लोहरदगा में आयुष स्वास्थ्य मेला: अधिकारी ने अंग्रेजी दवा से होने वाले नुकसान की दी जानकारी

Updated at : 26 Nov 2022 7:52 PM (IST)
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लोहरदगा में आयुष स्वास्थ्य मेला: अधिकारी ने अंग्रेजी दवा से होने वाले नुकसान की दी जानकारी

Ayush Swashthya Mela: बीडीओ मनोरंजन कुमार ने आयुष चिकित्सा के संबंध में बताया कि आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक, योग तथा यूनानी चिकित्सा के माध्यम से विभिन्न प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जाता है. आजादी के पहले तथा आजादी के लगभग 10 साल बाद तक कोई चिकित्सक नहीं होते थे.

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Ayush Swashthya Mela: लोहरदगा (Lohardaga District) में आयुष स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया गया. राष्ट्रीय आयुष मिशन झारखंड (National AYUSH Mission Jharkhand) तथा आयुष मंत्रालय (AYUSH Ministry) भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार से दो दिवसीय आयुष चिकित्सा सह मेगा कैंप का आगाज हुआ. इस दौरान उपस्थित लोगों को आयुष चिकित्सा के तहत चार तरीकों से इलाज की जानकारी दी गयी. साथ ही दवा का निःशुल्क वितरण भी किया गया.

आजादी के 10 साल बाद तक गांवों में नहीं होते थे डॉक्टर

प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मनोरंजन कुमार ने आयुष चिकित्सा के संबंध में बताया कि आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक, योग तथा यूनानी चिकित्सा के माध्यम से विभिन्न प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जाता है. आजादी के पहले तथा आजादी के लगभग 10 साल बाद तक कोई चिकित्सक नहीं होते थे. तब जंगली जड़ी-बूटी से वैद्य लोगों का इलाज किया करते थे. उसके बेहतर परिणाम निकलते थे. मानव शरीर को किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं झेलना होता था.

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अंग्रेजी दवाओं के होते हैं कई साइड इफेक्ट्स- बीडीओ

बीडीओ ने कहा कि तब लोग बीमार पड़ते थे. वैद्य इलाज करते थे. थोड़ा वक्त लगता था, लेकिन बीमारी ठीक हो जाती थी. आज कई नयी तरह की बीमारियां हो रही हैं. लोग जल्द से जल्द आराम पाने के लिए अंधाधुंध अंग्रेजी दवाओं का सेवन कर रहे हैं. इसके कई साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं. एक बीमारी को ठीक करने के चक्कर में दूसरी बीमारी की चपेट में आ जा रहे हैं. हमें फिर से आयुष चिकित्सा पद्धति अपनानी होगी.

सीओ ने आयुर्वेद व योग के फायदे गिनाये

अंचल अधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार सिंह ने आयुर्वेद तथा योग उपचार से शरीर को होने वाले लाभ की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि योग से कई जटिल बीमारियों का भी इलाज संभव है. निरंतर योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है. आप बीमारियों से बचे रहते हैं. आपकी इम्यूनिटी विकसित होती है, जिससे आपके शरीर के अंदर बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है.

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ग्रामीणों का किया गया नि:शुल्क उपचार

इस मेगा कैंप को कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया. मौके पर आयुर्वेदिक चिकित्सक, होमियोपैथिक चिकित्सक, यूनानी चिकित्सकों तथा योग शिक्षकों ने ग्रामीणों का नि:शुल्क उपचार भी किया. आयुर्वेदिक दवाओं का वितरण भी किया गया. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ ज्ञानचंद्र पांडे, डॉ ज्योति सिन्हा, यूनानी चिकित्सक आफताब आलम, होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ लक्ष्मी शर्मा, विक्रांत कुमार के अलावा प्रखंड के प्रमुख, उप-प्रमुख के साथ-साथ प्रशासनिक पदाधिकारी भी मौजूद थे.

कुड़ू से अमित कुमार राज की रिपोर्ट

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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