राजस्थान में किसकी बनेगी सरकार? 74 फीसद मतदान के बाद कांग्रेस और बीजेपी के अपने-अपने दावे

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 26 Nov 2023 9:51 AM

विज्ञापन

Rajasthan Election 2023 : राजस्थान में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच नजर आई. दोनों ही दलों के नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी को जनादेश मिलने की उम्मीद जता रहे हैं. मतों की गिनती तीन दिसंबर को होगी जिसके बाद ही साफ होगा कि किसकी सरकार प्रदेश में बनेगी.

विज्ञापन

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 25 नवंबर को संपन्न हो चुका है. उम्मीदवारों की किस्मत इवीएम में कैद हो चुकी है. अब बस लोगों को इंतजार तीन दिसंबर का है जब वोटों की गिनती की जाएगी. भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार राजस्थान में 74.13% मतदान दर्ज किया गया है. आपको बता दें कि राजस्थान में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टी को जनादेश मिलने की उम्मीद जताई है. प्रदेश के ट्रेंड की बात करें तो यहां जनता हर पांच साल में सरकार बदल देती है लेकिन इस बार कांग्रेस को उम्मीद है कि सीएम अशोक गहलोत के द्वारा जनता के लिए किये गये कामों का लाभ पार्टी को मिलेगा और ट्रेंड इस बार चेंज होगा. यानी एक बार फिर सूबे में कांग्रेस की सरकार बनेगी. इस बीच आइए जानते हैं किस पार्टी के नेता ने क्या कहा…

-कांग्रेस नेता और प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ कोई सत्ता विरोधी लहर नहीं है और हमारी पार्टी राजस्थान में फिर से सरकार बनाएगी. ऐसा लगता है कि कोई ‘अंडरकरंट’ है. ऐसा लगता है कि कांग्रेस की वापसी प्रदेश में हो जाएगी.

-राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में मीडिया से बात की और अशोक गहलोत के ‘अंडरकरंट’ वाले बयान पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि मैं उनसे सहमत हूं…वास्तव में एक ‘अंडरकरंट’ है लेकिन यह हमारे पक्ष में है. यानी बीजेपी के पक्ष में… तीन दिसंबर को कमल खिलेगा.

undefined

-केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि बीजेपी भारी बहुमत के साथ सत्ता में आ रही है. इस बार लोगों ने कांग्रेस के पांच साल के शासन के दौरान महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध, पेपर लीक और भ्रष्टाचार को ध्यान में रखकर वोट किया है.

Also Read: राजस्थान चुनाव: सचिन पायलट और अशोक गहलोत विवाद के बाद गुर्जर समुदाय ने बढ़ा दी कांग्रेस की टेंशन

-कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मतदान करने के बाद कहा कि 2018 के चुनाव में हमारे पास चुनौतियां ज्यादा थीं. केवल 21 सीट थी, लड़े और 5 गुना सीटें बढने में कामयाब हुए. तब हम विपक्ष में थे, लेकिन हमने लोगों का विश्वास जीतने का काम किया. इस बार हम सरकार में थे, हमारे पास प्लेटफॉर्म था, इस वजह से हम डिलीवर करने में कामयाब रहे है. उन्होंने कहा कि मुझे लगता है, हम बहुमत लाएंगे और इस बार ट्रेंड बदलेगा. कांग्रेस की सत्ता में वापसी होगी क्योंकि बीजेपी के कैम्पेन में दम नहीं था.

undefined

आपको बता दें कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राज्य में कुल मतदान प्रतिशत लगभग 74.06 प्रतिशत रहा था. 2018 में 200 सदस्यीय सदन में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं जबकि बीजेपी 73 सीट पर सिमट गयी थी. अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने निर्दलीय और बसपा के समर्थन से सरकार बनाई थी और सूबे की कमान अशोक गहलोत के हाथों में दी गयी थी.

Also Read: Rajasthan Election : ‘पुरानी बातें भूल जाइए’, सचिन पायलट की अपील को अशोक गहलोत ने किया शेयर

क्या है राजस्थान का ट्रेंड

पिछले छह विधानसभा चुनाव का इतिहास को उठाकर देख लें तो राजस्थान का ट्रेंड समझ में आ जाता है. जनता हर साल सरकार बदल देती है.

1. अशोक गहलोत (कांग्रेस)-17 दिसंबर 2018 से अबक

2. वसुंधरा राजे सिंधिया(बीजेपी)-13 दिसंबर 2013 से 16 दिसंबर 2018

3. अशोक गहलोत (कांग्रेस)-12 दिसंबर 2008 से 13 दिसंबर 2013

4. वसुंधरा राजे सिंधिया (बीजेपी)-08 दिसंबर 2003 से 11 दिसंबर 2008

5. अशोक गहलोत(कांग्रेस)-01 दिसंबर 1998 से 08 दिसंबर 2003

6. भैरों सिंह शेखावत(बीजेपी)-04 दिसंबर 1993 से 29 नवंबर 1998

विज्ञापन
Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola