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Hindi Diwas 2020 : हिंदी दिवस के अवसर पर यहां से तैयार करें निबंध, भाषण या स्पीच तैयार, जानें एक से बढ़कर एक विषय

By Prabhat khabar Digital
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Hindi Diwas speech in hindi :
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Hindi diwas Speech, Bhashan, Nibandh for student, Teacher : हर वर्ष की तरह इस साल भी 14 सितंबर को देशभर में हिंदी दिवस (hindi diwas) मनाया जाना है. कई देशों में बोली जाने वाली यह भाषा सबसे प्राचीन भाषाओं में से एक है. जिसे भारत की 'राष्ट्रभाषा' (National language) के तौर पर भी जाना जाता है. एक अध्ययन की मानें तो यह दुनियाभर में चौथी सबसे ज्यादा बोले जानी वाली भाषा है. इस अवसर पर विभिन्न संस्थानों में हिंदी में बोलने, निबंध या स्पीच देने, दोहे या कविताएं सुनाने की परंपरा होती है. ऐसे में आइये जानते हैं निबंध, भाषण या स्पीच कैसे करें तैयार...

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हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

हिंदी की बिंदी लागे सबसे प्यारी,

हिंदी हम सबकी दुलारी

हिंदी भाषा सबसे न्यारी,

भारत वासियों को है हिंदी प्यारी.

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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Hindi Diwas 2020 : हिन्द की भाषा हमें प्यारी लगे..

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हिन्द की भाषा हमें प्यारी लगे,

सारी भाषाओ से ये न्यारी

लगे जब भी हम जाते कभी परदेश में,

बीच गैरो के भी हमारी लगे.

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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Hindi Diwas ki Shubhkamnaye : हिन्दी से ही इसमें प्राण..

अपनी हिन्दी पर हमें अभिमान है, हिन्दी अपनी शानो शौकत मान है मुर्दा अपना देश औ साहित्य है, सिर्फ़ हिन्दी से ही इसमें प्राण है.

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं : हिंदी है हमारा श्रृंगार..

हिंदी है हमारा अभिमान

हिंदी है हमारा श्रृंगार,

हिंदी ही है हमारे संस्कार.

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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Hindi Diwas ki Shubhkamnaye : न ही उर्दू फ़ारसी सिन्धी हुई..

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न ही उर्दू फ़ारसी सिन्धी हुई, मान कायम इसकी न चिन्धी हुई भारती के भाल की बिन्दी हुई, सिर्फ़ भाषा एक जो हिन्दी हुई.

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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Hindi Diwas 2020 : हिंदी हमारा मान..

हिंदी हमारा मान है,

हिंदी ही सम्मान है हिंदी हमारे देश की,

प्यारी सी पहचान है

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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Hindi Diwas 2020 : मेरी मातृभाषा, हिंदी मेरी मां..

हिंदी को समर्पित,

मेरे दिलो-जां हैं हिंदी

मेरी मातृभाषा,

हिंदी मेरी मां है

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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Hindi Diwas : हिंदी बोलो शान से..

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हिंदी बोलो शान से,

हरपल तुम जी-जान से

हिंदी में हस्ताक्षर करना,

सदा ही स्वाभिमान से

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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Hindi Diwas 2020 : हिंदी है नव-प्रीत की भाषा..

हिंदी है नव-प्रीत की भाषा,

ग़ज़ल की भाषा गीत की भाषा दुश्मन को भी दोस्त बना दे,

हिन्दी है मनमीत की भाषा

हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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कक्षा छठी, 7वीं और 8वीं के छात्रों के लिए भाषण, स्पीच

भारत में प्रत्येक वर्ष हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है. हिंदी हमारी मतृभाषा के साथ-साथ राष्ट्रभाषा भी है. 14 सितंबर 1949 को हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकारा गया था. हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली भाषा है. इससे मिलते जुलते कई और भाषा है जैसे बांग्ला, संस्कृत व अन्य. आमतौर पर इस दिन, स्कूल, कार्यालयों और कॉलेजों समेत विभिन्न संस्थानों में इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. स्कूलों में हिंदी भाषा की प्रतियोगिताएं होती हैं. इन प्रतियोगिताओं में हिंदी कहानी लेखन, कविता पाठ और नाटक आदि शामिल होता हैं. आजकल गूगल पर भी इसका बड़ा महत्व हो गया है. कई व्यवसाय इसे पर चल रहे हैं.

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Hindi Diwas : कुछ महान व्यक्तियों के कोट्स

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हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है.

- कमलापति त्रिपाठी

हिन्दी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्रोत है.

– सुमित्रानंदन पंत

कोई राष्ट्र अपनी भाषा को छोड़कर राष्ट्र नहीं कहला सकता. भाषा की रक्षा सीमाओं की रक्षा से भी जरूरी है.

– थास्मिस डेविस

निज भाषा उन्नति अहै,

सब भाषा को मूल,

बिनु निज भाषा ज्ञान के,

मिटै न हिय को शूल.

— भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

'हिंदी का प्रश्न स्वराज्य का प्रश्न है'.

- महात्मा गांधी

जो सम्मान, संस्कृति और अपनापन हिंदी बोलने से आता हैं, वह अंग्रेजी में दूर-दूर तक दिखाई नहीं देता हैं.

– अज्ञात

हिंदी का प्रचार और विकास कोई रोक नहीं सकता.

- पंडित गोविंद बल्लभ पंत

हिन्दी पढ़ना और पढ़ाना हमारा कर्तव्य है. उसे हम सबको अपनाना है.

– लालबहादुर शास्त्री

परदेशी वस्तु और परदेशी भाषा का भरोसा मत रखो अपने में अपनी भाषा में उन्नति करो.

– भारतेंदु हरिश्चन्द्र

हिन्दी देश की एकता की कड़ी है.

– डॉ. जाकिर हुसैन

हिन्दी के द्वारा सारे भारत को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है.

– महर्षि स्वामी दयानन्द

हिन्दी सरलता, बोधगम्यता और शैली की दृष्टि से विश्व की भाषाओं में महानतम स्थान रखती है.

– डॉ. अमरनाथ झा

देश के सबसे बड़े भूभाग में बोली जानेवाली हिन्दी राष्ट्रभाषा– पद की अधिकारिणी है.

– सुभाषचन्द्र बोस

हिन्दी की एक निश्चित धारा है, निश्चित संस्कार है.

– जैनेन्द्रकुमार

हिंदी भारत की राष्ट्रभाषा तो है ही, यही जनतंत्रात्मक भारत में राजभाषा भी होगी.

- राजगोपालाचारी

हमारी नागरी लिपी दुनिया की सबसे वैज्ञानिक लिपी है.

- राहुल सांकृत्यायन

देश की किसी संपर्क भाषा की आवश्यकता होती है और वह (भारत में) केवल हिन्दी ही हो सकती है.

– श्रीमती इंदिरा गांधी

जिस देश को अपनी भाषा और साहित्य का गौरव का अनुभव नहीं है, वह उन्नत नहीं हो सकता.

- डॉ. राजेंद्र प्रसाद

हिन्दी एक जानदार भाषा है; वह जितनी बढ़ेगी देश को उतना ही लाभ होगा.

– जवाहरलाल नेहरू

सभी भारतीय भाषाओं के लिए यदि कोई एक लिपी आवश्यक है तो वो देवनागरी ही हो सकती है.

- जस्टिस कृष्णस्वामी अय्यर

हिंदी हमारे राष्ट्र की अभिव्यक्ति का सरलतम स्त्रोता है.

- सुमित्रानंदन पंत

'यद्यपि मैं उन लोगों में से हूं, जो चाहते हैं और जिनका विचार है कि हिंदी ही भारत की राष्ट्रभाषा हो सकती है'.

- लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक

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हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाना भाषा का प्रश्न नहीं अपितु देशाभिमान का प्रश्न है.

