Health News : क्या है सात्विक भोजन, High Blood Pressure और Diabetes रोग में भी दी जाती है इसे खाने की सलाह

Health news, Sattvic food list, benefits, Rajsik, Tamasic Foods : आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार, भोजन तीन प्रकार के होते हैं. सात्विक (Satvik), राजसिक (Rajsik) और तामसिक (Tamsik). राजसिक मसालेदार भोजन की श्रेणी में आता है जबकि तामसिक, मांसाहारी. वहीं, सात्विक को शुद्ध, प्राकृतिक और स्वच्छ भोजन माना गया है. हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Union Health Minister Harsh Vardhan) ने कहा कि सभी को स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने और सात्विक भोजन (Satvik food) को खाने की सलाह दी है.
Health news, Sattvic food list, benefits, Rajsik, Tamasic Foods : आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार, भोजन तीन प्रकार के होते हैं. सात्विक (Satvik), राजसिक (Rajsik) और तामसिक (Tamsik). राजसिक मसालेदार भोजन की श्रेणी में आता है जबकि तामसिक, मांसाहारी. वहीं, सात्विक को शुद्ध, प्राकृतिक और स्वच्छ भोजन माना गया है. हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Union Health Minister Harsh Vardhan) ने कहा कि सभी को स्वस्थ रहने के लिए शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने और सात्विक भोजन (Satvik food) को खाने की सलाह दी है.
स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Health Minister Harsh Vardhan) ने कहा, ‘अगर हमें अच्छा स्वास्थ्य चाहिए तो शारीरिक गतिविधियों को बढ़ाना होगा और सात्विक भोजन का सेवन करना होगा.
आपको बता दें कि योग शास्त्र में सात्विक भोजन को सबसे शुद्ध आहार माना गया है. ऐसी मान्यता है कि शुद्ध, शाकाहारी और कम मसाले वाले भोजन को आसानी से पचाया जा सकता है. योगा या अन्य व्यायाम करने के बाद सात्विक भोजन (हल्का) लेने की सलाह दी जाती है. इसमें प्याज, लहसुन खाना भी वर्जित होता है. सात्विक भोजन ग्रहण करने से गुस्सा, चिंता, चिड़चिड़ाहट आदि नहीं आता है. प्याज और लहसुन आमतौर पर सांस की दुर्गंध और मानसिक तनाव आदि बढ़ाने के लिए जाना जाता है. इसमें भूंजे, तले, मांस-मछलियों आदि से दूर रहने की सलाह दी जाती है.
वहीं, तामसिक भोजन शरीर में आलस बढ़ाता है. जबकि, राजसिक भोजन को पचाने में काफी परेशानी होती है. लेकिन, सात्विक आहार को शुद्ध, स्वच्छ और पौष्टिक माना गया है.
– सात्विक भोजन हमारे शरीर को भरपूर एनर्जी देता है.
– आयुर्वेद में इसे स्वस्थ दिमाग और स्वस्थ शरीर बनाने के लिए जाना जाता है.
– सात्विक भोजन शुद्ध, स्वच्छ और पौष्टिकता से भरपूर कहा जाता है,
– एक उम्र के बाद डॉक्टर भी हाई बल्ड प्रेशर और ब्लड शुगर (blood sugar) के मरीजों को सात्विक भोजन (sativk food) लेने की सलाह देते है. अर्थात इसे खाने से हमें बल्ड प्रेशर और ब्लड शुगर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा नहीं होता है.
– सात्विक भोजन पचाने में आसान होता है. यही कारण है कि कमजोर पाचन तंत्र वालों को सात्विक भोजन लेने की सलाह दी जाती है.
– यह भोजन काफी हल्का होता है लेकिन शरीर को ऊर्जा देने वाला होता है.
– आयुर्वेद के प्राचीन नियमो पर आधारित है सात्विक भोजन को बनाया जाता है. यह सामान्य और पांरपरिक विधियों से बनता है.
– इससे क्रोध, आलस्य दूर भागते हैं तथा मन शांत और तनावमुक्त रहता है.
– सात्विक आहार में फल, हरी सब्जियां (green vegetables), दूध आदि का सेवन किया जाता है. जो त्वचा को रोगों से बचाता है और बालों के खुबसूरती के लिए भी फायदेमंद है.
– शुद्ध सात्विक भोजन (Satvik food) से बुद्धि तेज होती है. यह मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है.
Note : उपरोक्त दी गई खबर केवल जानकारी के लिए है. इसे छोड़ने या अपनाने से पहले इस मामले के जानकार डॉक्टर या डाइटीशियन से जरूर सलाह ले लें.
Posted By : Sumit Kumar Verma
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