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Exclusive: 'ना उम्र की सीमा हो' एक्टर करण सूचक बोले- टीवी से OTT में जाने का मतलब एक स्टेप ऊपर नहीं होता है

Updated at : 04 Jun 2023 9:35 AM (IST)
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Exclusive: 'ना उम्र की सीमा हो' एक्टर करण सूचक बोले- टीवी से OTT में जाने का मतलब एक स्टेप ऊपर नहीं होता है

एक्टर करण सूचक ना उम्र की सीमा हो शो से हाल ही में जुड़े है. शो से जुड़ने पर उन्होंने कहा, अभी कुछ दिन ही हुए हैँ, जब मैंने शूटिंग शुरू की है. मैं जिन लोगों के साथ मैं काम कर रहा हूं. वे बहुत अच्छे लोग हैं. मुझे याद है कि जिस दिन मेरा पहला दिन शूट का था.

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अभिनेता करण सूचक हाल ही में स्टार भारत के शो ना उम्र की सीमा हो का हिस्सा बने हैं. उनकी मौजूदगी से शो में देव और विधि की लव स्टोरी नए उतार – चढ़ाव से गुजरेगी. करण बताते हैं कि शो ऑफर होने के दो दिन के अंतराल में ही वह इस शो की शूटिंग से जुड़ गए. टेलीविज़न में ऐसा आम है. आपको तुरंत अपने किरदार में ढल जाना होता है. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश.

ना उम्र की सीमा हो, आप इस शो से बीच में जुड़े हैं, ऐसे में सेट का माहौल कैसा था?

अभी कुछ दिन ही हुए हैँ, जब मैंने शूटिंग शुरू की है. मैं जिन लोगों के साथ मैं काम कर रहा हूं. वे बहुत अच्छे लोग हैं. मुझे याद है कि जिस दिन मेरा पहला दिन शूट का था. अभिनेता इक़बाल खान ने मुझे कैडबरी सिल्क गिफ्ट किया था ताकि पहले दिन ही मैं सेट पर सहज हो जाऊं. सेट का माहौल इतना पॉजिटिव होता है, तो आपको लगता नहीं है कि आप शो का अभी हिस्सा बने है.

जब आप बीच में किसी शो से जुड़ते हैं, तो जेहन में चलता है कि पहले से आर्टिस्ट काम कर रहे हैं, उनकी बॉन्डिंग ज़्यादा अच्छी होंगी, आप नए होंगे?

एक एक्टर के लिए किरदार सबसे ज़्यादा मायने रखता है कि वह कहानी में क्या जोड़ रहा है. वह महत्वपूर्ण है. जहां तक बात बॉन्डिंग की है, तो हर किसी को काम करना है, तो एक दूसरे के साथ ही मिलकर करना हैं. ऐसे में सेट पर एक पॉजिटिव वाइब्स बन ही जाता है.

शो प्यार में उम्र की सीमा को नकारता है, निजी ज़िन्दगी में आपने अपने प्यार, कैरियर और दूसरी चीज़ों के लिए क्या कभी उम्र तय किया था ?

ये हम प्लान करते हैं, जब हम 25 साल के होते हैं. मैंने भी उस वक़्त किया था, लेकिन फिर ज़िन्दगी हमें सीखा देती है कि किसी चीज की कोई उम्र नहीं होती है. सही चीज़ें सही समय पर अपने आप हो जाती है. वैसे मैं 21साल की उम्र से काम कर रहा हूं. शुरुआत में कॉर्पोरेट जॉब की, उसके बाद एक्टिंग. हमेशा से आर्थिक तौर पर मैं अपने पैरों पर खड़ा रहना चाहता था और ऐसा हुआ भी.

आपने एक अंतराल के बाद टीवी को चुना है, इसकी क्या वजह है?

जैसा कि सभी को पता है कि छोटे परदे पर मैंने ज़्यादातर मायथोलोजिकल किरदार ही निभाए हैं. राम और लक्ष्मण ही बना हूं. इमेज बन जाने के बाद टीवी में आपको वैसे ही रोल ऑफर होने लगते हैं. मैंने तय कर लिया था कि अब और पौराणिक शो नहीं करूंगा. पौराणिक शो से दूरी बना ली, लेकिन पॉजिटिव रोल ही मिल रहे थे. मैं ग्रे और कुछ रियलिस्टिक करना चाहता था. जिसका मौका मुझे इस शो ने दिया और मैंने तुरंत इस ऑफर को स्वीकार लिया.

मौजूदा दौर में ओटीटी टीवी के लिए चुनौती बन गया है, आपकी इस पर क्या राय है?

ओटीटी लोगों को आकर्षक कर रहा है, लेकिन मुझे लगता है कि सोशल मीडिया भी काफी टफ कॉम्पिटिशन दे रहा है. हर कोई इनदिनों सोशल मीडिया पर है और घर बैठे अपने टैलेंट को दिखा रहा है. उन्हें मुंबई आने की ज़रूरत नहीं है, तो हर दिन प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है. बस हमको अपना काम मेहनत से करते रहना है, तो दर्शक ओटीटी और सोशल मीडिया के साथ – साथ टीवी से भी जुड़े रहेंगे.

टीवी पर कंटेंट में बदलाव आने की बात भी समय समय पर होती रहती है? आप किस तरह का कंटेंट देखना चाहते हैं?

मुझे लगता है कि टेलीविज़न पर फ्रीडम फाइटर्स पर कुछ शोज लाने चाहिए. फ्रीडम फाइटर्स को लेकर हमारे पास अथाह कहानियां हैं. दूरदर्शन पर एक स्वराज करके शो आ रहा है. मैंने उस शो में मंगल पांडे की भूमिका निभायी थी. प्राइम चैनल्स पर कुछ ऐसी कहानियां आनी चाहिए.

टीवी से ब्रेक लेकर ओटीटी पर फोकस करने का ख्याल क्या जेहन में आता है?

यहां से वहां चला गया, तो इसका मतलब ये नहीं कि मैं एक स्टेप ऊपर चला गया. मेरे लिए सारे प्लेटफार्म एक जैसे हैं. मेरे लिए ज़्यादा चैलेंजिंग किरदार ओटीटी में नहीं टीवी दे रहा है और एक एक्टर को यही चाहिए.

टीवी में आपको एक दशक पूरे हो गए हैं, अब तक की जर्नी को कैसे देखते हैं?

बहुत कुछ करना बाकी है. एक्टिंग ऐसा करियर है, जहां दस साल तो शुरुआत ही होते हैं. जो सीखा है, उसे कैसे इस्तेमाल में लाना है. वो दस साल बाद ही शुरू होता है, तो अभी बहुत कुछ करना है.

टीवी के सितारे इनदिनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी बहुत एक्टिव रहते हैं?

जो रहते हैं, उनकी अपनी मर्जी है. मैं निजी तौर पर इस रेस में शामिल होना पसंद नहीं करता हूं. मुझे लगता है कि मैं रील के ट्रेंड से जुड़ने से अच्छा एक्टिंग में कुछ करना चाहूंगा या कोई अच्छी फ़िल्म देखूंगा. जिससे अपने क्राफ्ट को और समझ सकूं. आखिरकार मैं इंडस्ट्री में एक्टिंग करने और उसमें खुद को बेस्ट करने के लिए आया हूं.

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कोरी

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By कोरी

कोरी is a contributor at Prabhat Khabar.

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