– एन. निजलिंगप्पा

हिन्दी उन सभी गुणों से अलंकृत है, जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषा की अगली श्रेणी में समासीन हो सकती है.

– मैथिलीशरण गुप्त

राष्ट्रीय व्यवहार में हिन्दी को काम में लाना देश की उन्नति के लिए आवश्यक है.

- महात्मा गांधी

जब तक इस देश का राजकाज अपनी भाषा (हिन्दी) में नहीं चलता तब तक हम यह नहीं कह सकते कि इस देश में स्वराज्य है.

– मोरारजी देसाई

हिंदी आम बोलचाल की 'महाभाषा' है.

- जॉर्ज ग्रियर्सन

राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूंगा है.

– महात्मा गांधी

प्रान्तीय ईर्ष्या–द्वेष को दूर करने में जितनी सहायता इस हिंदी प्रचार से मिलेगी, उतनी दूसरी किसी चीज़ से नहीं मिल सकती.

- सुभाषचंद्र बोस

मैं दुनिया की सभी भाषाओं की इज्जत करता हूं पर मेरे देश में हिंदी की इज्जत न हो, यह मैं सह नहीं सकता.

- आचार्य विनोबा भावे

हिंदी किसी एक प्रदेश की भाषा नहीं बल्कि देश में सर्वत्र बोली जाने वाली भाषा है.

- विलियम केरी

मेरा आग्रहपूर्वक कथन है कि अपनी सारी मानसिक शक्ति हिन्दी भाषा के अध्ययन में लगावें. हम यही समझे कि हमारे प्रथम धर्मों में से एक धर्म यह भी है.

– विनोबा भावे

जिस देश को अपनी भाषा और साहित्य के गौरव का अनुभव नहीं है, वह उन्नत नहीं हो सकता.

– डॉ. राजेन्द्र प्रसाद

हिंदी मेरी मां ने मुझे सिखाया हैं, इसलिए इसके प्रति प्रेम और सम्मान मेरे हृदय में अन्य भाषाओं की अपेक्षा अधिक हैं.

– अज्ञात

हिंदी है हम और हिंदी हमारी पहचान हैं.

– अज्ञात

हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है और यदि मुझसे भारत के लिए एकमात्र भाषा का नाम लेने की कहा जाए तो वह निश्चित रूप से हिन्दी ही है.

– कामराज

हिंदी भारतीय संस्कृति की आत्मा है.

- कमलापति त्रिपाठी

भारत के विकास में हिंदी का योगदान अति महत्वपूर्ण हैं. यदि हम भारत को विकसित देश के रूप में देखना चाहते हैं तो हिंदी के महत्व को हम सबको समझना होगा.

– अज्ञात

हिंदी हृदय की भाषा हैं, जिसकी वजह से हमारे शब्द हृदय से निकलते हैं और हृदय तक पहुंचते हैं.

– अज्ञात

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हिंदी दिवस : कक्षा 9, 10, 11, 12 और प्रतियोगी परीक्षा के छात्रों के लिए

भारत में 14 सितंबर को हर वर्ष हिंदी दिवस मनाया जाता है. इस दिन भारत के विधानसभा द्वारा आधिकारिक तौर पर हिंदी भाषा राष्ट्रभाषा स्वीकार किया था. 14 सितंबर 1949 को ही भारत के घटक विधानसभा द्वारा हिंदी भाषा को भारतीय गणराज्य की आधिकारिक भाषा के तौर पर अपनाया गया. इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और कार्यालयों में छात्रों तथा स्टाफ को हमारी राष्ट्रीय भाषा का महत्व बताया जाता है. इस दिन विभिन्न हिंदी कहानी लेखन, कविता और बच्चों द्वारा मजेदार हिंदी नाटकों का आयोजन किया जाता है. यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस आधुनिक युग में भी लोगों को हिंदी भाषा के महत्व को याद दिलाता है. हिंदी दिवस पर लोगों के दिलों में देशभक्ति भी जागृत होती है.

हिंदी दिवस पर स्पीच

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, शिक्षकगण और यहां उपस्थित मेरे सहपाठी छात्रों आप सभी का इस कार्यक्रम में हार्दिक स्वागत है.

आज हिंदी दिवस के अवसर पर हमारे महाविद्यालय में इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. जैसा कि आप सब जानते है कि हिंदी हमारे देश की राजभाषा है और इसके सम्मान के उपलक्ष्य में हर वर्ष 14 सिंतबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है क्योंकि हिंदी सिर्फ हमारी राष्ट्र भाषा ही नही बल्कि हमारे विचारों का सरलता से आदान-प्रदान का एक जरिया भी है. वैसे तो हर वर्ष साधरणतः इस दिन हमारे महाविद्यालय में कोई विशेष कार्यक्रम का आयोजन नही किया जाता था, परन्तु इस वर्ष से इस प्रथा को बदला जा रहा है और अब हमारे आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय ने यह निर्णय लिया है कि अब प्रत्येक वर्ष इस दिन को बड़े ही धूम-धाम से मनाया जायेगा.

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ऐसे हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया गया

14 सितंबर, जिस दिन भारत की संविधान सभा ने हिंदी को अपनी आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया, हर साल हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है. कई स्कूल, कॉलेज और कार्यालय इस दिन महान उत्साह के साथ मनाते हैं। कई लोग हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति के महत्व के बारे में बात करने के लिए आगे आते हैं. स्कूल हिंदी बहस, हिन्दी दिवस पर कविता और कहानी कहने वाली प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मेजबानी करते हैं.

इस दिन भारत के राष्ट्रपति द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हिंदी से संबंधित क्षेत्रों में उनके बेहतर काम करने वाले लोगों को पुरस्कार वितरित किए जाते हैं. राजभाषा पुरस्कार विभागों, मंत्रालयों, पीएसयू और राष्ट्रीयकृत बैंकों को वितरित किए जाते हैं. 25 मार्च 2015 के आदेश में गृह मंत्रालय ने सालाना हिंदी दिवस पर दिए गए दो पुरस्कारों का नाम बदल दिया है. 1986 में स्थापित ‘इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार’, ‘राजभाषा कीर्ति पुरस्कार’ और ‘राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान मौलिक पुस्तक लेखन पुरस्कार’ बदलकर राजभाषा गौरव पुरास्का हो गया है.

मुझे इस बात की काफी खुशी है कि आज के इस विशेष दिन इस कार्यक्रम में मुझे आप सब की मेजबानी करने का अवसर मिला है. आज के अवसर पर मैं आप सबके सामने हिंदी के महत्व और वर्तमान काल में इसके उपर मंडरा रहे संकट तथा इसके निवारण के विषय में चर्चा करना चाहूँगा.

जैसा कि हम सब जानते है कि हिंदी भारत की सबसे ज्यादे बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, वैसे देखा जाये तो हिंदी का इतिहास लगभग 1000 वर्ष पुराना है, परन्तु आधुनिक काल (1850 ईस्वी के पश्चात) में इसमें सबसे अधिक विकास हुआ. यह वह समय था, जब हिंदी भाषा में भारतेंदु और प्रेमचंद जैसे महान सूर्यों का उदय हुआ. इसके साथ भारत के आजादी में भी हिंदी भाषा का काफी महत्व रहा है, चाहे वह आजादी के लिए तैयार किए गये हिंदी नारे हो या फिर देशभक्ति कविताएं सभी ने देश की जनता के ह्रदयों में क्रांति की ज्वाला को भरने का कार्य किया। यही कारण था कि हिंदी को जन-जन की भाषा माना गया और आजादी के पश्चात इसे राजभाषा का दर्जा मिला.

