Diabetes : महिलायें हो जाएँ सावधान! बढ़ रहा है टाइप 2 डाइबीटीज़ का खतरा, जानिए कैसे करें बचाव

Published by : Shreya Ojha Updated At : 31 Oct 2024 7:05 AM

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Diabetic coma

Diabetes : मधुमेह एक राष्ट्रीय स्तरीय संकट बन चुका है. रक्त में शर्करा स्तर अनियंत्रित हो जाने के कारण मधुमेह की बीमारी होती है.

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Diabetes : मधुमेह एक राष्ट्रीय स्तरीय संकट बन चुका है. रक्त में शर्करा स्तर अनियंत्रित हो जाने के कारण मधुमेह की बीमारी होती है. मधुमेह एक दीर्घकालिक बीमारी है और यह तब होती है जब शरीर पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है और इसका इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं होता है. मधुमेह का कोई स्थाई इलाज नहीं होता है, इसे केवल परहेज करके नियंत्रित किया जा सकता है. पहले तो यह बीमारी उम्र दराज लोगों या फिर बुजुर्गों को ही अपना शिकार बनती थी लेकिन अब हाल कुछ ऐसे हैं कि बच्चे एवं जवान भी इस भयानक बीमारी का शिकार हो रहे हैं.

Diabetes : किन लोगों का शिकार करता है डाइबीटीज़

डायबिटीज 40 वर्ष की आयु के लोगों से भी कम उम्र के लोगों को प्रभावित करता है. महिलाओं में टाइप टू डायबिटीज बेहद आम हो चुका है. तो चलिए इस लेख द्वारा जानते हैं कि महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे उन्हें भविष्य में मधुमेह जैसे संकट का सामना न करना पड़े.

Diabetes : आधुनिक लाइफस्टाइल है बीमारियों की जड़

महिलाओं में बढ़ते टाइप टू डायबिटीज के केसेस को ध्यान में रखते हुए उनको को अपनी बदली हुई जीवन शैली पर ध्यान देने की आवश्यकता है. कहीं ना कहीं इतनी कम उम्र में इतनी भयंकर बीमारी होने का मुख्य कारण लाइफस्टाइल और खान-पान का खराब होना होता है. जंक फूड और जीरो फिजिकल एक्टिविटी के कारण भी यह बीमारी हो सकती है.

Diabetes : मोबाईल फोन अडिक्शन है खराब!

आज के दौर में युवाओं के साथ-साथ महिलाएं भी मोबाइल फोन की अधिकरत हो चुकी है इसके अतिरिक्त अधिक आते और मेड से बने पकवानों का सेवन भी सेहत के लिए घातक साबित हो सकता है एक और बड़ा कारण है मानसिक तनाव अगर आप अत्यधिक तनाव लेती है तो यह भी आपको डायबिटीज और उच्च रक्तचाप जैसे समस्याओं से ग्रसित करने में सक्षम होता है.

Diabetes : बचाव के फॉलो करें यह टिप्स

  • इन समस्याओं से अपना बचाव करने के लिए महिलाओं को तनाव और स्ट्रेस लेने से बचना चाहिए.
  • इसके साथ समय पर और पौष्टिक आहार लेना चाहिए.
  • आटे और मैदे से बने जंक फूड का सेवन कम करना चाहिए.
  • डाइट में प्राथमिक रूप से फल एवं हरी सब्जियों के साथ प्रोटीन से भरी दाल शामिल करनी चाहिए.
  • और योग ध्यान एवं व्यायाम पर भी फोकस करना चाहिए.
  • अगर आपके पास समय की अत्यधिक कमी है तो सुबह 15 मिनट का या आधे घंटे का समय निकाल मॉर्निंग वॉक पर जरूर जाएं.
  • आपकी सेहत भी आपकी जिंदगी का एक अहम हिस्सा होती है और या आपकी जिम्मेदारी है कि आप इसका ध्यान रखें अन्यथा यह आपके जीवन के दूसरे पहलुओं को प्रभावित कर सकती है.

डिस्कलमेर : यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, डाइबीटीज़ या अन्य किसी भी समस्या के होने पर चिकित्सक या हेल्थ प्रोफेशनल से संपर्क किए बिना कोई कदम न उठाएं.

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