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बिहार पंचायत चुनाव के पहले खगड़िया में पूर्व जिला परिषद सदस्य गिरफ्तार, ठगी के मामले में भेजा गया जेल

Updated at : 13 Jul 2021 2:06 PM (IST)
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बिहार पंचायत चुनाव के पहले खगड़िया में पूर्व जिला परिषद सदस्य गिरफ्तार, ठगी के मामले में भेजा गया जेल

जन वितरण प्रणाली का लाइसेंस दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में पूर्व जिला परिषद सदस्य विद्यानंद दास को सदर थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. डीलर का लाइसेंस दिलाने के नाम पर 1.07 लाख रुपये ठगी करने के आरोप में सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी में गिरफ्तार आरोपित नामजद आरोपित है. गंगौर के वरदघट्टा गांव निवासी राजकिशोर सिंह के आवेदन पर दर्ज कांड संख्या 898/20 मामले में सदर थाना पुलिस ने विद्यानंद दास को गिरफ्तार किया है. थानाध्यक्ष रामस्वार्थ पासवान ने बताया कि जालसाजी कर ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपित को अनुमंडल परिसर से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

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जन वितरण प्रणाली का लाइसेंस दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में पूर्व जिला परिषद सदस्य विद्यानंद दास को सदर थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. डीलर का लाइसेंस दिलाने के नाम पर 1.07 लाख रुपये ठगी करने के आरोप में सदर थाना में दर्ज प्राथमिकी में गिरफ्तार आरोपित नामजद आरोपित है. गंगौर के वरदघट्टा गांव निवासी राजकिशोर सिंह के आवेदन पर दर्ज कांड संख्या 898/20 मामले में सदर थाना पुलिस ने विद्यानंद दास को गिरफ्तार किया है. थानाध्यक्ष रामस्वार्थ पासवान ने बताया कि जालसाजी कर ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपित को अनुमंडल परिसर से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

डीलर का लाइसेंस दिलाने का लिया था ठेका

पीड़ित शिकायतकर्ता राजकिशोर सिंह द्वारा दिये गये आवेदन के अनुसार वर्ष 2020 में जन वितरण प्रणाली का लाइसेंस निर्गत होना था. पहले से परिचित होने के कारण पूर्व जिला परिषद सदस्य विद्यानंद दास ने कहा कि डीलर का लाइसेंस लेने के लिये 1.07 लाख रूपये खर्च करना होगा. पहले से जान पहचान होने के कारण विश्वास करके उक्त राशि आरोपित को दे दिया. लेकिन छह महीने बीतने के बाद डीलर का लाइसेंस नहीं मिलने पर दी गयी राशि लौटाने के लिये कहने पर आरोपित द्वारा टालमटोल किया जाता रहा.

पंचायती में दिया गया चेक बैंक ने लौटाया

इसी बीच लाइसेंस नहीं मिलने पर पीड़ित श्री सिंह द्वारा पंचायती बिठा कर विद्यानंद दास को रुपये लौटाने के लिये कहा गया. पंच के सामने उसने 1.07 लाख रुपये चेक दे दिया गया. जब चेक लेकर बैंक में जाने पर खाता में पैसा नहीं होने की बात कह कर लौटा दिया गया. फिर से विद्यानंद दास से संपर्क करने पर जल्द ही खाता में राशि जमा करने की बात कही गयी. इस बीच कुछ दिनों बाद फिर से चेक लेकर बैंक जाने पर खाता में पर्याप्त राशि नहीं होने का हवाला देकर लौटा दिया गया.

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घटना के 6 महीने बाद दर्ज हुई प्राथमिकी

इसे आरोपित की पैरवी पहुंच का दम कहें या कुछ और कि ठगी के मामले में विद्यानंद दास पर घटना के छह महीने बाद सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी. फरियादी के अनुसार आवेदन देने के बाद भी पुलिस द्वारा कार्रवाई में टालमटोल किया जाता रहा. जिसके बाद कोर्ट में पूरे मामले की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगायी गयी. जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर घटना के 6 महीने बाद दिसंबर 2020 में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू की गयी. पूरे मामले में प्रथम दृष्टया मामला सच पाते हुए सदर थाना पुलिस ने नामजद आरोपित पूर्व जिला परिषद सदस्य विद्यानंद दास को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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