इस कास्टिंग डायरेक्टर ने 100 लड़कियों का ऑडिशन लिया, फिर बन गई उसी फिल्म की हीरोइन

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भूमि की दम लगा के हईशा फिल्म,  फोटो इंस्टाग्राम

भूमि की दम लगा के हईशा फिल्म, फोटो इंस्टाग्राम

यशराज फिल्म्स में 6 साल तक बतौर कास्टिंग असिस्टेंट काम करने वाली भूमि पेडनेकर जिस फिल्म के लिए 100 से ज्यादा लड़कियों का ऑडिशन ले रही थीं, किस्मत से उसी की लीड हीरोइन बन गईं. जानिए 'दम लगा के हईशा' से बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने वाली भूमि पेडनेकर की पर्दे के पीछे से स्टार बनने की दिलचस्प कहानी.

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Bhumi Pednekar: बॉलीवुड में कई कलाकारों की सफलता की कहानियां प्रेरणा देती हैं, लेकिन भूमि पेडनेकर की शुरुआत सबसे अलग मानी जाती है. आज वह इंडस्ट्री की बेहतरीन अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपने डेब्यू से पहले एक कास्टिंग असिस्टेंट के तौर पर काम किया था. दिलचस्प बात यह है कि जिस फिल्म के लिए वह दूसरी लड़कियों का ऑडिशन ले रही थीं, और फिर उसी फिल्म की हीरोइन बन गईं.

Casting Director at YRF for Six Years: छह साल तक यशराज फिल्म्स (YRF) में थी कास्टिंग डायरेक्टर 

भूमि पेडनेकर ने फिल्मों में आने से पहले करीब छह साल तक यशराज फिल्म्स (YRF) के कास्टिंग विभाग में काम किया. वह मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा (Shanoo Shrama) की असिस्टेंट थीं और नए कलाकारों के ऑडिशन लेने की जिम्मेदारी संभालती थीं. इसी दौरान निर्देशक शरत कटारिया (Sharat katariya) अपनी फिल्म 'दम लगा के हईशा' के लिए मुख्य अभिनेत्री की तलाश कर रहे थे.

इस किरदार के लिए 100 से ज्यादा लड़कियों का ऑडिशन लिया गया. इन ऑडिशन की प्रक्रिया में भूमि भी शामिल थीं और उन्होंने खुद कई लड़कियों का स्क्रीन टेस्ट लिया. लंबे समय तक सही चेहरे की तलाश जारी रही, लेकिन निर्देशक को ऐसा कलाकार नहीं मिल पाया जो किरदार के साथ पूरी तरह न्याय कर सके.

Bhumi Got Dum Laga Ke Haisa: दम लगा के हईशा में मिला रोल

शानू शर्मा ने भूमि को भी इस रोल के लिए एक मॉक ऑडिशन देने की सलाह दी. शुरुआत में भूमि ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन उनका ऑडिशन निर्देशक शरत कटारिया को काफी पसंद आया. इसके बाद कई राउंड के ऑडिशन हुए और आखिरकार वही लड़की चुनी गई, जो अब तक दूसरों का ऑडिशन ले रही थी.

'दम लगा के हईशा' में भूमि ने संध्या का किरदार निभाया, जो एक साधारण, पढ़ी-लिखी लेकिन अधिक वजन वाली लड़की होती है. इस किरदार को वास्तविक बनाने के लिए भूमि ने काफी मेहनत की. उन्होंने अपने वजन में 10 से 15 किलो तक की बढ़ोतरी की और हरिद्वार जाकर वहां की स्थानीय महिलाओं के रहन-सहन, पहनावे और बोलचाल को भी करीब से समझा. निर्देशक शरत कटारिया का मानना था कि उन्हें इस किरदार के लिए सिर्फ खूबसूरत चेहरा नहीं, बल्कि ऐसा कलाकार चाहिए था जो किरदार को पूरी ईमानदारी से जी सके.

Bhumi Did Excellent Films After Dum Laga Ke: दम लगा के हईशा के बाद मिलें कई शानदार फिल्में 

साल 2015 में रिलीज हुई 'दम लगा के हईशा' में भूमि पेडनेकर के साथ आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में नजर आए.  फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों का शानदार रिस्पॉन्स मिला. भूमि के अभिनय की भी जमकर तारीफ हुई और पहली ही फिल्म से उन्होंने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है.

इस फिल्म के बाद भूमि ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा', 'शुभ मंगल सावधान', 'बाला', 'सांड की आंख', 'बधाई दो' और 'भक्षक' जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अभिनय क्षमता साबित की. वह हमेशा ऐसे विषयों वाली फिल्मों को चुनने की कोशिश करती हैं, जिनमें समाज से जुड़ा कोई मजबूत संदेश हो.

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Asha Kumari

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