25.1 C
Ranchi
Wednesday, February 21, 2024

BREAKING NEWS

Trending Tags:

HomeमनोरंजनबॉलीवुडExclusive: आर्चीज की कास्टिंग पर जोया अख्तर ने कही यह बात, बोलीं- ऑडिशन के बाद ही हमने...

Exclusive: आर्चीज की कास्टिंग पर जोया अख्तर ने कही यह बात, बोलीं- ऑडिशन के बाद ही हमने…

फिल्म ‘द आर्चीज’ 7 दिसंबर को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने जा रही है. फिल्म के कास्ट को लेकर जोया अख्तर ने कहा, सबका चुनाव ऑडिशन के जरिये हुआ है. चूंकि, इस फिल्म के लिए 17 साल के एक्टर्स चाहिए थे, तो जो भी 17 साल का था या पर्दे पर उतना दिख सकता था, सभी को ऑडिशन के लिए अप्रोच किया गया.

शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान, अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा और बोनी कपूर की बेटी खुशी कपूर की डेब्यू फिल्म ‘द आर्चीज’ 7 दिसंबर को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने जा रही है. इस फिल्म से निर्देशिका के तौर पर जोया अख्तर और निर्मात्री की भूमिका में रीमा कागती की जोड़ी जुड़ी हुई है, जो फिल्म के लेखन का भी अहम हिस्सा हैं. इस फिल्म से जुड़ीं चुनौतियों व स्टार किड्स पर उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश.

एक कॉमिक बुक के पात्रों के साथ फिल्म का रूपांतरण करने की क्या वजह रही?

जोया अख्तर : हम आर्ची कॉमिक्स पढ़कर बड़े हुए हैं और यह हमारी पसंदीदा कॉमिक भी थी. जब यह मौका सामने से हमारी झोली में आ गया, तो हमें भी काम करने में कोई दिक्कत नहीं थी. दोस्ती और प्यार की इस कहानी से एक मकसद भी जुड़ा हुआ है.

रीमा कागती : आर्चीज, एक बहुत बड़ी अमेरिकी आइबी है और उन्होंने दुनिया के लिए अपनी पहली फीचर फिल्म बनाने के लिए भारत में हमसे संपर्क किया है. हम इसे एक उपलब्धि की तरह लेते हैं.

क्या शुरुआत से ही तय था कि इस फिल्म से स्टार किड्स को लांच किया जायेगा?

जोया अख्तर : नहीं, सबका चुनाव ऑडिशन के जरिये हुआ है. चूंकि, इस फिल्म के लिए 17 साल के एक्टर्स चाहिए थे, तो जो भी 17 साल का था या पर्दे पर उतना दिख सकता था, सभी को ऑडिशन के लिए अप्रोच किया गया. अदिति और वेदांग रैना म्यूजिशियन थे, लेकिन उन्हें उम्र की वजह से एप्रोच किया गया. युवराज मेंडा को हमने इंस्टाग्राम पर ढूंढा था.

रीमा कागती : मैं बताना चाहूंगी कि हरेक एक्टर ने सभी किरदार के लिए ऑडिशन दिया. ऑडिशन के बाद ही हमने तय किया कि सुहाना, खुशी या फिर अदिति कौन-सा किरदार करेंगी. अगस्त्य नंदा तो एक्टिंग ही नहीं करना चाहते थे, वह पहले से ही बिजनेस में थे. उनको ऑडिशन के लिए कास्टिंग कंपनी ने अप्रोच किया.

इस फिल्म की लगभग आधी से अधिक कास्ट युवा हैं. युवाओं की अपनी भाषा और तरीका होता है. उसे कैसे मैनेज किया?

जोया अख्तर : मैंने इस फिल्म की शूटिंग को खूब एंजॉय किया, क्योंकि वहां बहुत सारे बच्चे थे. वे काम को प्रेशर की तरह नहीं, बल्कि खूब एंजॉय कर रहे थे. ये सब पूरी क्रू टीम को बहुत पसंद आया.

रीमा कागती : सच कहूं, तो इस फिल्म की शूटिंग ने मेरी पूरी यूनिट को बिगाड़ दिया था, क्योंकि इस फिल्म की शूटिंग मस्ती से भरपूर थी. सभी एक-दूसरे को मोटिवेट कर रहे थे, जिससे सब कुछ बहुत आसानी से हो गया.

यंग एक्टर्स को ट्रेंड करने की कितनी चुनौती थी?

जोया अख्तर : ट्रेनिंग के दौरान चुनौतियां अधिक नहीं थीं. असली चुनौती आर्चीज के किरदारों को निभाने के लिए इन अभिनेताओं को ढूंढना था, क्योंकि आर्चीज के सभी किरदार आइकॉनिक थे. यदि आपने आर्ची की कॉमिक पढ़ी हैं, तो आपको पहले से ही अंदाजा होगा कि ये पात्र कैसे दिखेंगे, इसलिए यह चुनौतीपूर्ण था. लोगों को इन पर विश्वास करना चाहिए. लुक पर बहुत ध्यान दिया गया है.

रीमा कागती : इनकी ट्रेनिंग में छह महीने लगे. इन छह महीनों में हमने उन्हें एक्टिंग वर्कशॉप, डांस, सिंगिंग, स्केटिंग, तैराकी, सब कुछ की ट्रेनिंग दी. जबतक कि वे सेट पर आते, तबतक उन्हें सब चीज की जानकारी मिल गयी थी कि कैमरे का सामना कैसे करना है, सेट पर ट्रैक कैसे सेट करना है, लाइट को कैसे पकड़ना है. उन्हें फिल्म निर्माण के सभी तकनीकी पहलुओं की ट्रेनिंग दी गयी थी.

किरदारों में सभी कलाकारों को ढालना आसान रहा होगा, क्योंकि वे व्यावहारिक रूप से सभी नये थे. इस पर आप दोनों क्या कहेंगी?

जोया अख्तर : हां, अगर हम सितारे लेते तो वे एक बैगेज अपने साथ लेकर आते. हम नया और क्लीन इमेज वाला कलाकार चाहते थे, ताकि वे आर्ची, बेट्टी और वेरोनिका के रूप में अपनी नयी पहचान बना सकें. यही वजह थी कि हम नये लोगों को लेना चाहते थे.

रीमा कागती : जब कलाकार नये होते हैं, तो उनमें एक उत्साह होता है और वे न सिर्फ काम बल्कि, एक्सपेरिमेंट करने के लिए भी हमेशा तैयार होते हैं, जो इस फिल्म में भी काम आया.

स्टार किड्स और आउटसाइडर किड्स के बीच स्क्रीन स्पेस को लेकर संतुलन बनाना कितना मुश्किल था?

जोया अख्तर : ऐसा कोई दबाव नहीं था. हर कोई स्क्रिप्ट को अच्छी तरह जानता था. फिल्म किसी एक की कहानी नहीं है, बल्कि सात किरदारों की कहानी है. हर किसी की भूमिकाएं तय थीं. एक शुरुआत, मध्य और अंत होता है. अगर कोई दिक्कत होती, तो वे ये फिल्म नहीं करते. मैं हमेशा से मल्टी स्टारर फिल्में करती आयी हूं, इसलिए वे जानते हैं कि मुझसे क्या उम्मीद करनी है.

रीमा कागती : कहानी में हर किरदार की अहमियत है, तो वह फिल्म में भी दिखेगी.

‘द आर्चीज’ के लिए सबसे बड़ा टास्क आपके लिए क्या रहा ?

जोया अख्तर : आर्ची से जुड़े लोग नहीं चाहते थे कि एक और रिवरडेल बने, जैसा नेटफ्लिक्स पर पहले से है. वे नहीं चाहते थे कि कहानी आधुनिक हो. वे चाहते थे कि यह ओल्ड स्कूल और पारिवारिक मूल्यों वाला हो. उसमें सभी पात्रों को स्थापित करना था. गोवा में ईसाई हम कहानी को सेट कर सकते थे, लेकिन वह हिंदी फिल्मों में बहुत हो चुका था. हां , एंग्लो इंडियन परिवार ‘जूली’ या ‘बातों-बातों में’ के बाद नहीं देखा गया. मुझे लगा कि यह बिल्कुल सही होगा. सिर्फ किरदार ही नहीं, एंग्लो इंडियन का रहन-सहन, बोलने का टोन भी काफी अलग होता है. मुझे लगा यह सब पहलू फिल्म को और प्रभावी बनायेगा.

रीमा कागती : हमने ऊटी में शूटिंग की है और मुंबई में एक सेट बनाया है. 60 के दशक की वो एंग्लो इंडियन दुनिया पर्दे पर लाना सबसे मुश्किल टास्क था.

फिल्म के ट्रेलर को देखकर यह लग रहा है कि यह शहरों के युवाओं को ही अपील करेगी?

जोया अख्तर : यह एक आर्ची कॉमिक है. हम इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते. इसमें एक अखंडता है. आर्ची का देसी संस्करण पहले ही ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘कुछ-कुछ होता है’, ‘बॉबी’ जैसी फिल्मों के साथ बनाया जा चुका है. हम फिर से वो नहीं बना सकते थे.

रीमा कागती : हम कुछ अलग बनाना चाहते थे और वे मूल आर्ची कॉमिक दुनिया चाहते थे. हम इसमें कुछ भी नहीं जोड़ सके. हम अखंडता बरकरार रखना चाहते थे.

स्टार किड्स और आउटसाइडर किड्स में सबसे ज्यादा किसने प्रभावित किया?

जोया अख्तर : वह तय करना आपका काम है. हमारे लिए सभी ने आश्चर्यचकित करने वाले काम किया था.

रीमा कागती : युवा कलाकारों में सिर्फ एक्टर मिहिर आहूजा ने इस फिल्म से पहले कोई प्रोफेशनल काम किया था. सुहाना व खुशी ने एक्टिंग की पढ़ाई की है. सुहाना ने एक शॉर्ट फिल्म की है. फिल्म सेट पर इससे पहले मिहिर को छोड़ दें, तो किसी एक्टर ने भी कैमरे के सामने काम नहीं किया है. फिल्म के कुछ कलाकार तो सेट पर ही 18 साल के हुए हैं. सभी युवा कलाकारों ने अच्छा काम किया है.

क्या आपको नहीं लगा कि इस फिल्म को बड़े पर्दे पर रिलीज होना चाहिए?

जोया अख्तर : हां, इसे बड़े पर्दे पर रिलीज किया जाना चाहिए था, लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि इसे एक साथ 190 देशों में रिलीज किया जायेगा. आर्ची कॉमिक यूनिवर्सल है, इसलिए इसके दर्शक 190 देशों में हैं. मैं बताना चाहूंगी कि जब यह फिल्म कॉन्सेप्ट लेवल पर थी, तभी से तय था कि फिल्म नेटफ्लिक्स पर ही रिलीज होगी.

रीमा कागती : इस फिल्म का निर्माण ग्लोबल आइडिया के तहत हुआ है और हम ऐसी पहली भारतीय फिल्म बनाने के लिए उत्साहित हैं ,जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित होगी.

You May Like

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

अन्य खबरें