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स्पीच की शुरूआत ऐसे करें

प्रतियोगिता में मौजूद सभी अतिथिगण को मेरा नमस्कार, मैं शिवम हूं. हिन्दी दिवस के खास मौके पर आज खुद को इस प्रतियोगिता में शामिल करके मैं गर्व महसूस कर रही हूं. साथियों जैसा की हम सभी जानते हैं कि हम लोग हिन्दी दिवस के खास मौके पर हिन्दी भाषा के सम्मान को बढ़ाने के लिए आज यहां एकत्रित हुए है.

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हिन्दी दिवस पिछले 67 सालों से 14 सितंबर के दिन हर साल सेलिब्रेट किया जाता है. इसी दिन हिन्दी भाषा को संवैधानिक रूप से भारत की आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला था. दो सौ साल की ब्रिटिश राज की गुलामी से आजाद होने के बाद भारतीयों ने सपना देखा था, कि एक दिन पूरे देश की एक ही भाषा होगी, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में वाद-संवाद होगा। संविधान निर्माताओं ने देवनगरी में लिखी हिन्दी भाषा को देश की भाषा के रूप में स्वीकार किया.

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राष्ट्रभाषा हिन्दी ही क्यों

हिन्दी विश्व की एक प्रमुख भाषा है जिसे भारत की राष्ट्रभाषा के तौर पर भी जाना जाता है. हिंदी संवैधानिक रूप से भारत की राजभाषा के साथ-साथ भारत की सबसे अधिक बोली या समझे जाने वाली भाषा है. यही कारण है कि इसका चयन राष्ट्रभाषा के तौर पर करने का विचार किया गया. एथनॉलोग (Ethnologue) की मानें तो हिन्दी विश्व की चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है. इसे विश्व आर्थिक मंच की गणना के बाद विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक माना गया था.

दरअसल, हिन्दी को पूरे भारत के विभिन्न राज्यों में शुरू से बोला जाता रहा है. आपको यह जानकर खुशी होगी की कई देशों में तो बोला ही जाता है. लेकिन, अबू धाबी में इसे विशेष रूप से न्यायालय द्वारा तीसरी भाषा के रूप में मान्यता मिली थी.

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क्यों 14 सितंबर मनाया जाता है हिन्दी दिवस

हिन्दी दिवस हर साल 14 सितंबर को देशभर में मनाया जाता है. दरअसल, वर्ष 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने एक मत होकर इसे भारत की राजभाषा के तौर पर स्वीकार किया था. इसी महत्वपूर्ण निर्णय के बाद यह तय किया गया था कि इसे हर क्षेत्र में प्रसारित किया जाएगा.

हिंदी दिवस से जुड़े तथ्य

राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर हिंदी को वर्ष 1953 से पूरे भारत में लागू किया गया. जिसके बाद से ही 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के तौर पर मनाया जाता है.

हिंदी दिवस मनाने के पिछे दूसरा तथ्य

हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ चुके राजेन्द्र सिंहा का 50-वां जन्मदिवस 14 सितम्बर 1949 को था. जिस दिन हिन्दी को राष्ट्रभाषा स्वीकार किया गया. कहा जाता है कि उन्होंने इसे राष्ट्रभाषा के तौर पर स्थापित करवाने के लिए काका मैथिलीशरण गुप्त, कालेलकर, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास जैसे कई साहित्यकारों को साथ लेकर भरपूर प्रयास किया था.

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Hindi Diwas 2020 : निबंध, भाषण या स्पीच के लिए विभिन्न विषय

दरअसल, आज के दिन आप कई टॉपिक्स पर निबंध लिख सकते हैं या भाषण या स्पीच तैयार कर सकते हैं. इन्हीं में से कुछ विषय है निम्नलिखत है..

  1. राष्ट्रभाषा हिन्दी ही क्यों

  2. भारतीय संविधान और हिन्दी भाषा का इतिहास

  3. क्यों 14 सितंबर मनाया जाता है हिन्दी दिवस

  4. हिन्दी का इतिहास

  5. देशवासियों की पहचान हिंदी

  6. हिन्दी के बड़े लेखक व साहित्यकार

Posted By : Sumit Kumar Verma

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