गुजरात चुनाव 2022: झगडिया से लगातार 7 बार जीत दर्ज करने वाले छोटू वसावा आखिर क्यों नहीं लड़ेंगे चुनाव ?

Gujarat Election 2022 : गुजरात में एक और पांच दिसंबर को होने वाले चुनाव के लिए ट्राइबल पार्टी द्वारा जारी छह उम्मीदवारों की दूसरी सूची के अनुसार छोटू वसावा के बेटे महेश वसावा को झगडिया से मैदान में उतारा गया है.
Gujarat Election 2022 : गुजरात चुनाव को लेकर जहां एक ओर प्रचार तेज हो चला है. वहीं दूसरी ओर सभी पार्टियां उम्मीदवारों की सूची जारी करने में लगी हुई है. इस बीच खबर है कि भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के संस्थापक छोटू वसावा गुजरात के भरूच जिले में अपनी पारंपरिक झगडिया विधानसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे. यहां आपको बता दें कि इस सीट से उन्होंने लगातार सात बार जीत हासिल की है. छोटू वसावा के बजाय उनके बेटे अगले महीने चुनाव में इस सीट चुनाव मैदान में होंगे.
गुजरात में एक और पांच दिसंबर को होने वाले चुनाव के लिए ट्राइबल पार्टी द्वारा जारी छह उम्मीदवारों की दूसरी सूची के अनुसार छोटू वसावा के बेटे महेश वसावा को झगडिया से मैदान में उतारा गया है. महेश वसावा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में नर्मदा जिले के डेडियापाडा से जीत हासिल की थी। इससे पहले, वह 2002 में (जब बीटीपी अस्तित्व में नहीं थी) उसी सीट से विजयी हुए थे. बीटीपी का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित गुजरात के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में प्रभाव है. बीटीपी ने 2017 में दो विधानसभा सीटें जीतीं थीं, जब उसने कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था. हालांकि, बाद में क्षेत्रीय दल ने राज्य के मुख्य विपक्षी दल से नाता तोड़ लिया था.
इस साल की शुरुआत में, बीटीपी ने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) के साथ एक गठबंधन किया था जो ज्यादा समय नहीं टिक सका. पार्टी सूत्रों ने कहा कि पहले जनता दल (यूनाइटेड) के साथ रहे छोटू वसावा (75) के खराब स्वास्थ्य के कारण इस बार चुनाव लड़ने की उम्मीद नहीं है. डेडियापाडा से पार्टी ने बीटीपी सदस्य बहादुरसिंह वसावा को मैदान में उतारा है। अन्य उम्मीदवारों में रावजीभाई पंडोर (खेड़ब्रह्मा), नरेंद्र राठवा (पविजेतपुर), नितिन वसावा (अंकलेश्वर) और सुभाष वसावा (मंगरोल) शामिल हैं. अंकलेश्वर को छोड़कर, अन्य सभी पांच विधानसभा सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं. पार्टी ने रविवार को 12 उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की थी, जिनमें से नौ उम्मीदवार एसटी-आरक्षित सीटों से मैदान में उतारे गए थे.
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बीटीपी के अध्यक्ष महेश वसावा ने कहा कि उनकी पार्टी एसटी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सभी 27 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और उन निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव लड़ेगी जहां आदिवासियों की अच्छी आबादी है. गुजरात विधानसभा में कुल 182 सीटें हैं.
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