatgpt

Medicine Red Line Means: दवाइयों की स्ट्रिप पर बनी लाल रेखा क्या बताती है? क्या यह सिर्फ डिजाइन है या सेहत से जुड़ी चेतावनी? मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ की जानकारी के अनुसार जानिए लाल रेखा वाली दवाइयों का सही मतलब, जोखिम और जरूरी सावधानियां.

विज्ञापन

Medicine Red Line Means: कई बार आपने बहुत सारी दवाइयों की स्ट्रिप या पैकेट पर एक लाल रंग की सीधी या तिरछी रेखा देखी होगी. बहुत से लोग इसे सिर्फ फार्मा कंपनी की डिजाइन समझकर नजर अंदाज कर देते हैं और कोई भी समस्या होने पर बेझिझक डॉक्टरों की बिना सलाह के वो दवाईयां ले लेते हैं. लेकिन ऐसा करना खतरनाक है. क्योंकि जिस लाल रेखा को साधारण समझकर आप नजरअंदाज कर देते हैं, वह वास्तव में बड़ी चेतावनी का संकेत है. मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर ट्वीट कर इससे संबंधित जानकारी दी है. आइये जानते हैं इस लाल रेखा का क्या मतलब है.

क्या मतलब है दवाइयों के पैकट पर लगे लाल रेखा का?

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ द्वारा साझा की गयी जानकारी के अनुसार दवाइयों पर बनी लाल रेखा यह बताती है कि वह दवा प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन है. यानी यह दवा डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेनी चाहिए. इसे खुद से खरीदना और सेवन करना खतरनाक हो सकता है. आगे अपने संदेश में मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने लिखा कि एंटीबायोटिक्स का सेवन हमेशा चिकित्सकीय सलाह से करना चाहिए. जिम्मेदार उपयोग से जीवन की रक्षा होती है और एंटीबायोटिक्स की प्रभावशीलता लंबे समय तक बनी रहती है.

Also Read: Most Powerful Winter Saag: सर्दियों में खाएं भारत के ये 10 ताकतवर साग – फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

लाल रेखा वाली दवाइयों में क्या हो सकता है जोखिम?

इन दवाओं में अक्सर ऐसे तत्व होते हैं जो गलत खुराक में लेने पर साइड इफेक्ट कर सकते हैं. लंबे समय तक लेने से किडनी, लिवर या दिल पर असर डाल सकते हैं और दूसरी दवाओं के साथ रिएक्शन कर सकते हैं. इसी वजह से सरकार ने इन्हें चेतावनी के रूप में लाल रेखा के साथ चिन्हित किया है.

किन दवाओं पर आमतौर पर होती है लाल रेखा?

  • एंटीबायोटिक
  • दर्द निवारक (पावरफुल पेनकिलर)
  • मानसिक रोगों से जुड़ी दवाएं
  • हार्मोन से संबंधित दवाएं

ऊपर दी गयी दवाईयों का सेवन बिना जांच-पड़ताल के करने से बीमारी को ठीक होने की जगह और गंभीर हो सकती है.

मेडिकल स्टोर से सीधे खरीदना कितना सही?

सरकार द्वारा जारी रूल्स के मुताबिक, लाल रेखा वाली दवाएं डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं बेची जानी चाहिए. हालांकि, कई जगहों पर लापरवाही से यह नियम टूटता है, जो मरीज की सेहत के साथ खिलवाड़ है.

Also Read: Correct Way to Get Vitamin D: 99% लोग नहीं जानते विटामिन D लेने का सही तरीका – कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती?

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola