क्या आपके किचन के बर्तन कहीं हो तो नहीं गए 'एक्सपायर'? जानें कब बदल देना है जरूरी

Kitchen Utensils(AI Image)
क्या आपके किचन के बर्तन खराब हो रहे हैं? जानें एल्युमिनियम, प्लास्टिक, तांबे, पीतल, मेलामाइन और लकड़ी के बर्तनों को कब बदलना जरूरी है. समय पर बदलाव से स्वास्थ्य और स्वच्छता बनी रहती है.
Kitchen Utensils: घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों पर अक्सर हमारा ध्यान तब जाता है, जब वे टूटने या पूरी तरह खराब होने लगते हैं. लेकिन सिर्फ टूटना ही बर्तन बदलने का कारण नहीं होता. लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद कई बर्तनों की सतह घिस जाती है, उनमें दरारें आ जाती हैं या उनकी गुणवत्ता पहले जैसी नहीं रहती. ऐसे बर्तनों का उपयोग करने के बजाय समय रहते उन्हें बदल देना बेहतर माना जाता है. आइए जानते हैं किन बर्तनों पर सबसे ज्यादा नजर रखने की जरूरत होती है.
एल्युमिनियम के बर्तन
एल्युमिनियम के बर्तन हल्के और किफायती होने के कारण कई घरों में इस्तेमाल किए जाते हैं. अगर ये बहुत ज्यादा घिस जाएं, पतले हो जाएं या उनकी अंदरूनी सतह खराब होने लगे, तो उन्हें बदल देना चाहिए. खासकर खट्टी चीजें बार-बार पकाने से ऐसे बर्तनों की सतह जल्दी प्रभावित हो सकती है.
प्लास्टिक के डिब्बे और बोतलें
रसोई में खाने-पीने की चीजें रखने के लिए प्लास्टिक कंटेनर का खूब इस्तेमाल होता है. लेकिन यदि उनमें खरोंचें पड़ गई हों, रंग बदल गया हो या उनमें से अजीब गंध आने लगे, तो नए कंटेनर लेना बेहतर होता है. पुराने और क्षतिग्रस्त प्लास्टिक के डिब्बों का लंबे समय तक उपयोग करने से बचना चाहिए.
तांबे और पीतल के बर्तन
तांबे और पीतल के बर्तन लंबे समय तक चल सकते हैं, लेकिन इनकी अंदरूनी कलई सुरक्षित रहना जरूरी है. यदि कलई घिस जाए या अंदर हरे या काले रंग के निशान दिखाई देने लगें, तो दोबारा कलई करवाने के बाद ही उनका इस्तेमाल करें.
मेलामाइन की प्लेटें और बाउल
मेलामाइन की प्लेटें और बाउल हल्के और आकर्षक होते हैं, लेकिन इनमें दरार, टूट-फूट या गहरे निशान दिखाई देने लगें तो इन्हें बदल देना ही बेहतर रहता है.
लकड़ी के चम्मच और चॉपिंग बोर्ड
लकड़ी के चम्मच और चॉपिंग बोर्ड समय के साथ कटने, फटने और नमी सोखने लगते हैं. ऐसी स्थिति में इनमें बैक्टीरिया पनपने की संभावना बढ़ सकती है. यदि इन पर गहरे कट, दरार या टूट-फूट नजर आए, तो नए बर्तन इस्तेमाल करना अधिक सुरक्षित माना जाता है.
रसोई के बर्तनों की नियमित जांच करना अच्छी आदत है. यदि किसी बर्तन में टूट-फूट, ज्यादा घिसावट या स्पष्ट खराबी दिखाई दे रही हो, तो उसे समय रहते बदल देना ही समझदारी है. इससे रसोई की साफ-सफाई और उपयोग की गुणवत्ता दोनों बेहतर बनी रहती हैं.
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By Pushpanjali
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