Lok Sabha Election 2024 : कोई मतदाता छूटे ना, क्रम मतदान का टूटे ना- जानिए इसके लिए मतदानकर्मी कैसे करते हैं तैयारी?

Updated:
विज्ञापन
Lok Sabha Election 2024 : कोई मतदाता छूटे ना, क्रम मतदान का टूटे ना- जानिए इसके लिए मतदानकर्मी कैसे करते हैं तैयारी?

Lok Sabha Election 2024 : लोकतंत्र का महापर्व भली भांति संपन्न हो इसके लिए चुनाव आयोग और मतदान कर्मी बहुत मेहनत करते हैं.

विज्ञापन

Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 के लिए पहले चरण का मतदान कल होना है और चुनाव आयोग ने स्लोगन दिया है-कोई मतदाता छूटे ना, क्रम मतदान का टूटे ना. इस आयोजन को सफल बनाने के लिए चुनाव आयोग काफी पहले से तैयारी करता है और मतदानकर्मी उन तैयारियों को सफल बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं. चुनाव आयोग ने पहले चरण के मतदान को लेकर कुछ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए हैं, जिनसे हमें मतदानकर्मियों के संघर्ष और उनकी जीवटता का अंदाजा होता है और यह भी पता चलता है कि किस प्रकार वे लोकतंत्र के इस महापर्व को सेलिब्रेट करते हैं.

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार जारी किया वीडियो मैसेज

चुनाव आयोग की तरफ से मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने एक वीडियो मैसेज के जरिए मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रेरित किया है. उन्होंने कहा कि चुनाव का पर्व देश का गर्व है. आप इस बात को साबित करें और अपने मताधिकार का प्रयोग करके लोकतंत्र को सफल बनाएं. मतदाताओं को जागरूक करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान ने हर नागरिक को एक वोट का अधिकार दिया है, आप इसका उपयोग करें. आपका वोट अनमोल है, उसे किसी भी तरह कम ना समझें. वोट जरूर करें.

दुर्गम इलाकों तक पहुंचते हैं मतदानकर्मी

चुनाव आयोग ने एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें मतदानकर्मी बोट पर नजर आ रहे हैं और उसमें सूचना यह दी गई है कि 19 अप्रैल को प्रथम चरण के मतदान के लिए मध्यप्रदेश में बरगी विधानसभा क्षेत्र के डूब प्रभावित ग्राम कठौतिया के मतदान केंद्र संख्या 261 पर पहुंचने के लिए कर्मी बोट से रवाना हुए. वीडियो में आठ-दस मतदानकर्मी नजर आ रहे हैं. वहीं दूसरा वीडियो अरुणाचल का है, जिसमें मतदानकर्मी दुर्गम हेयो इलाके में पहुंचने के लिए हैंगिंग ब्रिज के सहारे जा रही है. मिजोरम में भी कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिल रहा है, जहां मतदानकर्मी दुर्गम इलाके तक लड़की के पुल और नाव के सहारे जा रहे हैं, ताकि वोटर आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें.

महिला मतदानकर्मी भी मुस्तैद

मतदान को सफल बनाने के लिए ना सिर्फ पुरुष मतदानकर्मी अपनी भागीदारी दे रहे हैं, बल्कि महिला मतदानकर्मी भी इसमें बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं. मध्यप्रदेश से जो तस्वीर निकल कर सामने आई है, उसमें कई युवा महिला मतदानकर्मी अपनी ड्‌यूटी पर सहर्ष जाती नजर आ रही हैं. वहीं कई मतदानकर्मी पारंपरिक वेशभूषा में चुनाव ड्‌यूटी पर जाते नजर आ रहे हैं. लोकतंत्र के महापर्व को संपन्न कराने के लिए मतदानकर्मी जिस एकजुटता का परिचय दे रहे हैं वो सचमुच गर्व का विषय है. चुनाव आयोग की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है जो मतदानकर्मियों को ट्रेनिंग देने और उन्हें मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था करता है.

Also Read : Lok Sabha Election 2024 : पहले चरण का मतदान कल, 102 सीटों पर 16.63 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट, ये हैं हाॅट सीट

विज्ञापन
रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola