जींस की इस छोटी पॉकेट को बेकार न समझें, इसके पीछे छिपी है 150 साल पुरानी कहानी
PC: जीन्स में छोटे पॉकेट क्यों होते हैं (AI Generated)
Do You Know Why Jeans Have a Small Pocket: जींस की छोटी जेब सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि एक बेहद काम की जरूरत थी. जानिए 150 साल पुरानी कहानी और क्यों आज भी यह जींस का हिस्सा है.
Do You Know Why Jeans Have a Small Pocket: जींस आज हर किसी की पसंदीदा ड्रेस में शामिल है. लड़के हों या लड़कियां, जींस लगभग हर किसी की अलमारी में मिल जाएगी. लेकिन क्या आपने कभी जींस की आगे वाली बड़ी पॉकेट के अंदर बनी छोटी-सी पॉकेट (Do You Know Why Jeans Have a Small Pocket) पर ध्यान दिया है.
यह पॉकेट इतनी छोटी होती है कि इसमें मोबाइल या पर्स रखना तो संभव नहीं होता. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इसे बनाया ही क्यों गया था. दरअसल, जींस की यह छोटी पॉकेट सिर्फ डिजाइन के लिए नहीं बनाई गई थी, बल्कि इसके पीछे 150 साल से भी ज्यादा पुरानी एक दिलचस्प वजह है.
छोटी पॉकेट का असली काम क्या था
जींस की छोटी पॉकेट को आमतौर पर वॉच पॉकेट कहा जाता है. पुराने समय में इसका इस्तेमाल पॉकेट वॉच रखने के लिए किया जाता था. उस दौर में लोग आज की तरह कलाई पर घड़ी नहीं पहनते थे.
पॉकेट वॉच को चेन के साथ कपड़ों की जेब में रखा जाता था. नॉर्मल पॉकेट में घड़ी रखने पर काम करते समय उसके टूटने या खरोंच लगने का डर रहता था. इसलिए जींस में एक अलग छोटी और मजबूत पॉकेट बनाई गई, जिसमें घड़ी सुरक्षित तरीके से रखी जा सके.

1870 के दशक में हुई थी शुरुआत
इस छोटी पॉकेट का संबंध जींस के शुरुआती दौर से है. साल 1873 के आसपास रिवेट वाली डेनिम वर्क पैंट का इस्तेमाल बढ़ने लगा था. उस समय जींस मुख्य रूप से मजदूरों, खदानों में काम करने वाले लोगों, किसानों और काउबॉय जैसे लोगों के लिए बनाई जाती थी.
इन लोगों का काम काफी मेहनत वाला होता था. ऐसे में कपड़ों की जेबों को भी मजबूत होना जरूरी था. पॉकेट वॉच उनके लिए कीमती सामानों में से एक थी. इसे सुरक्षित रखने के लिए जींस की बड़ी पॉकेट के अंदर छोटी पॉकेट का डिजाइन तैयार किया गया.
छोटी पॉकेट को मजबूत क्यों बनाया गया
पुरानी जींस का डिजाइन सिर्फ देखने में अच्छा बनाने के लिए नहीं था. इसे इस तरह तैयार किया गया था कि कठिन काम के दौरान भी कपड़ा जल्दी खराब न हो. जेबों के उन हिस्सों को मजबूत बनाने के लिए रिवेट्स यानी धातु के छोटे बटन जैसे हिस्सों का इस्तेमाल किया जाता था.
छोटी वॉच पॉकेट भी इसी मजबूत डिजाइन का हिस्सा थी. इसका आकार ऐसा रखा गया था कि पॉकेट वॉच उसमें अच्छी तरह फिट हो सके और काम करते समय उसके बाहर निकलने की संभावना कम रहे.
फिर घड़ी बदली और पॉकेट रह गई
समय के साथ पॉकेट वॉच का चलन कम होता गया और कलाई पर पहनी जाने वाली घड़ियां ज्यादा फेमस हो गईं. इसके बावजूद जींस की छोटी पॉकेट को हटाया नहीं गया.
इसकी एक बड़ी वजह जींस का पुराना और पहचान वाला डिजाइन है. पांच पॉकेट वाली क्लासिक जींस में यह छोटी पॉकेट लंबे समय से शामिल रही है. इसे हटाने से जींस का पारंपरिक लुक बदल सकता था. इसलिए इसका असली इस्तेमाल खत्म होने के बाद भी यह डिजाइन का हिस्सा बनी रही.
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By स्मिता दे
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग इनकी रुचि है. ये लाइफस्टाइल, फूड, हेल्थ और ट्रेंडिंग टॉपिक्स कवर करती है. रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी उपयोगी और रोचक जानकारी रीडर्स तक पहुंचाना इन्हें पसंद है.
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