International Labour Day 2023: एक मई को क्यों मनाया जाता है मजदूर दिवस? जानें क्या है इसका इतिहास

Patna News
हर साल 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है. दरअसल, मजदूरों और श्रमिकों को सम्मान देने के उद्देश्य से दुनियाभर में मजदूर दिवस मनाया जाता है. इसे लेबर डे, मई दिवस, श्रमिक दिवस आदि नामों से भी जाना जाता है. आइए जानते हैं कैसे हुई थी मजदूर दिवस की शुरुआत और क्या है इस साल का थीम…
International Labour Day 2023: अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस हर साल 1 मई को मनाया जाता है. जिसे लेबर डे, मई दिवस, श्रमिक दिवस आदि नामों से भी जाना जाता है. किसी भी देश के विकास में वहां के मजदूर का सबसे बड़ा योगदान होता है. ऐसे में यह दिवस उनके हक की लड़ाई उनके प्रति सम्मान भाव और उनके अधिकारों के आवाज को बुलंद करने का प्रतीक है. आइए जानते हैं कैसे हुई थी मजदूर दिवस की शुरुआत क्या है इसका महत्व व इतिहास…
19वीं शताब्दी में संयुक्त राज्य अमेरिका में श्रमिक संघ आंदोलन में मजदूर दिवस की उत्पत्ति हुई थी. 1889 में मार्क्सवादी इंटरनेशनल सोशलिस्ट कांग्रेस ने एक महान अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन के लिए एक प्रस्ताव अपनाया. जिसमें उन्होंने मांग की कि श्रमिकों को दिन में 8 घंटे से अधिक काम नहीं करना चाहिए. इसके बाद यह एक वार्षिक आयोजन बन गया और 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. 14 जुलाई, 1889 को यूरोप में सोशलिस्ट पार्टियों की पहली अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा घोषित किए जाने के बाद मई दिवस पहली बार 1 मई, 1890 को मनाया गया था. यूरोप में 1 मई को ऐतिहासिक रूप से ग्रामीण पारंपरिक किसान त्योहारों से जोड़ा गया है, लेकिन बाद में मई दिवस आधुनिक श्रमिक आंदोलन से जुड़ गया.
वहीं, भारत के चेन्नई में 1 मई 1923 में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान की अध्यक्षता में मजदूर दिवस मनाने की परंपरा की शुरूआत हुई. इस दौरान कई संगठनों व सोशल पार्टियों का समर्थन मिला. जिसका नेतृत्व वामपंथी कर रहे थे. आपको बता दें कि पहली बार इसी दौरान मजदूरों के लिए लाल रंग का झंडा वजूद में आया था. जो मजदूरों पर हो रहे अत्याचार व शोषण के खिलाफ आवाज उठाने का प्रतिक है.
-
मजदूर दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को श्रमिकों और उनकी समस्याओं के प्रति जागरूक करना है.
-
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है मजदूरों की उपलब्धियों का सम्मान करना. उनके योगदान की चर्चा करना.
-
उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करना.
-
मजदूर संगठन को मजबूत करना आदि.
Also Read: Ekadashi Vrat Niyam: एकादशी के दिन क्यों नहीं खाते हैं चावल? जानें व्रत से जुड़ा यह जरूरी नियम
हर बार मजदूर दिवस की एक थीम होती है, जिसके आधार पर इन दिन को मनाया जाता है. इस साल मजदूर दिवस 2023 की थीम ‘सकारात्मक सुरक्षा और हेल्थ कल्चर के निर्माण के लिए मिलकर कार्य करना है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Nutan Kumari
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










