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गया मगध मेडिकल कॉलेज से सरकारी दवा पहुंच रहा निजी अस्पताल, जांच के बाद बड़े रैकट का हो सकता है खुलासा

Updated at : 22 Jun 2022 11:18 AM (IST)
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गया मगध मेडिकल कॉलेज से सरकारी दवा पहुंच रहा निजी अस्पताल, जांच के बाद बड़े रैकट का हो सकता है खुलासा

गया मगध मेडिकल कॉलेज से सरकारी दवा निजी अस्पताल में पहुंचाने का मामला सामने आया है. इसके बाद कई स्तर से इस मामले की जांच की जा रही है. बता दें कि दवा लिखने की जिम्मेदारी डॉक्टर की होती है. उसे मरीज को देने की जिम्मेदारी नर्सिंग स्टाफ की होती है.

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गया. निजी अस्पताल में सरकारी दवा पैसा लेकर मरीज को देने का मामला उजागर होने के बाद स्टोर इंचार्ज डॉ प्रह्लाद कुमार व अन्य कर्मचारियों ने इमरजेंसी से लेकर अन्य जगहों पर छानबीन की है. स्टोर इंचार्ज ने बताया कि अब तक दवा किस माध्यम से गयी है. इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है. इसके बाद भी कई स्तर से इस मामले में जांच की जा रही है. यहां से मरीजों को निजी अस्पताल में ले जाने का मामला पुराना है, पर अब यहां की दवा भी उसे पैसे लेकर दी जा रही है. किसी एक कर्मचारी से यह काम संभव नहीं है. जांच की जाये, तो बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है.

बोले अधीक्षक- मामला गंभीर, बर्दास्त नहीं किया जायेगा

इस संबंध में अधीक्षक डॉ गोपाल कृष्ण ने बताया कि इस मामले में जिनकी भी मिलीभगत होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. मामला बहुत ही गंभीर है. इस तरह की घटना को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. दवा लिखने की जिम्मेदारी डॉक्टर की होती है. उसे मरीज को देने की जिम्मेदारी नर्सिंग स्टाफ की होती है. मगध मेडिकल के जिम्मेदारों ने कहा कि डॉक्टर या फिर अन्य कर्मचारी को मगध मेडिकल से दवा उपलब्ध नहीं हो सकती. क्योंकि, कार्यप्रणाली के अनुसार, डॉक्टर मरीज को वार्ड या इमरजेंसी में जांच के बाद उनकी पर्ची पर दवा लिख देते हैं. मरीज को दवा देने का काम नर्सिंग स्टाफ की होती है. डॉक्टर या फिर किसी अन्य कर्मचारी को मरीज को दवा देने से कोई मतलब नहीं होता है. दवा रखने की जिम्मेदारी भी नर्सिंग हेड व फार्मासिस्ट की होती है.

बच्चा चोरी का भी मामला हो चुका है उजागार

मगध मेडिकल में इस तरह का मामला कोई पहली बार नहीं आया है. इससे पहले बच्चा चोरी, वार्डों में चोरी, कोरोना मरीजों के लिए बनाये गये आइसोलेशन वार्ड में महिला के साथ बदसलूकी, कोरोना काल में ऑक्सीजन सिलिंडर चोरी, मर्चरी में 10 दिनों तक अज्ञात युवती का शव सड़ाने, कोविड महामारी के दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से निष्क्रियता, अस्पताल के इमरजेंसी स्थित आइसीयू से वेंटिलेटर की चोरी व नर्सिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का गंभीर मामला सामने आ चुका है.

ऑक्सीजन सिलिंडर गायब होने के मामले में हो चुकी है किरकिरी

कोरोना की दूसरी लहर के तुरंत बाद मगध मेडिकल अस्पताल से ऑक्सीजन सिलिंडर चोरी होने का मामला सामने आने के बाद स्टोर सहायक को निलंबित कर दिया गया. इनके निलंबन वापस लेने के लिए कहा जा रहा है कि केस में बेल लेना होगा. जबकि, इस केस में और कई लोगों को नामजद किया गया था. वे नौकरी कर रहे हैं. सहायक ने पहले ही नये सिलिंडर खरीद कर देने की बात लिखित रूप से अधीक्षक कार्यालय को दी. इसके बाद और सिलिंडर गायब होने की बात सामने आयी.

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