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Diwali 2022 Shagun Totke: दिवाली की रात जुआ खेलना सही या गलत, जानें पूरी सच्चाई

Updated at : 10 Oct 2022 8:18 AM (IST)
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Diwali 2022 Shagun Totke: दिवाली की रात जुआ खेलना सही या गलत, जानें पूरी सच्चाई

Diwali 2022 Shagun Totke: दिवाली का त्योहार इस साल 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा. दिवाली के रात कई तरह के उपाय किए जाते हैं. बदलते वक्त के साथ ये परंपराएं भी बदली लेकिन आज भी कई लोग दिवाली की रात जुआ खेलते नजर आते हैं. आइए जानें दिवाली की रात जुआ खेलना सही है या गलत, और ये परंपरा कैसे शुरू हुई.

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Diwali 2022 Shagun Totke: दिवाली का त्योहार आने ही वाला है. इस साल ये त्योहार 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा. धन धान्य के लिए मां लक्ष्मी और विघ्नों को हरने वाले गणपति की पूजा की जाती है. दिवाली के रात कई तरह के उपाय भी किए जाते हैं. वहीं कई ऐसी परंपराएं हैं जो सदियों से चली आ रही हैं. इनमें से एक है जुआ खेलने की परंपरा. हालांकि बदलते वक्त के साथ ये परंपराएं भी बदली लेकिन आज भी कई लोग दिवाली की रात जुआ खेलते नजर आते हैं. हालांकि जुआ खेलाना सामाजिक बुराई मानी जाती है और सरकार ने इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है लेकिन इस दिन जुआ खेलने की परंपरा सदियों से चली आ रही है.

कई ज्योतिषाचार्यों की मानें तो दिवाली की रात जुआ खेलने की परंपरा काफी पुरानी है. घर में मां लक्ष्मी की पूजा करने के बाद परिवार के ही सभी लोग आपस में जुआ खेलते हैं. इसलिए दिवाली पर खेलते हैं जुआ

जानें इस परंपरा के बारे में

दीपावली की रात जुआ खेलना इसलिए शुभ है क्योंकि कार्तिक मास की इस रात को भगवान शिव और माता पार्वती ने चौसर खेला था. जिसमें भगवान शिव हार गए थे. तभी से दिवाली की रात जुआ खेलने की परंपरा जुड़ गई. हालांकि इस बारे में कई ठोस तथ्य किसी भी ग्रंथ में देखने को नहीं मिलता, यह केवल धार्मिक मान्यताएं हैं.

ये है मान्यता

कहा जाता है कि दीपावली की रात शगुन की रात मानी जाती है और इसमें माता लक्ष्मी का घर आने के लिए आह्वान किया जाता है. मान्यता है कि दिवाली की रात जुआ खेलना सालभर हार-जीत का संकेत माना जाता है और इस रात जुए में जो जीतता है, उसका भाग्य सालभर चमकता रहता है.

जुआ खेलते समय इन बातों का रखें ध्यान

दीपावली की रात अगर आप जुआ खेल रहे हैं तो यह ध्यान रखना चाहिए कि यह केवल एक खेल है, जो केवल एक रात के लिए शगुन के तौर पर खेला जाता है. एक सर्वे में मिली जानकारी के अनुसार, जुआरी सहसे पहले दिवाली की रात जुआ खेलते हैं और फिर उनको धीरे-धीरे लत लग जाती है. इसलिए इस खेल का अपने ऊपर कोई प्रभाव ना पड़ने दें. महाभारत से लेकर कई ऐसे समय आए हैं, जब जुए से काफी कुछ खोया गया है. इसलिए जुआ खेलना गलत माना गया है, क्योंकि इसकी लत और भी खतरनाक हो सकती है.

दिवाली की तिथि को लेकर ना हों कंफ्यूज

इस साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि 24 और 25 अक्टूबर दोनों दिन पड़ रही है. लेकिन 25 अक्टूबर को अमावस्या तिथि प्रदोष काल से पहले ही समाप्त हो रही है. वहीं 24 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या तिथि होगी. 24 अक्टूबर को निशित काल में भी अमावस्या तिथि होगी. इसलिए इस साल 24 अक्टूबर को ही पूरे देश में दीवाली का पर्व मनाया जाएगा.

डिस्क्लेमर : हम किसी भी तरह से सट्टा / जुआ या इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों को प्रोत्साहित नहीं करते हैं. इस लेख काे यहां प्रकाशित करने का मकसद आपको केवल जानकारियों से अपडेट रखना है.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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