किशोर कुमार की 86वीं जयंती : रुक जाना नहीं तू कहीं हार के...
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Aug 2015 9:11 AM
04 अगस्त 1929-13 अक्तूबर 1987 किशोर कुमार को सिर्फ गायक मानना नादानी है. वह गायक, अभिनेता, गीतकार, संगीतकार व फिल्म निदेशक सब थे. फिल्म विद्या के हरफनमौला इनसान. यह हरफनमौलापन, जैक ऑफ ऑल ट्रेड्स एंड मास्टर ऑफ ऑल (सभी विद्या का मास्टर) का था. अपने सभी रूप व चरित्र में आभाष कुमार गांगुली उर्फ किशोर […]
04 अगस्त 1929-13 अक्तूबर 1987
किशोर कुमार को सिर्फ गायक मानना नादानी है. वह गायक, अभिनेता, गीतकार, संगीतकार व फिल्म निदेशक सब थे. फिल्म विद्या के हरफनमौला इनसान. यह हरफनमौलापन, जैक ऑफ ऑल ट्रेड्स एंड मास्टर ऑफ ऑल (सभी विद्या का मास्टर) का था.
अपने सभी रूप व चरित्र में आभाष कुमार गांगुली उर्फ किशोर कुमार हर दिल अजीज थे. बहुत कम लोग जानते हैं कि राजेश खन्ना-अमिताभ बच्चन अभिनित फिल्म आनंद में ऋषिकेश मुखर्जी राजेश खन्ना के बदले किशोर कुमार को लेना चाहते थे. फिल्म आनंद से परिचित हर सिने दर्शक यह जानता है कि राजेश खन्ना का चरित्र बेहद संजीदा व गंभीर अभिनय वाला था. इस रोल के लिए किशोर का चयन साबित करता है कि किशोर एक महान अभिनेता भी थे. पर इसे किशोर की बदकिस्मती कहें या फिर फिल्म जगत की कम नसीबी कि किशोर दा ने आनंद में काम करने से किसी कारणवश इनकार कर दिया था. इसके बाद ही राजेश खन्ना का चयन हुआ.
दरअसल इस बेहद ऊर्जावान गायक की सराहना इस रूप में भी होनी चाहिए की धोती के जमाने के इस शख्स ने अपनी शानदार गायिकी से रॉक एंड रोल वाली आधुनिक युवा पीढ़ी का भी नेतृत्व किया. पहले एसडी बर्मन की आवाज बनने वाले किशोर दा बाद में उनके बेटे राहुल देव बर्मन, लक्ष्मी कांत-प्यारे लाल, कल्याण जी-आनंद जी व राजेश रोशन सहित सभी समकालीन संगीतकारों की आवाज बने.
हर गीत को याद करना बेमानी होगा पर राहुल देव बर्मन का कंपोज किया गाना जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो मुकाम.., ये जो मोहब्बत है, ये उनका है काम…, आने वाला पल जानेवाला है.. व आशा भोंसले के साथ गाया पहली- पहली प्यार की मुलाकातें याद हैं.., लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीतबद्ध इम्तिहान का गीत रूक जाना नहीं तू कहीं हार के… व ड्रीम गर्ल ड्रीम गर्ल किसी शायर की गजल.., राजेश रोशन का कंपोज्ड भूल गया सब कुछ, याद नहीं अब कुछ.. तथा संगीतकार कल्याणजी आनंदजी का जिंदगी का सफर है ये कैसा सफर..व पल-पल दिल के पास तुम रहती हो..कालजयी है. दरअसल अपने फन से खुद को महान साबित करने वाले किशोर दा ने कई कलाकारों को सुपर स्टार बनाया. यह कोई छुपी बात नहीं है. देव आनंद, राजेश खन्ना व सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की यह आवाज थे. इन तीनों पर किसी और की आवाज उनकी अपनी नहीं लगती थी.
यही वजह रही कि कुछ क्षणिक अपवाद को छोड़ इन तीनों सुपर स्टार के साथ किशोर दा का बड़ा आत्मीय संबंध रहा था. किशोर दा के नाम का जिक्र होते ही देव आनंद के मुंह से अनायास निकल पड़ता था..फैंटास्टिक़..आठ फिल्म फेयर अवार्ड जीतने वाले इस हरफनमौला व हर दिल अजीज कलाकार को श्रद्धांजलि.
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