Jharkhand News : बरही में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल सिटी बनाने का प्रस्ताव खारिज, लोगों में बढ़ी निराशा

Jharkhand News, Hazaribagh News : बरही में प्रस्तावित औद्याेगिक शहर निर्माण योजना की हरी झंडी केंद्र सरकार ने नहीं मिली है. इस प्रस्ताव के खारिज होने से बरही के लोगों में निराशा छा गयी है. लोगों को उम्मीद थी कि इसके निर्माण से यहां के लोगों को रोजी- रोजगार के अवसर मिलेंगे. लेकिन, बरही के लोगों का यह सपना धरा का धरा ही रह गया.
Jharkhand News, Hazaribagh News, बरही (जावेद इस्लाम) : अमृतसर- कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर योजना (Amritsar – Kolkata Industrial Corridor Scheme) के तहत बरही में प्रस्तावित औद्योगिक शहर के निर्माण की योजना को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है. केंद्र सरकार के इस निर्णय से बरही के विकास को जोरदार झटका लगा है. इससे लोगों को काफी निराशा हाथ लगी है. लोगों को यह उम्मीद थी कि बरही में औद्योगिक नगर के निर्माण होने से क्षेत्र का तेजी से विकास होगा. साथ ही इससे रोजी- रोजगार के अवसर मिलेंगे. लेकिन, अब लोगों का यह सपना टूटता नजर आ रहा है.
बरही में प्रस्तावित औद्याेगिक शहर निर्माण योजना की हरी झंडी केंद्र सरकार ने नहीं मिली है. इस प्रस्ताव के खारिज होने से बरही के लोगों में निराशा छा गयी है. लोगों को उम्मीद थी कि इसके निर्माण से यहां के लोगों को रोजी- रोजगार के अवसर मिलेंगे. लेकिन, बरही के लोगों का यह सपना धरा का धरा ही रह गया.
इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता महेश ठाकुर का कहना है कि इंडस्ट्रियल नगर बनने से बरही के विकास को गति मिलती. यह योजना बरही में नहीं लगने से बरही को नुकसान होगा. अशोक सिंह का मानना है कि बेरोजगार लोगों के लिए यह निराश करने वाली खबर है.
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बरही विधायक उमाशंकर अकेला यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बरही को खारिज करना सही नहीं कहा जायेगा. यदि इंडस्ट्रियल नगर बनाने से विस्थापन की कोई समस्या नहीं है, तो यह परियोजना बरही में लगाया जाना चाहिए. इससे बरही का विकास होता है.
बरही व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष कपिल केसरी ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते कहा कि केंद्र सरकार को अपना निर्णय वापस लेना चाहिए. साथ ही औद्योगिक नगर योजना के काम को बरही की जमीन पर ही शीघ्र उतारने के दिशा में तेजी से पहल करनी चाहिए. योजना के लिए बरही उपयुक्त जगह है.
बता दें कि इंडस्ट्रियल नगर योजना के लिए बरही अनुमंडल प्रशासन ने वर्ष 2017 में देवचंदा खेरोन इलाके के 7 गांव की 2528. 68 एकड़ जमीन चिह्नित करके दिया था. इसमें रैयती भूमि 1384 एकड़ 78 डिसमिल, गैरमजूरवा आम 6 एकड़ 51 डिसमिल, गैरमजूरवा खास 461 एकड़ 66 डिसमिल, जंगल- झाड़ी 37 एकड़ 19 डिसमिल और अधिसूचित वन भूमि 1384 एकड़ 78 डिसमिल भूमि शामिल है.
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अमृतसर- कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर योजना के लिए उक्त चिह्नत जमीन काफी उपयुक्त है. यह जमीन जीटी रोड, एनएच-33 व एनएच- 31 के समीप है. साथ ही चिह्नित जमीन के बीच से कोडरमा- रांची रेल गुजरती है. इस्टर्न फ्रेड कॉरिडोर के कोडरमा रेल जंक्शन से भी नजदीक है.
देश के तीव्र औद्योगिक विकास के लिए अमृतसर- कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर योजना वर्ष 2013 में मनमोहन सिंह सरकार के समय बनीं. इसका डिजाइन इस्टर्न फ्रेड कॉरिडोर के साथ किया गया. इस कॉरिडोर में पड़ने वाले हर राज्य के कुछ चिह्नित इलाकों में औद्योगिक नगर बनाना जिसमें कई तरह के उद्योगों का निर्माण होना है. जो आपस में जुड़े हो. इसी के तहत झारखंड के बरही का चयन हुआ था. बरही में औद्योगिक नगर निर्माण कर उद्योगों का जाल बिछाया जाना था.
बरही अनुमंडल अधिकारी डॉ कुमार ताराचंद ने बताया कि उक्त संबंध में अभी उनके पास कोई अपडेट नहीं है. जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहा हूं.
Posted By : Samir Ranjan.
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