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पहले ट्राइमेस्टर में सबसे अधिक होता है गर्भपात का खतरा, जानें क्यों होते हैं शुरुआती तीन महीने सबसे रिस्की

Updated at : 21 Jan 2024 1:11 PM (IST)
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पहले ट्राइमेस्टर में सबसे अधिक होता है गर्भपात का खतरा, जानें क्यों होते हैं शुरुआती तीन महीने सबसे रिस्की

गर्भवती महिलाओं के लिए शुरूआती तीन महीने सबसे अधिक रिस्की होते है. इस दौरान महिलाओं को सबसे अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है. आइये जानते हैं इसकी वजह और रिस्क बढ़ने के लक्षण.

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गर्भावस्था के दौरान के 9 महीने किसी भी महिला के लिए काफी मुश्किल होते हैं. इस दौरान महिलाओं को कई तरह की चुनौतियां स्वीकार करनी होती है. महिलाओं के लिए शुरूआती 3 महीने सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण होते हैं. अगर इस समय को पार कर लिया गया तो बाकि के 6 महीने थोड़े आसान जरूर हो जाते हैं. पहली तिमाही में गर्भधारण को कई कारकों के कारण जोखिम भरा माना जाता है जो गर्भपात में भी योगदान कर सकता है. पहली तिमाही गर्भधारण से लेकर गर्भावस्था के 12वें सप्ताह तक होती है, जो गर्भ के अंदर बच्चे की विकास की महत्वपूर्ण अवधि होती है. इस दौरान गर्भपात के सबसे अधिक चांसेज होते हैं. इस दौरान कुछ चुनौतियां सामने आती है जो गर्भपात का कारण बन सकती है. इस दौरान गर्भपात के कई कारण और लक्षण सामने आते हैं.

क्यों रहता है गर्भपात का खतरा

गर्भवती महिलाओं के लिए शुरुआती तीन महीने में गर्भपात का बड़ा खतरा रहता है. डॉक्टरों के अनुसार पहली तिमाही में यह खतरा इसलिए ज्यादा रहता है क्योंकि गर्भ में पल रहे शिशु का विकास ठीक तरीके से नहीं हो पाता है. पहले तीन महीने में भ्रूण में एक्स्ट्रा या मिसिंग क्रोमोसोम होने से मिसकैरेज का खतरा होता है. इससे बच्चे के विकास पर असर पड़ता है. विकास ठीक से नहीं होने पर मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा भ्रूण संबंधी असामान्यताएं, प्रत्यारोपण संबंधी मुद्दे, हार्मोनल असंतुलन, मातृ स्वास्थ्य स्थितियां, संक्रमण, जीवनशैली भी मुख्य कारण है. इसके अलावा डायबिटीज कंट्रोल न होना, किसी तरह का संक्रमण, सर्विक्स या यूट्रस से जुड़ी परेशानी, थायराइड, ज्यादा मोटापा भी इसके बड़े कारण हैं.

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योनि से रक्तस्राव संभावित गर्भपात के सबसे आम लक्षणों में से एक योनि से रक्तस्राव है. यह हल्के दाग से लेकर भारी रक्तस्राव तक हो सकता है. हालांकि कुछ धब्बे सामान्य हो सकते हैं, लेकिन ऐंठन के साथ लगातार या भारी रक्तस्राव चिंता का कारण है. फ्लूइड या टिश्यू का बहना भी कारण हो सकता है.

पेट में ऐंठन हल्के से गंभीर पेट में ऐंठन गर्भपात का संकेत दे सकती है. ये ऐंठन मासिक धर्म की ऐंठन के समान महसूस हो सकती है और पीठ के निचले हिस्से में दर्द के साथ हो सकती है.

गर्भावस्था के लक्षणों में कमी सामान्य गर्भावस्था के लक्षणों में अचानक कमी या हानि, जैसे स्तन कोमलता और सुबह की मतली, आसन्न गर्भपात का संकेत हो सकता है.कभी-कभी हर्टबीट तेज होना भी इसके लक्षण हैं.

पेल्विक दर्द लगातार पैल्विक दर्द, विशेष रूप से एक तरफ, एक संभावित अस्थानिक गर्भावस्था का संकेत दे सकता है, जिससे गर्भपात हो सकता है और मां के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकता है.

बुखार और ठंड लगना संक्रमण के कारण बुखार और ठंड लगना जैसे लक्षण हो सकते हैं. यदि ये लक्षण गर्भपात के अन्य लक्षणों के साथ आते हैं, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है.

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Neha Singh

लेखक के बारे में

By Neha Singh

Neha Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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