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सुमन कुमार सिंह की तीन भोजपुरी कविताएं

Updated at : 10 Dec 2023 6:49 PM (IST)
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सुमन कुमार सिंह की तीन भोजपुरी कविताएं

सुमन कुमार सिंह की तीन भोजपुरी कविताएं प्रभात खबर के दीपावली विशेषांक में प्रकाशित हुईं हैं, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं...

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हर हाँकल आ देश चलावल एके ना ह

हर हाँकल आ देश चलावल एके ना ह

फटही गंजी फटहा गँवछा लपेटले

करिया मजीठ देह तोहार

किसान माने इहे

एह से तनिका ओनईस-बीस

ना जानस उ तोहरा बारे में

छुधा भ भात देह भ बसतर

थपरी पीट-पीट

गोहरालs राम-राम

अन्नदाता, जपिलs सतनाम

तोहरा हड़री से बनल खाद से

अउर का उपजी?

ऊ तोहराके इहे जानेलन

अतने भ मानेलन

आ तू बूझि गइलs उनुका के आपन

नयका सूरुज !

अब तोहार सवाल

जबले बियड़ी बनके अँखुआए लागल

फोरे लागल धधकत धरती

चिचिआए लागल जवाब-जवाब

ना, तू धरतीपुत्र ना रहलs अब

तोहराके मनु के मर्दाना बेटा कहल

तनिको ठीक नइखे देश खातिर

तोहार कुल्हि राजनीति भुलवा दियाई

चोन्हा जनि,

हर हाँकल आ देश चलावल

एके ना ह ।

तोहरा पगरी प जतना चमकेलें सूरूज

ओह से क गुना अधिका

उनुका महफिल में चमचमाला

लालकिला उनुकर

तोहरा लालकिला प ना चढ़ल चाहत रहे

तोहार टरायटर हरे जोत सकेला

हथियार चलावेके कामे ना आई ऊ

जा लवटि जा लोग

कुल्हि बीया सूखा रहल बा

एह राजपथ प ना अँखुआई ई

उसर के धूसर ना बनावल जा सके ।

सरग के सँइतल जल

आ तहार सँइतल बीया

सभकर होला

बाकिर उनुका आँखि देखल सपना

आ उनुकर दिहल जबान

ना पूरल बा ना पूरी

तोहार लउरिया राफेल बनिके

भले बिका जाई कहियो

तबो पगरिया

फँसरिये भ कामे आई हो

सीमा प बेटा बधारी में बाप

जे ना पतिआई

ओकरा लागिजाई पाप

‘भारत खण्डे आर्यावर्ते जम्बूद्वीपे’

तू हीं तू , तहरे छाप

ऊ तोहराके बेगर बरियार बनवले

ना छोड़िहें

जल में थल में आकाश में

सगरे सभका से क दिहें मजगूत

भगवान खाली उन्हुके मुँह चिरले बाड़ें

तू भरत रहीहs कुंइया उनुकर

जबले तोहार सवाली बीया

लहसी-लहलहाई

तबले भुता जाई दहकत आँच

कतने चूल्ही के

उत्तर-दक्खिन पूरुब-पच्छिम

चारोंओर से आवs , धावs

कि पेटराग के धुन प

फन फैलावे से पहिले घेरि ल उन्हुका के

कि उन्हुका जवाब त देबहींके परी

कि तोहरा खातिर ना होखे

कवनो ‘शून्यकाल’ उनुका लगे।

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का बुझिहें ऊ

‘जोधा-अकबर’ देखत खा

दिखिया-दिखिया जाले माई

कवनो सिरियल चालू भइल

कि माई के कमेंट्रियो चालू

ई खेला हमरा तनिको नइखे बुझात

नइखे बुझात कि ई काहें

धड़ से केहू के काट देता

गरदनिये उ मरदा

काहें कपार पीटे लागता बेरि-बेरि

नाति-नातिन परेशान

कि ईया त चालू हो गइली

तले बदल जाला चैनल

आ जाला ‘अनूपमा’

आ जाला ‘मेरा यार है तू’

ईया त चालू हो गइली

आ भाग ‘एहनी के त बियहवे नइखे होत’

आ चिंता में डूबि जाली

कि ‘कहिया दो होई बियाह एहनी के’

ईया कुल्हि सिरियलवा में

बियाहे खोजेली

अखेयान करेलें नाति-नातिन

साँचो, केनियो बाजे बाजा

केनियो गवाये गीत

सुनत कहीं कि

बउल मुँह आ घुँचियाइल आँखि

लहस जाला उनुकर

बगल में बियाह के घर

आ छत के परछत्ती से

आधा धर लटकवले ईया

दूलहा देखेके ललक में भुलाइल

आपन अस्सी पार के बुढौती

का बुझिहें नाति-नातिन

ईया के कवनो खेला बुझाव भा ना

बुझेली बियाह

बुझेली जनम

आ हुलस उठेली रहि-रहि के।

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कतना पानी

घो -घो, घो-घो रानी, कतना पानी?

हा ऽ डुबुक , हा ऽ डुबुक

छाती भ ऽ….

नेता जी नेता जी रउवा

का जानी ?

संसद भ ऽ जी ,टी वी भ ऽ

घो घो रानी ,केतना पानी

हा डुबुक हा डुबुक नेटी भ ऽ

नेता जी नेता जी रउवा

का जानी?

अलेक्सन भ ऽ जी वादा भ ऽ

घोघो रानी ,केतना पानी

हा डुबुक हा डुबुक पोरसा भ ऽ

नेताजी नेताजी ,रउवा का जानी ?

कुरसी भ ऽ जी कसरथ भ ऽ

घो घो रानी ,बुड़ल पलानी

हा ऽ डुबुक हा ऽ डुबुक

अबके छानी ?

नेता जी नेता जी ,रउवा

का जानी ?

कागज के नइया पियलस

पानी

हा ऽ डुबक हा ऽ डुबुक !

संपर्क : बी.एस.डीएवी.प.स्कूल, मील रोड, आरा- 802301, बिहार, मो. – 8051513170

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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