गोपालगंज में भू-माफियाओं की दादागिरी : नाले पर बना दी सड़क, अब लोगों को हो रही परेशानी

नाले को भरकर सोलिंग रोड बना दिया गया. लोगों की निजी जमीन से होकर नाला बह रह था. पिछले सप्ताह लोगों ने निजी जमीन पर सड़क बना लिया. अब पानी का बहाव रुक गया है. पानी का बहाव रुकने से राजीवनगर के लगभग 125 घरों का पानी सड़क पर जमा होने लगा है.
नवंबर में पटना हाइकोर्ट में गोपालगंज के सदर अंचल के सीओ ने शपथपत्र दाखिल किया था कि उनके यहां कहीं भी जलस्रोत पर अवैध कब्जा नहीं है. लेकिन अब सीओ के दावे की पोल खोल रहा है बंजारी से थावे रोड जाने वाला नाला. खाड़ के नाम से प्रसिद्ध इस नाले को राजीवनगर में लोगों ने सड़क बना दिया है. नाले के स्वरूप को भू-माफियाओं ने राजीवनगर में बदल डाला है. नतीजा है कि बरसात के दिनों में 550 घरों में बाढ़ जैसे हालात बने रहते हैं.
नाले की चौड़ाई लगभग 36 से 80 कड़ी तक की है. नाले को भरकर सोलिंग रोड बना दिया गया. लोगों की निजी जमीन से होकर नाला बह रह था. पिछले सप्ताह लोगों ने निजी जमीन पर सड़क बना लिया. अब पानी का बहाव रुक गया है. पानी का बहाव रुकने से राजीवनगर के लगभग 125 घरों का पानी सड़क पर जमा होने लगा है. नारकीय हालत बन गये हैं. लोगों में आक्रोश है. माफियाओं के आगे की जुबान नहीं खुल रही है.
भीतभेरवा, बंजारी के चंवर से आने वाला पानी बंजारी में एनएच-27 को पार कर राजीवनगर, जंगलिया मुहल्ला होकर थावे रोड को पार कर राजेंद्रनगर से निकल कर विष्णु शुगर मिल के पास से छाड़ी नदी में मिलता है. बंजारी ओवरब्रिज बनाने के दौरान हाइवे ने नाले के मुहाने को बंद कर दिया. विरोध करने के बाद एक पतला पाइप लगाया गया.
बंजारी चौराहे से भीतभेरवा, बंजारी व सरेया वार्ड नं एक के 450 घर बरसात में पानी में डूब जाते हैं. हल्की बारिश के बाद ये मुहल्ला नरक में बदल जाता है. चार-पांच वर्षों से लोग परेशान हैं. इसके समाधान के लिए कोई जनप्रतिनिधि व नगर पर्षद की ओर से पहल नहीं की जा रही है. नतीजा है कि अपनी जमीन को महंगा रेट पर बेचने के लिए माफियाओं ने खाड़ पर अवैध रूप से सड़क बना दिया.
ततकालीन एसडीओ वर्षा सिंह को मुहल्ले के लोगों ने भू-माफियाओं के कारनामे की शिकायत की, तो 14 अगस्त, 2019 को सीओ को आदेश दिया गया था कि नाले की मैपिंग करा कर उसे खाली कराएं व नगर पर्षद को आदेश था कि उसे नाला बना कर सौंदर्यीकरण कराएं. उसी समय से यह आदेश फाइलों में दफन है. हालांकि जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी कुमार अनिल सिन्हा ने 17 सितंबर, 2022 को सीओ व नगर पर्षद के इओ को आदेश दिया कि 30 दिनों के भीतर नापी कराकर नाले का स्वरूप लौटाने का इंतजाम करें.
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डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने इस मामले में एसडीओ डॉ प्रदीप कुमार व सीओ राकेश कुमार की टीम गठित कर स्थल की जांच कर पानी की निकासी का इंतजाम कराने का आदेश दिया है. अब उम्मीद है कि राजीवनगर के लोगों को इंसाफ मिलेगा.
सदर अंचल के सीओ राकेश कुमार ने बताया कि सदर अंचल में छाड़ी नदी के शहरी इलाके में अवैध कब्जा को छोड़कर बाकी कहीं भी जलस्रोत पर कब्जा नहीं है. हाइकोर्ट को भी बताया गया है. बंजारी के मामले में सीओ ने बताया कि कल ही जानकारी मिली है. गुरुवार को उसे देखेंगे.
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