Guru Nanak Jayanti 2022 Speech, Quotes, Bhasan: प्रकाश पर्व पर यहां से देखें भाषण, स्पीच और निबंध

Published by : Shaurya Punj Updated At : 07 Nov 2022 6:47 AM

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Guru Nanak Jayanti 2022 Speech, Quotes, Bhasan in Hindi: कल गुरु नानक जयंती है. इस वर्ष गुरु नानक देव जी की 553वीं जयंती मनाई जा रही है. गुरु पर्व पर कई संस्थानों में निबंध व भाषण प्रतियोगिताएं भी करायी जाती हैं. आइए देखते हैं निबंध और स्पीच के कुछ बेहतरीन सैंपल्स

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Guru Nanak Jayanti 2022 Speech, Quotes, Bhasan in Hindi: गुरु नानक देव जी सिखों के प्रथम गुरु थे. इस वर्ष गुरु नानक देव जी की 553वीं जयंती मनाई जा रही है. लोग एक दूसरे को गुरु नानक जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं संदेश भेजते हैं. गुरु पर्व पर कई संस्थानों में निबंध व भाषण प्रतियोगिताएं भी करायी जाती हैं. आइए देखते हैं निबंध और स्पीच के कुछ बेहतरीन सैंपल्स

यह सिखों का सबसे बड़ा त्योहार है. गुरु नानक जयंती सिख धर्म के सबसे पुराने त्योहारों में से एक है. गुरु नानक देव का जन्मदिन गुरु नानक जयंती के रूप में मनाया जाता है. गुरु नानक जयंती कार्तिक के महीने में पूर्णिमा के दिन कार्तिक पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता है. गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक थे. वह पहले सिख गुरु थे, गुरु नानक देव जी का जन्म 15 अप्रैल 1469 को पाकिस्तान के वर्तमान शेखपुरा जिले में राय-भोई-दी तलवंडी में हुआ था, जिसे अब ननकाना साहिब के नाम से जाना जाता है. गुरु नानक जयंती पर, सिख लोग नए कपड़े पहनते हैं और गुरुद्वारों में जाते हैं. गुरु नानक जयंती की सुबह गुरुद्वारे में प्रभात फेरी के साथ शुरू होती है और भजन गायन वाले इलाकों में जुलूस चलता है. सिख प्रार्थना करते हैं और गुरु नानक जी को श्रद्धांजलि देते हैं.

गुरु नानक देव सिखों के प्रथम गुरु व सिख धर्म के संस्थापक थे. वे एक महापुरुष व महान धर्म प्रर्वतक थे जिन्होंने विश्व से सांसारिक अज्ञानता को दूर कर आध्यात्मिक शक्ति को आत्मसात् करने हेतु लोगों को प्रेरित किया. गुरु नानक देव जी की बचपन से ईश्वर में श्रद्धा थी. उनका मन भक्ति में ही लगता था. उनकी दृष्टि में ईश्वर सर्वव्यापी है. वे मूर्ति पूजा के कट्‌टर विरोधी थे. गुरु पर्व की शुरुआत भजन गायन के साथ होती है. इस दिन गुरुद्वारों में लंगर भी लगता है.

गुरु नानक जयंती गुरपुरब कैसे कैसे मनाई जाती है ?

गुरुपर्व से दो दिन पहले, गुरु ग्रंथ साहिब का 48 घंटे तक अखंड पाठ किया जाता है. गुरपुरब से एक दिन पहले, नगर कीर्तन का आयोजन किया जाता है. नगर कीर्तन भक्तों द्वारा सुबह जल्दी निकाला जाता है. लोग सुंदर भजन और प्रार्थना करते हुए सड़कों पर चलते हैं. नगर कीर्तन का नेतृत्व गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी या पालकी के साथ किया जाता है. गुरुपर्व पर, अमृत वेला के दौरान या सुबह 3 बजे से सुबह 6 बजे के बीच उत्सव की शुरुआत सुबह 3 बजे से होती है. गुरु नानक की स्तुति में कथा और कीर्तन के बाद सुबह की प्रार्थनाएं गाई जाती हैं. कुछ गुरुद्वारों में रात भर प्रार्थना की जाती है. गुरु नानक जी के जन्म समय, गुरु ग्रंथ साहिब से भजन सुबह 1:20 बजे सुनाए जाते हैं. गुरुद्वारों में लंगर का आयोजन किया जाता है, एक विशेष समुदाय दोपहर का भोजन, जहां हर कोई, जाति, पंथ या वर्ग के बावजूद प्रसाद या भोजन की पेशकश करता है. यह लोगों के प्रति नि: स्वार्थ सेवा का प्रतीक है.

गुरु नानक कौन हैं?

गुरु नानक का जन्म 15 अप्रैल, 1469 को हुआ था. उनका विश्वास एक ईश्वर के अस्तित्व पर था. उन्होंने हर जगह यात्रा की, जहां उन्होंने संदेश फैलाया. एक शिक्षक के रूप में, उनकी शिक्षाओं को सिखों के पवित्र ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब में दायर किया जाता है. उनका उपदेश एक ईश्वर पर आधारित था और यह ईश्वर कैसे बिना किसी भेदभाव के सभी को प्यार करता है. उनके विश्वास के अनुयायी सिख के रूप में जाने जाते हैं. वे हर साल अपने गुरु, गुरु नानक देव का जन्मदिन गुरु नानक गुरुपुरब के नाम से मनाते हैं.

सिखों के पहले गुरु गुरु नानक की जयंती का प्रतीक…

हर सिख के लिए गुरु पर्व का दिन बेहद अहम होता है. इस दिन हर कोई एक-दूसरे को गुरुपुरब यानी गुरु नानक जयंती की दिल स शुभकामनाएं देता है. गुरु नानक देव की जयंती इस साल 30 नवंबर, सोमवार यानी आज है. गुरु पर्व के पावन दिन सिखों के पहले गुरु गुरु नानक की जयंती का प्रतीक है. यह सिख धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक माना जाता है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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