ePaper

Durga Puja 2020 : कोरोना का असर, दुर्गा पूजा की रौनक रहेगी फीकी, बंगाल से नहीं आयेंगे ढाक बजानेवाले

Updated at : 06 Oct 2020 3:55 PM (IST)
विज्ञापन
Durga Puja 2020 : कोरोना का असर, दुर्गा पूजा की रौनक रहेगी फीकी, बंगाल से नहीं आयेंगे ढाक बजानेवाले

Durga Puja 2020 : गुमला (अंकित चौरसिया) : दुर्गा पूजा इस बार सादगी से मनायी जायेगी. पूजा पंडाल साधारण बनेंगे. सामान्य सजावट होगी. मेला का नजारा नहीं दिखेगा. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण इस बार कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए आयोजन किया जायेगा. गुमला जिले के सभी दुर्गा पूजा स्थलों में चार फीट की प्रतिमा स्थापित की जायेगी.

विज्ञापन

Durga Puja 2020 : गुमला (अंकित चौरसिया) : दुर्गा पूजा इस बार सादगी से मनायी जायेगी. पूजा पंडाल साधारण बनेंगे. सामान्य सजावट होगी. मेला का नजारा नहीं दिखेगा. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण इस बार कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए आयोजन किया जायेगा. गुमला जिले के सभी दुर्गा पूजा स्थलों में चार फीट की प्रतिमा स्थापित की जायेगी.

जशपुर रोड स्थित दुर्गा बाड़ी (बंगाली क्लब) में 99 वर्ष से दुर्गा पूजा की जा रही है. पूजा की शुरूआत सन 1921 से की गयी थी. समिति के उपाध्यक्ष विश्वनाथ सेन गुप्ता ने बताया कि शुरूआती दौर में 100 से 200 रुपया में पूजा संपन्न होती थी. उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण सरकारी गाइडलाइन के तहत सादगी से पूजा की जायेगी.

इस बार बंगाल से ढाक बजानेवाले को नहीं बुलाया गया है. बंगाली क्लब द्वारा इस वर्ष चंदा नहीं किया जा रहा है, बल्कि बंगाली परिवार द्वारा सहयोग राशि एकत्रित कर पूजा की जा रही है. जो भी भक्तगण स्वेच्छा से चंदा देना चाहते हैं. वे दे सकते हैं. इस वर्ष महज चार फीट की प्रतिमा स्थापित की जायेगी.

Also Read: Durga Puja 2020 : कोरोना संकट ने रावण दहन पर लगाया ब्रेक, पढ़िए रांची के पहले रावण दहन पर ये रिपोर्ट

शहर के ज्योति संघ में 1976 से पूजा की जा रही है. संरक्षक बदरी गुलशन ने बताया कि इस बार भक्तों को प्रसाद के रूप में कोरोना का आर्सेनिक 30 दवा दी जायेगी. शुरूआती दौर में पूजा में 600 रुपये खर्च होते थे. वर्ष 2019 में पांच लाख रुपये खर्च हुए. कोरोना काल को देखते हुए इस वर्ष खर्च आधा से भी कम होगा.

Also Read: बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने झारखंड के धनबाद की बेटियों की ली सुध, पढ़िए क्या दिया आश्वासन ?

पूजा कंपाउंड में पूर्व की भांति सजावट की जायेगी. सिसई रोड स्थित अरूणोदय संघ में सन 1981 से पूजा की शुरूआत की गयी थी. सचिव रूपक कुमार साहू ने बताया कि शुरूआती दौर में पांच हजार में पूजा होती थी, जो बढ़कर 2019 में चार लाख तक पहुंच गया है. इस बार कोरोना को देखते हुए कोई बजट नहीं है. इस वर्ष छोटा सा पंडाल बनाकर छोटी प्रतिमा स्थापित की जायेगी.

Also Read: Sarkari Naukri 2020 : कोरोना संकट के बीच झारखंड में बनेंगे 27 हजार मेंटर टीचर, ऐसे होगा हर बच्चा शिक्षित

पालकोट रोड स्थित शक्ति संघ मंदिर में सन 1982 से पूजा की जा रही है. अध्यक्ष दीपक सिन्हा ने बताया कि वर्ष 2019 में तीन लाख रुपया खर्च हुआ था. इस बार कोई बजट नहीं है. कैंपस में लाइटिंग कर पूजा की जायेगी. सरकार के सभी निर्देशों का पालन कर पूजा की जायेगी.

Posted By : Guru Swarup Mishra

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola