Best sunrise and sunset beach in andaman : तकरीबन 572 छोटे-बड़े द्वीपों के समूह अंडमान और निकोबार में एक छोटा सा लेकिन बेहद खूबसूरत द्वीप है नील, जिसे आधिकारिक रूप से शहीद द्वीप कहा जाता है. यहां की यात्रा कर चुके किसी भी व्यक्ति से आप अगर इस जगह का जिक्र करेंगे, तो संभवत वह कहेगा कि यह द्वीप एक जादुई अनुभव प्रदान करता है. नील द्वीप अपनी शांति, हरियाली और साफ समुद्र तटों के लिए तो मशहूर है ही, इसे अंडमान का ‘सब्जियों का कटोरा’ कहा जाता है. इस द्वीप की जलवायु खेती के लिए बहुत मुफीद मानी जाती है और यहां से पूरे अंडमान में ताजी सब्जियां और फल भेजे जाते हैं. इसकी प्राकृतिक खूबसूरती, शांति और सफाई, सबकुछ आपका मन मोह लेगा.
पैदल या साइकिल से घूम सकते हैं सारा नील
यह द्वीप लगभग 13.7 से 18.9 वर्ग किलोमीटर के छोटे से दायरे में बसा है. इसकी अधिकतम लंबाई लगभग 5 किलोमीटर, चौड़ाई लगभग 3.7 किलोमीटर है और तटीय रेखा तटरेखा लगभग 19.4 किलोमीटर लंबी है. यह द्वीप इतना छोटा और समतल है कि आप चाहें तो पूरे द्वीप को डेढ़ से दो घंटे में पैदल घूम सकते हैं. आप साइकिल या स्कूटी भी किराये पर ले सकते हैं और कुछ ही मिनटों में एक बीच से दूसरे बीच पर पहुंच सकते हैं. यहां के स्थानीय फल, नारियल पानी, पपीता और खासतौर पर आम, जो यहां के पेड़ों में बारहों महीने फलते हैं, के स्वाद को भी अपनी यात्रा में जोड़ें.
प्रकृतिप्रेमी और शांतिप्रिय लोगों के लिए है जन्नत
नीले रंग का पानी, सफेद रेत और धूप में चमकते मैंग्रोव वन, नारियल और सुपारी के पेड़ के साथ-साथ और भी बहुत कुछ है, जो इस द्वीप को खास बनाता है. आप नील में हैं, तो यहां के सीतापुर बीच में समंदर के पीछे से उगता सूरज देख सकते हैं और लक्ष्मणपुर बीच पर सूर्यास्त के सौंदर्य को निहार सकते हैं. इसके बाद आप थोड़ी देर और यहां ठहर जायें, तो तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों को देख सकते हैं यानी स्टार गेजिंग कर सकते हैं. स्टार गेजिंग के लिए यह एक शानदार बीच है. खुला विस्तृत समुद्र तट और प्रदूषण मुक्त आकाश इस जगह को स्टार गेजिंग के लिए मुकम्मल बनाता है. सूर्यास्त के बाद आप अगर यहां स्टारगेजिंग के लिए रुकते हैं, तो इस दौरान पास ही मौजूद स्नैक्स और सोविनियर के स्टॉल को एक्सप्लोर कर सकते हैं.
नेचर ब्रिज है फुल पैसा वसूल, देखना न भूलें

सूर्योदय और सूर्यास्त वाले बीच वाला नील द्वीप स्कूबा डाइविंग और स्नोर्कलिंग के लिए प्रसिद्ध है और स्टार गेजिंग के लिए भी, लेकिन इन सब खूबियों के साथ नील को खास बनाता है यहां मौजूद नेचुरल ब्रिज. यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सबसे विस्मयकारी प्राकृतिक आकर्षणों में से एक है. इसे किसी मनुष्य ने नहीं, बल्कि प्रकृति ने बनाया है. यह प्राकृतिक पुल समुद्री लहरों द्वारा चूना पत्थर की चट्टानों के निरंतर कटाव से बना है, जो एक मेहराब जैसा दिखता है. इसे पास से देखने के लिए डेड कोरल्स और पत्थरों के ऊपर से चलकर जाना होता है, मजबूत ग्रिप वाले वाटरप्रूफ सैंडल या जूते पहन कर जायें और द्वीप के ज्वार-भाटा के समय की जानकारी लेकर भी. आप अगर लो टाइड के समय जाते हैं, तो यहां समुद्र में बहुत ही पास से स्टारफिश और रंग बिरंगी मछलियां देख सकेंगे. स्थानीय गाइड के साथ जाना बेहतर विकल्प होगा.
पहले से कर लें फेरी का टिकट बुक
अंडमान निकोबार जाने के लिए देश के प्रमुख शहरों से सीधी या कनेक्टिंग फ्लाइट हैं, जो आपको पोर्ट ब्लेयर तक पहुंचायेगी. यहां से नील जाने के लिए आपको फेरी लेनी होगी. पोर्ट ब्लेयर से नील के लिए सरकारी एवं प्राइवेट दोनों तरह की फेरी चलती हैं, लेकिन टिकट मिलना मुश्किल होता है. इसलिए अपनी यात्रा योजना बनाते समय सबसे पहले अपनी फेरी की टिकट बुक करें, उसके बाद ठहरने और घूमने की योजना पर काम करें.
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