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15 वर्षों बिना मानदेय के काम कर रहे हैं जिले के 200 चौकीदार-दफादार, भूखे मरने को विवश हैं परिवार के लोग

Updated at : 20 Jan 2021 12:47 PM (IST)
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15 वर्षों बिना मानदेय के काम कर रहे हैं जिले के 200 चौकीदार-दफादार, भूखे मरने को विवश हैं परिवार के लोग

15 वर्षों बिना मानदेय के काम कर रहे हैं जिले के 200 चौकीदार-दफादार

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jharkhand news, gumla news गुमला : जिले के लगभग 200 चौकीदार दफादार 15 वर्षों से बिना मानदेय के काम करने को विवश हैं. वर्ष 2005 में नियुक्ति होने के बाद सभी चौकीदार-दफादारों ने शैक्षणिक मूल प्रमाण-पत्रों के साथ अपने नियुक्ति पत्र को उपायुक्त कार्यालय में जमा किया था, परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

जिस कारण सभी चौकीदार-दफादार बिना मानदेय के ही काम करने को विवश हैं. बधेश्वर उरांव, वीरेंद्र उरांव, मिथिलेश उरांव, पहना उरांव, बोधन उरांव, भूषण गोप, मंगल चरण उरांव, सुरजबली गोप, भैयाराम तुरी, बिरिया उरांव, सतीश उरांव, अरुण कुमार सूर्या, प्रदीप गोप, आइजेन किस्पोट्टा सहित अन्य चौकीदार दफादारों ने बताया कि वर्ष 2005 से सभी चौकीदार-दफादार अपने-अपने थाना बीट में काम कर रहे हैं. काम करते हुए 15 वर्ष हो गये हैं, परंतु अभी तक एक दिन का मानदेय नहीं मिला है.

अभी का हालत ऐसी है कि हम सभी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं. घर में खाने को अन्न तक नहीं है. यदि जल्द ही मानदेय नहीं मिलता है, तो भूखे मरने की नौबत आ जायेगी. चौकीदार-दफादारों ने बताया कि वर्ष 2005 में ही हम सभी लोगों ने अपने-अपने शैक्षणिक मूल प्रमाण-पत्रों के साथ नियुक्ति आवेदन-पत्र को उपायुक्त कार्यालय में जमा किया था.

परंतु नियुक्ति आवेदन पत्रों पर किसी तरह का ध्यान नहीं दिया गया. जिसका नतीजा है कि हम सभी पिछले 15 वर्षों से बिना मानदेय के काम करने को विवश हैं. इधर, सभी चौकीदार दफादारों ने मंगलवार को उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा को आवेदन देकर अपनी समस्या रखते हुए निदान की मांग की. जिस पर उपायुक्त ने चौकीदार-दफादारों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का समाधान किया जायेगा.

Posted By : Sameer Oraon

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