कोरोना के दौरान नॉन कोविड बीमारी के लिए आपको अस्पताल जाना पड़े तो ये सारे प्रिकॉशन जरूर लें

कोरोना बहुत ही तेजी से पांव पसार रहा है. ऐसे में बहुत जरूरी न हो तो सभी बाहर निकलना तक अवाइड करते हैं, हॉस्पिटल की ओर रूख करना तो बहुत दूर की बात है. लेकिन यदि फिर भी नॉन कोविड बीमारी के लिए आपको अस्पताल जाना पड़े ये सारे प्रिकॉशन जरूर लें.
कोविड का कहर एक बार फिर से शुरू हो चुका है. कुछ महीनों की राहत के बाद कोविड तीसरी लहर शुरू हो चुकी है. दिसंबर अंत से लेकर जनवरी के पहले हफ्ते तक में ही केस 5,000 से 90,000 पार कर गए हैं और सिर्फ एक हफ्ते में ही फिर से कोरोना लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए हैं.
कोरोना जैसी बीमारी डर के बीच कई ऐसी परेशानी और बीमारी होती है जिसकी वजह से न चाहते हुए भी हॉस्पिटल जाना ही पड़ता है ऐसे में अपनी सेफ्टी का कैसे ध्यान रख सकते हैं जानें. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल जैसी विश्व स्तरीय हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन्स की वेबसाइट्स पर इस बात की जानकारी दी गई है कि कोवडि के दौरान यदि हॉस्पिटल जाना पड़े तो किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है जानें.
कोरोना के कारण सभी अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कठिन हो रहा है. भीड़ से बचने का एक आसान उपाय यह है कि आपको डॉक्टर के पास हमेशा अपॉइंटमेंट लेकर ही जाना चाहिए. इससे आप आप घंटों लाइन में खड़े होने और भीड़ से बचेंगे.
कोरोना के समय में हॉस्पिटल जाते समय अपने साथ डबल मास्क, ग्लव्स, सैनिटाइजर, वेट वाइप्स जैसी चीजें जरूर रखें. मास्क के साथ फेस शील्ड का इस्तेमाल भी सेफ्टी के लिए अच्छा रहेगा. लेकिन फेस शील्ड हमेशा मास्क के साथ ही इस्तेमाल करें.
कोविड-19 के समय में यदि आप हॉस्पिटल या डॉक्टर के पास अकेले नहीं जा सकते तो अपने साथ सिर्फ एक ही इंसान को लेकर जाएं. ज्यादा लोगों को अपने साथ ले जाने से बेवजह भीड़ बढ़ेगी और खतरा भी बढ़ेगी. प्रेगनेंट महिलाओं और बच्चों को गलती से भी इस समय में हॉस्पिटल न लेकर जाएं. बहुत जरूरी हो तो ऑनलाइन डॉक्टर की अपाइंटमेंट लें और ट्रीटमेंट कराएं.
कोविड के दौर में जब भी हॉस्पिटल जाएं तो इधर-उधर कहीं भी टिक कर खड़े होना अवाइट करें. अस्पताल के किसी भी सरफेस पर ऐसे ही हाथ ना लगाएं. बार-बार टेबल आदि पर हाथ रखना, रेलिंग पकड़ना, टीवार से टिक कर खड़े रहना ऐेसी आदतों से बचें. अस्पताल का सरफेस काफी ज्यादा गंदा होता है और कोविड ना भी हुआ तो भी बहुत सारे कीटाणु मौजूद होते हैं. ये कई अलग तरह की बीमारियों का कारण बन सकते हैं.
कोरोना के समय में कई लोग डॉक्टर से अपने लक्षण अच्छी तरह डिस्कस नहीं करते और लक्षण छुपाने लगते हैं और सर्दी-खांसी को भी आम ही समझते हैं. अगर आपको ज़रा भी लक्षण दिख रहे हैं तो अपने लक्षणों के बारे में पूरी तरह से बताएं और अपनी मेडिकल हिस्ट्री से जुड़े पेपर्स लेकर जाएं. ताकि डॉक्टर आपका सही इलाज कर सकें.
कोविड के समय बहुत जरूरी हो तभी कहीं भी बाहर निकलें. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना बहुत जरूरी है और ये आपको और आपके आस-पास के लोगों को भी कोरोना संक्रमण से बचा सकता है.
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