सावधान! वायु प्रदूषण एक साइलेंट किलर, गर्भवती महिलाओं और होने वाले बच्चों पर पड़ता है बुरा असर

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 04 Nov 2022 12:50 PM

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New Delhi: A man crosses a road, shrouded in a thick layer of fog, in New Delhi, Friday, Nov. 4, 2022. According to Central Pollution Control Board data, the overall Air Quality Index (AQI) of Delhi stood at 426 at 9.30 in the 'severe' category. (PTI Photo/Manvender Vashist Lav)(PTI11_04_2022_000026B)

Delhi Air Pollution : AIIMS के पूर्व निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने आगे कहा कि यदि आपको घर से बाहर निकलना है तो दिन में जाएं. ऐसा इसलिए क्योंकि इस वक्त आपको धूप मिल जाएगी. यानी घर के बाहर तब जाएं जब धूप निकल गयी हो.

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Delhi Air Pollution : दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली हो चली है जिससे राजधानी के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रदूषण के मद्देनजर जहां, नोएडा में 8वीं क्लास तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन का ऐलान हो चुका है. वहीं प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में शुक्रवार से प्राइमरी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है. इस बीच AIIMS के पूर्व निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जतायी है.

गर्भवती महिलाओं और होने वाले बच्चों पर बुरा असर

AIIMS के पूर्व निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि प्रदूषण की वजह से लोगों की मृत्यु हो रही हैं और जीवन स्तर कम हो रहा है. AIIMS में वायु प्रदूषण बढ़ते ही सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या बढ़ जाती है. गर्भवती महिलाओं और होने वाले बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग, जिनके के फेफड़े और हार्ट कमजोर हैं उनको ऐसी जगहों पर नहीं जाना चाहिए जहां प्रदूषण का स्तर अधिक है.

वायु प्रदूषण एक साइलेंट किलर

AIIMS के पूर्व निदेशक डॉ.रणदीप गुलेरिया ने आगे कहा कि यदि आपको घर से बाहर निकलना है तो दिन में जाएं. ऐसा इसलिए क्योंकि इस वक्त आपको धूप मिल जाएगी. यानी घर के बाहर तब जाएं जब धूप निकल गयी हो. साथ ही घर से बाहर निकलना है तो मास्क लगा कर जाएं. उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण को हम एक साइलेंट किलर कह सकते हैं.


एक्यूआई ‘अति गंभीर’ श्रेणी में

यहां चर्चा कर दें कि पराली जलाने और स्थिर वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘अति गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने के करीब है, जिस कारण अधिकारियों को दिल्ली और एनसीआर जिलों में डीजल से चलने वाले चार पहिया हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) के परिचालन और राष्ट्रीय राजधानी में ट्रकों के प्रवेश पर बैन लगाने का निर्देश दिया है. सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय क्षेत्र में AQI 563 (गंभीर) श्रेणी में है, एयरपोर्ट (T3) क्षेत्र में AQI 489 (गंभीर) श्रेणी में, गुरुग्राम में AQI 539(गंभीर) श्रेणी में और नोएडा में AQI 562 (गंभीर) श्रेणी में है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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