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बालिका वधू सीरियल के डायरेक्टर सब्जी बेचने को मजबूर, अनूप सोनी ने जताया दुख, कहा- पूरी टीम मदद के लिए तैयार

By Prabhat Khabar Print Desk
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बालिका वधू’ के डायरेक्टर आजमगढ़ में बेच रहे सब्जी
बालिका वधू’ के डायरेक्टर आजमगढ़ में बेच रहे सब्जी
Prabhat khabar

नयी दिल्ली : समय और परिस्थितियां लोगों को कहां से कहां पहुंचा देती है. इसका हालिया उदाहरण बालिका वधू, कुछ तो लोग कहेंगे, सुजाता जैसे कई टीवी सीरियल के निदेशक रह चुके रामवृक्ष गौड़ हैं. मायानगरी मुंबई में करीब दो दशक के कठिन परिश्रम से अपनी पहचान बनाने वाले रामवृक्ष आजमगढ़ में सब्जी बेचने को मजबूर है. उनकी कहानी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. मार्च महीने में वे अपने परिवार के साथ गांव आये थे. गांव आने का मकसद एक फिल्म के लिए शूटिंग की योजना पर काम करना था, लेकिन इसी दौरान कोराेना के कारण देशव्यापी लॉकडाउन लग गया और प्रोजेक्ट पर ग्रहण लग गया.

पैसे की कमी के कारण प्रोड्यूसर ने प्रोजेक्ट काे एक साल के लिए टाल दिया. कोई काम नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा और परिवार की आजीविका के लिए मजबूरन सब्जी बेचने लगे. रामवृक्ष के पिता भी सब्जी बेचने के व्यवसाय से जुड़े थे और इस काम में वे उनकी मदद करते थे. इसलिए आर्थिक तंगी से निबटने के लिए उन्हें सब्जी बेचना सबसे मुफीद लगा.

18 साल पहले किया था मुंबई का रुख : करीब 18 साल पहले आजमगढ़ के अपने गांव से रामवृक्ष बेहतर जिंदगी की तलाश में अपने मित्र के साथ मुंबई गये थे, लेकिन आज फिर वे सब्जी बेचने काे मजबूर हैं. फिल्म इंडस्ट्री में खुद को स्थापित करने के पहले लाइट विभाग में काम किया. फिर टीवी प्रोडक्शन में काम किया और बाद में निर्देशन में हाथ आजमाया और इसी काम में खुद को स्थापित कर लिया और कई मशहूर सीरियल का निर्देशन कर अपना लोहा मनवाया.

यही नहीं रामवृक्ष ने राजपाल यादव, रणदीप हुड्डा, सुनील शेट्टी की फिल्मों के निर्देशकों के साथ सहायक निर्देशन के तौर पर काम किया. फिलहाल एक भोजपुरी और एक हिंदी फिल्म का प्रोजेक्ट रामवृक्ष के पास है, लेकिन अभी इन प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने में समय लगेगा. उनके पास मुंबई में अपना मकान हैं, लेकिन फिलहाल कोई काम नहीं होने के कारण सब्जी बेचने को विवश है. उन्हें उम्मीद है कि जीवन एक बार फिर पटरी पर आयेगी और वे मुंबई जाकर अपना काम शुरू कर पायेंगे.

इन धारावाहिकों का किया निर्देशन : बालिका वधू, इस प्यार को क्या नाम दूं, कुछ तो लोग कहेंगे, हमार सौतन हमार सहेली, झटपट चटपट, सलाम जिंदगी, हमारी देवरानी, थोड़ी खुशी थोड़ा गम, पूरब पश्चिम, जूनियर जी वगैरह.

मदद को तैयार बालिका वधू की टीम 

इधर, बालिका वधू के डायरेक्टर की बलहाली की खबर सोशल मीडिया पर वायरस होने के बाद बालिका वधू शो के लीड कलाकारों में से एक अनूप सोनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ये काफी दुख की बात है. बालिका वधू की पूरी टीम मदद करने के लिए तैयार है. टीम ने उनसे संपर्क भी किया है. साथ ही टीम उनकी अकाउंट डिटेल्स भी जानने की कोशिश कर रही है. जैसे ही उनकी अकाउंट डिटेल्स का पता चलेगा, हम उनकी मदद के लिए योगदान करेंगे.

Post by : Pritish sahay

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