जन्मदिन: मीना कुमारी ने भी झेला था ''तीन तलाक'' और ''हलाला'' का दर्द
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Aug 2019 10:16 AM
बॉलीवुड की ‘ट्रेजेडी क्वीन’ मीना कुमारी का आज जन्मदिन है. उनका जन्म एक बहुत ही गरीब परिवार में 1 अगस्त 1932 को हुआ था. उनका व्यक्तित्व अद्भुत था. उनकी आवाज में अजीब सी कशिश थी और उनकी आंखें बोलती थीं. कहा जाता है कि उन्होंने एक्टिंग के लिए कभी गिल्सरीन का इस्तेमाल नहीं किया. उनकी […]
बॉलीवुड की ‘ट्रेजेडी क्वीन’ मीना कुमारी का आज जन्मदिन है. उनका जन्म एक बहुत ही गरीब परिवार में 1 अगस्त 1932 को हुआ था. उनका व्यक्तित्व अद्भुत था. उनकी आवाज में अजीब सी कशिश थी और उनकी आंखें बोलती थीं. कहा जाता है कि उन्होंने एक्टिंग के लिए कभी गिल्सरीन का इस्तेमाल नहीं किया. उनकी आंखों से बहते आंसू कई आंखों को नम कर जातेथे. कई लोगों का यह भी कहना है कि जिंदगी ने मीना कुमारी को इतने दर्द दिये कि वह ट्रेजेडी क्वीन बन गयीं. मीना कुमारी ‘तीन तलाक’ और ‘हलाला’ का दर्द भी झेल चुकी हैं.
अनाथालय के बाहर छोड़ आये थे माता-पिता
मीना कुमारी अपने माता-पिता इकबाल बेगम और अली बक्श की तीसरी बेटी थीं. बताया जाता है कि जब मीना कुमारी का जन्म हुआ, तो उनके माता-पिता काफी तंगी से गुजर रहे थे. इसी के चलते उनके पिता उन्हें जन्म के समय ही अनाथालय में छोड़ आए थे. हालांकि, कुछ घंटे बाद वह मीना कुमारी को लेकर वापस घर भी आ गये. उनके पिता अली बक्श फिल्मों में और पारसी रंगमंच के एक मंझे हुए कलाकार थे. उनकी मां प्रभावती देवी (बाद में इकबाल बानो) भी एक मशहूर नृत्यांगना थी.
फिल्मफेयर पानेवाली पहली अभिनेत्री
कहा जाता है कि मीना कुमारी स्कूल जाना चाहती थी लेकिन उनके पिता ने उन्हें बचपन से ही फिल्मी दुनिया में धकेल दिया. लेकिन महज 7 साल की मासूम उम्र में उन्हें फिल्मों में काम करना पड़ा और वे महजबीन से बेबी मीना बन गईं. वर्ष 1953 में फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीतने वाली मीना कुमारी पहली अभिनेत्री थी. उनके बेहतरीन अभिनय के लिए चार बार फिल्म फेयर के सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार से नवाज़ा गया. उन्होंने ‘परिणीता’ (1953) , ‘आजाद’ (1955), ‘एक ही रास्ता’ (1956), ‘मिस मैरी’ (1957), ‘शारदा’ (1957), ‘कोहिनूर’ (1960) और ‘दिल अपना और प्रीत पराई’ (1960), साहेब बीवी और गुलाम (1960), मैं चुप रहूंगी (1963), आरती (1963) से पहचान मिली.
‘तीन तलाक’ और ‘हलाला’ का दर्द झेल चुकी हैं
मीना कुमारी ने फिल्म ‘पाकीजा’ के निर्देशक कमाल अमरोही से निकाह किया था. एक बार कमाल अमरोही ने गुस्से में आकर मीना कुमारी को तीन बार ‘तलाक’ बोल दिया और दोनों का तलाक हो गया. बाद में कमाल अमरोही को अपने किये पर पछतावा हुआ और उन्होंने मीना कुमारी से दोबारा निकाह करना चाहा. लेकिन तब इस्लामी धर्म गुरुओं ने बताया था कि इसके लिए पहले मीना कुमारी को ‘हलाला’ करना पड़ेगा. तब कमाल अमरोही ने मीना कुमारी का निकाह अमान उल्ला खान (जीनत अमान के पिता) से करवाई थी. मीना कुमारी को अपने नये शौहर के साथ हमबिस्तर होना पड़ा था.
‘मुझमें और वेश्या में क्या फर्क रहा ?’
इसके बाद मीना कुमारी को नये शौहर ने तलाक दिया और फिर कमाल अमरोही ने दोबारा मीना कुमारी से निकाह किया. मीना कुमारी ने लिखा था,’ जब धर्म के नाम पर मुझे अपने जिस्म को किसी दूसरे मर्द को सौंपना पड़ा तो फिर मुझमें और वेश्या में क्या फर्क रहा ?’ इस घटना के बाद मीना कुमारी पूरी तरह से टूट गई थी और शराब पीने लगी थी. मानसिक तनाव और शराब उनकी मौत का कारण बनी.
शराब की लत
इसी बीच मीना कुमारी के जीवन में धर्मेंद्र आये, जो उनसे जूनियर थे. मीना कुमारी का उनसे जुड़ाव हो गया और वह उनसे प्रेम करने लगी और धर्मेंद्र के कैरियर को ऊंचाई पर ले जाने में काफी मदद की, लेकिन धर्मेंद्र ने उन्हें इस्तेमाल करके छोड़ दिया. धर्मेंद्र की इस बेवफाई से मीना कुमारी टूट गयीं और बहुत शराब पीने लगी. उन्हें नींद ना आने की बीमारी हो गयी थी, अत्यधिक शराब पीने के कारण अंतत: सिर्फ 39 साल की उम्र में 31 मार्च 1972 में उन्होंने हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










