Ink Readible: सूफी सिंगर सतिंदर सरताज ने अपनी कविताओं से बांधा समां

Edited by Sheetal Choubey
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Dr. Satinder Sartaj

Ink Readible: महान पंजाबी गायक उस्ताद डॉ. सतिंदर सरताज ने इंकरीडेबल कार्यक्रम में अपनी हाल ही में लिखी गई कविताओं को पढ़ा, जिनमें "तपसरा: जो भी है", "उलझन", "मैंनु मनसी करना कहरा सौखा है" और अन्य शामिल है.

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Ink Readible: ‘सज्जन राजी’, ‘उदारियां’, ‘फूल ते खुशबू’, ‘रुतबा’ जैसे चर्चित गानों के महान पंजाबी गायक उस्ताद डॉ. सतिंदर सरताज ने अपनी नवीनतम कविता का पाठ करके नॉवेल बंच के तीसरे राइटर्स फेस्टिवल 2025, इंक रीडेबल में साहित्यिक महोत्सवों में अपनी यात्रा की शुरुआत की है, जिसका आयोजन इन्फोसिस परिसर में हुआ. इस इवेंट में शहर के महान साहित्यकारों के साथ बातचीत करते हुए, डॉ. सतिंदर सरताज ने अपनी कविताओं को साझा किया. इन कविताओं को उन्होंने इस साल की शुरुआत में लिखा था.

सोने पर सुहागा साबित हुई ‘साई’

सतिंदर सरताज ने अपनी हाल ही में लिखी गई कविताओं को पढ़ा, जिनमें “तपसरा: जो भी है”, “उलझन”, “मैंनु मनसी करना कहरा सौखा है” और अन्य शामिल है. इन कविताओं पर कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों ने खूब प्यार लुटाया. साथ ही उनका आइकॉनिक सॉन्ग ‘साई’ इस पूरे कार्यक्रम के लिए सोने पर सुहागा साबित हुआ. यहां उनके साथ उनकी आगामी फिल्म फिल्म, होशियार सिंह (अपना अरस्तू) के निर्माता मुनिश साहनी, लेखक जगदीप सिंह वारिंग, और सह-निर्माता सुविधा साहनी और आशुतोष साहनी शामिल थे.

हिमाचल प्रदेश के पूर्व डीजीपी ने क्या कहा?

इंकरीडेबल कार्यक्रम की शुरुआत हिमाचल प्रदेश के पूर्व डीजीपी, श्री संजय कुंडू आईपीएस (सेवानिवृत्त) ने की. उन्होंने साहित्य के साथ अपने औपचारिक लेकिन प्रभावशाली अनुभवों पर प्रकाश डाला और नॉवल बंच इनविटेशन के साथ अपनी बात को खत्म किया. साथ ही उन्होंने शहर के साहित्यिक उत्साह को देखते हुए कहा कि चंडीगढ़ देश का साहित्यिक हब बनने की सभी संभावनाएं रखता है.

‘उत्तर का मोती’ है चंडीगढ़

इस कार्यक्रम में जाने-माने पत्रकार और लेखक जुग सुरैया और बॉलीवुड अभिनेता, टीवी कलाकार, प्रसारक यूरी सूरी ने चंडीगढ़ को ‘उत्तर का मोती’ (Pearl of The North) लेबल देते हुए कहा कि अच्छा साहित्य भविष्य की पीढ़ी के लिए शुभ संकेत है.

“समय उड़ जाता है…”

पत्रकार और लेखक जुग सुरैया ने यह भी कहा कि “मैं लंबे हाथ में लिखता हूं और समय सीमा को याद करने के सामान्य डर के बावजूद, कहानी मेरे सिर में विकसित होती है इससे पहले कि मैं इसे एक कागज पर रखूं,” जुग से जब आगे सवाल किया गया कि उनके पास दिन में कितने घंटे हैं, तो इसपर उन्होंने कहा, “समय उड़ जाता है जब आप जीवन जीने में पूरी लगन से लगे होते हैं”.

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Sheetal Choubey

लेखक के बारे में

By Sheetal Choubey

शीतल चौबे एक एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट हैं, जो बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स, ओटीटी रिलीज, फिल्मी गॉसिप्स, ट्रेंडिंग विवाद और सेलेब्रिटी इंटरव्यूज पर सक्रिय रूप से काम करती हैं. उन्हें फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी हर हलचल पर नजर रखना पसंद है, चाहे वो किसी फिल्म की कमाई हो, नया रिकॉर्ड हो, या फिर किसी वेब सीरीज का ओटीटी पर धमाका. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स को समझना और उन्हें आसान, दिलचस्प और रीडर-फ्रेंडली भाषा में ऑडियंस तक पहुंचाना उनकी खासियत है. उनका फोकस ऐसी खबरों पर रहता है जो न सिर्फ जानकारी दें, बल्कि पाठकों को स्क्रॉल रोकने पर मजबूर कर दें. मूल रूप से बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई उत्तर प्रदेश के कानपुर से हुई. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश की माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन और एंटरटेनमेंट दोनों बीट्स पर काम किया. यहां उन्होंने कंटेंट राइटिंग के साथ वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग की स्किल भी हासिल की. करीब एक साल के अनुभव के बाद 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं, जहां वह वर्तमान में बॉक्स ऑफिस, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा और एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. वह लगातार डिजिटल मीडिया में खुद को अपडेट करते हुए एंटरटेनमेंट जर्नलिज्म में अपनी एक मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं.

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