Coronavirus Third Wave in India : भारत कोरोना की तीसरी लहर से बच सकता है अगर…. वैज्ञानिक विद्यासागर ने कही ये बात

Kolkata: People with COVID-19 symptoms wait to undergo a RT-PCR test, as coronavirus cases surge in Kolkata, Thursday, May 13, 2021. (PTI Photo/Swapan Mahapatra)(PTI05_13_2021_000066B)
Coronavirus Third Wave in India : कोरोना संक्रमण संबंधी अनुमान जताने के लिए गणित का इस्तेमाल करने वाले सूत्र मॉडल से जुड़े वैज्ञानिक एम विद्यासागर ने चेतावनी देने का काम किया है. उन्होंने कहा कि यदि देश में वैक्सीनेशन अभियान तेज नहीं किया गया और कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक नियमों का पालन नहीं किया गया, तो आने वाले छह से आठ महीने में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका है.
-
छह से आठ महीने में तीसरी लहर आने की आशंका
-
भारत में एक दिन मे कोरोना संक्रमण के 2,76,110 नए मामले सामने आये
-
पिछले 24 घंटे में संक्रमण से 3,874 और लोगों की मौत
Coronavirus Third Wave in India : भारत में एक दिन मे कोरोना संक्रमण के 2,76,110 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर गुरुवार को 2,57,72,440 हो चुकी है. वहीं, पिछले 24 घंटे में संक्रमण से 3,874 और लोगों की मौत देश में हुई जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 2,87,122 हो गई. देश में चार दिन बाद 24 घंटे में संक्रमण से मौत के चार हजार से कम मामले दर्ज किये गये हैं.
इसी बीच कोरोना संक्रमण संबंधी अनुमान जताने के लिए गणित का इस्तेमाल करने वाले सूत्र मॉडल से जुड़े वैज्ञानिक एम विद्यासागर ने चेतावनी देने का काम किया है. उन्होंने कहा कि यदि देश में वैक्सीनेशन अभियान तेज नहीं किया गया और कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक नियमों का पालन नहीं किया गया, तो आने वाले छह से आठ महीने में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की आशंका है.
आगे विद्यासागर ने कहा कि सूत्र मॉडल में किसी तीसरी लहर की संभावना नहीं जताई गई हैं और इस पर काम करने का प्रयास जारी है. आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर विद्यासागर ने कहा कि यदि एंटीबॉडी शरीर में समाप्त हो जाती है, तो प्रतिरोधी क्षमता कम होने की आशंका बनी रहती है. ऐसे में वैक्सीनेशन बढ़ाया जाना चाहिए और कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में मददगार नियमों का पालन किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो छह से आठ महीने में तीसरी लहर आने की आशंका है.
Also Read: क्या है वाराणसी मॉडल जिसकी पीएम मोदी ने गुजरात दौरे में तारीफ की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि कोरोना वायरस के मामले कम हो रहे हैं लेकिन जब तक छोटे से छोटे स्तर पर भी संक्रमण बना रहेगा तब तक चुनौती भी कायम रहेगी. सौ वर्ष में सबसे बड़ी आपदा (कोविड) से लड़ाई में आपने उपलब्ध संसाधनों का बेहतरीन उपयोग किया. आगे प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली महामारियां हों या फिर ये समय, हर महामारी ने हमें एक बात सिखाई है. महामारी से निबटने के हमारे तौर-तरीकों में निरंतर बदलाव, निरंतर नवाचार बहुत ज़रूरी है. ये वायरस स्वरूप बदलने में माहिर है, तो हमारे तरीके और रणनीति भी बदलती रहनी चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दूसरी लहर के बीच वायरस के स्वरूप बदलने की वजह से अब युवाओं और बच्चों के लिए ज्यादा चिंता जताई जा रही है. हमें आगे के लिए और ज्यादा तैयार रहना ही होगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिलाधिकारियों से उनके जिलों में युवाओं, बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण और इसकी गंभीरता से संबंधित आंकड़े एकत्रित करने को कहा है. प्रधानमंत्री ने वैक्सीन बेकार होने को लेकर भी आगाह किया, उन्होंने कहा कि एक भी वैक्सीन के बेकार होने का मतलब है कि किसी एक जीवन को जरूरी सुरक्षा कवच नहीं दे पाना.
Posted By : Amitabh Kumar
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




