झारखंड के गढ़वा में दशरथ साव मर्डर केस में दो पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज, रमकंडा थाना का घेराव कर रहे आक्रोशित ग्रामीणों का धरना खत्म, पढ़िए क्या है पूरा मामला

Jharkhand News, गढ़वा न्यूज (मुकेश तिवारी) : गढ़वा जिला अंतर्गत रमकंडा थाना क्षेत्र के केरवा गांव में पिछले दिनों हुए दशरथ साव हत्याकांड मामले में रविवार को रमकंडा थाना के थाना प्रभारी फैज रवानी द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा के हरहे पंचायत अध्यक्ष सह केरवा गांव निवासी विनोद यादव को हिरासत में लेकर पिटाई करने से आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा थाना का घेराव किया गया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद रात करीब 8:30 बजे जिला मुख्यालय डीएसपी अवध यादव ने रमकंडा थाना पहुंचकर पीड़ित के परिजनों सहित ग्रमीणों से पूरे मामले की जानकारी ली और थाना प्रभारी व केस इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया. इसके बाद मामला शांत हुआ.
Jharkhand News, गढ़वा न्यूज (मुकेश तिवारी) : गढ़वा जिला अंतर्गत रमकंडा थाना क्षेत्र के केरवा गांव में पिछले दिनों हुए दशरथ साव हत्याकांड मामले में रविवार को रमकंडा थाना के थाना प्रभारी फैज रवानी द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा के हरहे पंचायत अध्यक्ष सह केरवा गांव निवासी विनोद यादव को हिरासत में लेकर पिटाई करने से आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा थाना का घेराव किया गया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद रात करीब 8:30 बजे जिला मुख्यालय डीएसपी अवध यादव ने रमकंडा थाना पहुंचकर पीड़ित के परिजनों सहित ग्रमीणों से पूरे मामले की जानकारी ली और थाना प्रभारी व केस इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया. इसके बाद मामला शांत हुआ.
झारखंड के गढ़वा जिला अंतर्गत रमकंडा थाना क्षेत्र के केरवा गांव में पिछले दिनों हुए दशरथ साव हत्याकांड मामले में रविवार को रमकंडा थाना के थाना प्रभारी फैज रवानी द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा की हरहे पंचायत अध्यक्ष सह केरवा गांव निवासी विनोद यादव को हिरासत में लेकर गंभीर रूप से पिटाई की गयी थी. इससे आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने रविवार की दोपहर से रमकंडा थाना का घेराव किया. वहीं, घंटों रमकंडा-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग जाम कर दिया था. इस मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी फैज रवानी व दशरथ साव हत्याकांड के केस इंचार्ज हितनारायण महतो को तत्काल निलंबित कर दिया. इन दोनों अधिकारियों के निलंबन के बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए और धरना समाप्त किया. इस बाबत मुख्यालय डीएसपी ने बताया कि पूरे मामले की जांच के बाद दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.
ग्रामीणों के आक्रोशित होने के बाद प्रशासन ने हत्याकांड के मामले में हिरासत में लिए गए झामुमो नेता को छोड़ दिया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के कारण झामुमो नेता को इलाज के लिए एंबुलेंस से हॉस्पिटल भेजा गया था. इस तरह हिरासत में लेकर पिटाई किये जाने से आक्रोशित ग्रामीण थाना प्रभारी को हटाने की मांग पर अड़े हुए थे. मामला तूल पकड़ता देख इन दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी. पीड़ित झामुमो नेता ने बताया कि थाना प्रभारी ने उनसे घटना की पूरी जानकारी ली. पूछताछ के दौरान ही जब उनके द्वारा कहा गया कि हत्या में शामिल आरोपी को 3 दिन थाना में रखकर छोड़ दिया गया और अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इतना सुनते ही थाना प्रभारी आगबबूला हो गये और जबरदस्ती थाना के वाहन में बैठाकर थाना ले गये. यहां गाली-गलौज के साथ जमकर मारपीट की गयी. जबरदस्ती हत्या के मामले में शामिल होने की बात कहने का दबाव बनाने लगे. उनकी बात नहीं मानने पर थाने में ही डंडे से जमकर उनकी पिटाई की गयी.
Posted By : Guru Swarup Mishra
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