International Albinism Awareness Day 2023: अंतरराष्ट्रीय रंजकहीनता जागरूकता दिवस आज, जानें इसके बारे में

International Albinism Awareness Day 2023: आज 13 जून का दिन प्रतिवर्ष एल्बिनिज़्म के बारे में लोगों में जागरूक करने और ऐल्बिनिज़म से पीड़ित लोगों के मानवाधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है.एल्बेनिज्म एक अनुवांशिक बीमारी है जो व्यक्ति में जन्म से होती है.
International Albinism Awareness Day 2023: हर साल 13 जून को अंतर्राष्ट्रीय एल्बिनिज़्म (रंगहीनता) जागरूकता दिवस मनाया जाता है. यह दिन प्रतिवर्ष एल्बिनिज़्म के बारे में लोगों में जागरूक करने और ऐल्बिनिज़म से पीड़ित लोगों के मानवाधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. हर साल लोगों को शिक्षित करने और एल्बिनिज़्म के साथ जीने वाले लोगों के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिन्हें सभी प्रकार के मानव अधिकारों के उल्लंघन का सामना करना पड़ता हैं.
एल्बेनिज्म एक अनुवांशिक बीमारी है लेकिन असंक्रामक बीमारी है जो व्यक्ति में जन्म से होती है. यह बीमारी स्त्री पुरुष दोनों को ही होती है और दुनिया के सभी हिस्सों में बिना जाति, संस्कृति और स्थान के भेदभाव के पाई जाती है.
साल 2000 के मध्य में, तंजानिया में एल्बिनिज़्म के शिकार लोगों पर किए जा रहे हिंसक हमलों और हत्याओं की खबरें सामने आई थीं. इन हमलों का कारण जादूई शक्ति को बताया से गया और कहा जाता रहा है कि एल्बिनिज़्म से पीड़ित लोगों के पास जादुई शक्तियां होती है, इसलिए उनके शरीर के अंगों की वजह से हमला किया जाता है और उन्हें खराब भी कर दिया जाता है.
जब साल 2015 में लगभग 70 लोग मारे गए और कई लोग गंभीर रूप से घायल किए गए थे, तब तंजानिया एल्बिनिज़्म सोसाइटी (टीएएस) और अन्य गैर-सरकारी संगठनों ने एल्बिनिज़्म से पीड़ित लोगों के अधिकारों की रक्षा की पैरवी की थी, जिसके बाद 4 मई, 2006 को पहली बार अल्बिनो दिवस मनाया था. इस दिन को आधिकारिक रूप से तब से बनाया जाने लगा, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 18 दिसंबर, 2014 को एक प्रस्तवा अपनाया था, जो 13 जून को अंतर्राष्ट्रीय एल्बिनिज़्म जागरूकता दिवस के रूप में 2015 से घोषित करने के लिए था.
इस बीमारी में मेलेनिन नाम के पिंगमेंट की कमी हो हो जाती है जो बालों, त्वचा और आंखों में पाया जाता है. इससे यह व्यक्ति सूर्य और तेज प्रकाश सहन नहीं कर पाता है. इस रोग का फिलहाल दुनिया में कोई इलाज नहीं हैं.
इस बीमारी से पीड़ित रोगियों की आप मदद कर सकते हैं. आम इनसे मिल जुलकर रहे. एक छूआछूत वाली बीमारी नहीं है इसे छूने से ये नहीं फैलती. रोगियों को आप इससे जुड़ी जानकारी दे सकते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




