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Hyperhidrosis: हथेली और तलवों में आता है हद से ज्यादा पसीना? हो सकता है हाइपरहाइड्रोसिस

Updated at : 14 Feb 2025 2:37 PM (IST)
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Causes of Hyperhidrosis

pic credits: social media

Causes of Hyperhidrosis: बॉडी से पसीना आना सेहत के लिए अच्छा होता है. लेकिन बॉडी से हद से ज्यादा पसीना आना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. अधिक पसीना आना एक प्रकार का बीमारी है जिसे हाइपरहाइड्रोसिस कहते हैं.

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Causes of Hyperhidrosis: बॉडी से पसीना आना आम बात है और यह सेहत के लिए अच्छा भी है. गर्मियों में हमारे बॉडी से ज्यादा पसीना आता है या कोई एक्टिविटी करतें हैं तब भी बहुत पसीना आता है. यह नेचुरल होता है, जो बॉडी को ठंडा रखा है. जब हम किसी तनाव या परेशानी में होते हैं तब हमारे हाथों और पैरों में पसीना आना सामान्य बात है. लेकिन हद से ज्यादा और बिना किसी कारण के पसीना आना बीमारियों का संकेत हो सकता है. ऐसी ही एक बीमारी है हाइपरहाइड्रोसिस जिसमें शरीर से अधिक मात्रा में पसीना निकलता है. चलिए जानते हैं कि क्या है हाइपरहाइड्रोसिस और यह कैसे होता है.

हाइपरहाइड्रोसिस क्या होता है?

हाइपरहाइड्रोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की पसीने वाली ग्रंथियां ओवर एक्टिवेट हो जाती हैं. जिसके कारण बॉडी से काफी ज्यादा पसीना आता है. इस बीमारी में व्यक्ति के हाथ, पैर और माथे पर अधिक पसीना आता है. कई बार यह समाज में शर्मिंदगी का कारण बन जाता है. लोग किसी से हाथ मिलाने से भी डरते हैं, इतना अधिक पसीना आता है. लोगों को समझना चाहिए की ये कोई गंदगी नहीं बल्कि एक बीमारी है.

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हाइपरहाइड्रोसिस का कारण

हाइपरहाइड्रोसिस की बीमारी थायराइड, लो ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, और नर्वस सिस्टम डिसऑर्डर के कारण होता है. हाइपरहाइड्रोसिस में पसीने की ग्रंथियां बॉडी सिस्टम से सही से कनेक्ट नहीं हो पाती हैं, जिससे यह समस्या होता है. पसीना आपके बॉडी को ठंडा रखता है. इसलिए जब आप घबराते हैं या आपके शरीर का तापमान बढ़ता है तो नर्वस सिस्टम पसीने वाली ग्रंथियों को अपने आप चालू कर देता है. जब पसीना होता है तब हाथों और पैरों में सामान्य रूप से होता है. यह जेनेटिक भी माता-पिता से हो सकता है.

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हाइपरहाइड्रोसिस के लक्षण

  • हाइपरहाइड्रोसिस से ग्रसित इंसान को बिना किसी तनाव और बिन मौसम हाथ की हथेलियों और पैर के तलवों पर ज्यादा पसीना आता है.
  • इस बीमारी में शरीर हमेशा गीला और चिपचिपा रहता है.
  • हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित इंसान को सोते वक्त भी पसीना आने लगता है.
  • सर्दियों के मौसम में भी काफी ज्यादा पसीना आता है.
  • तनाव और चिंता के कारण भी शरीर पर पसीना आने लगता है.
  • हाइपरहाइड्रोसिस के दौरान सबसे सबसे ज्यादा पसीना हाथ के हथेलियों जा, पैर के तलवों पर और माथे पर आता है.

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हाइपरहाइड्रोसिस से बचाव

वैसे तो इस बीमारी को दवा से भी ठीक किया जा सकता है, लेकिन आप कुछ घरेलू उपयों को अपनाकर इस बीमारी से बिना दवा के निजात पा सकते हैं. चलिए जानते हैं इस बीमारी से बचने के घरेलू उपाय.

  • आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए, जो आपके बॉडी को हाइड्रेटेड और फंक्शन को सही रखने में मदद करता है. आप नींबू पानी भी पी सकते हैं.
  • आपको अपना वजन नियंत्रित रखना चाहिए. एक्सरसाइज, योगा, मेडिटेशन करना चाहिए. जिससे तनाव कम होता है और पसीना कम आता है.
  • आपको कैफिन और नशीले पदार्थों से दूर रहना चाहिए.
  • पसीना ज्यादा आता है, तो आपको लेहसुन, प्याज और मसालेदार चीजों का सेवन कम करना चाहिए.
  • ज्यादतर आपको कॉटन के कपड़ों को पहनना चाहिए.

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Astha Singh

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By Astha Singh

Astha Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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